चित्रकूट में रोजगार का संकट, काम की तलाश में सुबह से खड़े रहते हैं मजदूर
चित्रकूट जिले के कर्वी स्थित धनुष चौराहे से बेरोजगारी की एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। यहां सुबह होते ही मजदूर, बेरोजगार युवक, बुजुर्ग और महिलाएं रोजगार की तलाश में पहुंच जाते हैं। लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी जब काम नहीं मिलता, तो उन्हें मायूस होकर खाली हाथ घर लौटना पड़ता है।
मजदूरों का कहना है कि महीने में महज चार से पांच दिन ही काम मिल पाता है। ऐसे में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
मजदूरों ने सरकार से मांग की है कि चित्रकूट में फैक्ट्रियां और उद्योग स्थापित किए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों को नियमित रोजगार मिल सके और उन्हें काम की तलाश में दर-दर भटकना न पड़े।
अब सवाल यह है कि आखिर कब चित्रकूट के इन जरूरतमंद मजदूरों को अपने ही जिले में पर्याप्त रोजगार मिलेगा? क्या सरकार इनकी आवाज सुनेगी और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगी?
दिनेश सिंह कुशवाहा, डेली 24 भारत, चित्रकूट।
Karwi, Chitrakoot | Oct 13, 2026