खण्ड स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता का हुआ भव्य समापन
बल्लभगढ़ : राजकीय माध्यमिक विद्यालय, प्रहलादपुर (माजरा डीग) में संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित खण्ड स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता का आयोजन संस्कृत आयाम के सौजन्य से स्वर्गीय डॉ. रुद्रदत्त शास्त्री की स्मृति में किया गया। प्रतियोगिता में खण्ड के विभिन्न विद्यालयों से कक्षा छठी से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा श्लोकोच्चारण, गीतिका, लघु नाटिका एवं भाषण के माध्यम से संस्कृत भाषा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के संयोजक सेवानिवृत्त प्रवक्ता इंद्रसैन शास्त्री रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रवक्ता गीता आर्या ने की। मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्गीय डॉ. रुद्रदत्त शास्त्री की धर्मपत्नी श्रीमती वीनू शर्मा उपस्थित रहीं। इस अवसर पर सुशील यादव शास्त्री, महेंद्र शर्मा शास्त्री, प्रो. जोरावर सिंह शास्त्री (नेहरू कॉलेज), राकेश शास्त्री, पुरुषोत्तम शास्त्री सहित अनेक संस्कृत विद्वान विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में भागीरथ शास्त्री, सुंदर भड़ाना, मोहन शास्त्री, देवराज शास्त्री, वीरेंद्र लाम्बा, रेखा गोहली एवं सुषमा रानी ने निर्णायक मंडल के रूप में छात्र-छात्राओं की प्रतिभा का मूल्यांकन किया।
श्लोकोच्चारण में प्रियांशी ने प्रथम, रुचिका ने द्वितीय, और दिव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। गीतिका में सुहाना ने प्रथम, तनिष्का ने द्वितीय, और हेमा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
लघु नाटिका (संवाद) में हर्षिता, आकांक्षा, अंकिता एवं हितांशी ने प्रथम, सुमन, तानिष एवं रुचिका ने द्वितीय, प्राची एवं संध्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण में सुमन ने प्रथम, कंचन ने द्वितीय, श्वेता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम का मंच संचालन संस्कृत आयाम के जिला महामंत्री सोमदत्त शास्त्री ने किया। उन्होंने संस्कृत भाषा के महत्व एवं उसके उचित स्थान के बारे में उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया। विद्यालय के मुख्याध्यापक रविकांत गुप्ता ने सभी विद्वान अतिथियों एवं विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं का चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया।
प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति-पत्र, मेडल एवं शील्ड देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के संयोजक इंद्रसैन शास्त्री ने संस्कृत को आधुनिक युग की आवश्यकता बताते हुए इसे संस्कारों की भाषा बताया।
इस अवसर पर संस्कृत आयाम के जिला अध्यक्ष रघु शास्त्री, प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार, मुख्याध्यापक समर देशवाल, ओमपाल शास्त्री, धर्मवीर शर्मा, राकेश कुमार सहित अनेक शिक्षक एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।