शराब छोड़ने की शर्त पर पति के साथ परिवार बचाना चाहती हूं, शिक्षिका ने आरोपों को बताया निराधार,बोली पति शराबी है
छतरपुर। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को लेकर शिक्षिका आरती अहिरवार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वह अपने पति से अलग नहीं होना चाहतीं और परिवार को बचाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी नौकरी विवाह के बाद लगी है और यदि वह चाहतीं तो पहले ही पति से अलग हो सकती थीं, लेकिन उनके लिए बच्चों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि वह पति और बच्चों के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहती हैं, लेकिन इसके लिए पति को शराब की लत छोड़नी होगी।
आरती अहिरवार के अनुसार उनका विवाह पंकज अहिरवार निवासी महोबा के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और बीए की शिक्षा पूरी की। इसी दौरान उनके पति के अत्यधिक शराब पीने के कारण परिवार के भरण-पोषण में परेशानी आने लगी। आरती ने बताया कि उन्होंने मायके पक्ष के सहयोग से दिन-रात मेहनत कर पढ़ाई की और वर्ष 2024 में वर्ग-1 की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छतरपुर के उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि पति शराब छोड़ दें और परिवार की स्थिति सुधरे, इसी उम्मीद से वह पति और बच्चों के साथ छतरपुर में जवाहर रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के पास किराए के मकान में रह रही थीं। उनका उद्देश्य था कि पति भी छतरपुर में रहकर कोई काम करें और दोनों मिलकर बच्चों का भविष्य बेहतर बना सकें।
घटना को लेकर आरती ने बताया कि घटना की रात उनके पति शराब के नशे में घर लौट रहे थे। घर के पास उनकी बाइक फिसल गई, जिससे उन्हें मामूली चोट आई। मकान मालिक उन्हें उठाकर घर लेकर आए। आरती के मुताबिक अगले दिन सुबह भी पति ने शराब पी ली और बारिश के बीच घर में विवाद करने लगे। आरोप है कि वह बच्चों को जबरदस्ती अपने साथ ले जाने लगे। इसी दौरान बच्चों को छुड़ाने की कोशिश में वह लकड़ी की ऊंची टेबल पर गिर पड़े, जिससे उन्हें मामूली चोट आई और बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन उन्होंने इस मामले को आपस में समझ कर नहीं दूसरों के कहने पर परिवार के विवाद को तूल दिया और बड़ा चढ़ाकर उसे पेश किया मेरे पति को समझना चाहिए की मुझसे और बच्चों से ही जीवन कटना है किसी के कहने पर विवाद करना ठीक नहीं, बाकी वह समझदार है।
आरती ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके ससुराल पक्ष के लोग भी पति की शराब की आदत और कामकाज नहीं करने को लेकर उनसे आए दिन विवाद करते थे। उनका कहना है कि उन्होंने नौकरी इसलिए हासिल की ताकि परिवार को आर्थिक मजबूती मिल सके और पति को भी छतरपुर में रखकर कोई काम शुरू कराया जा सके। मेरे पति ने कहा कि मैं कभी शराब नहीं पीता तो उसका प्रमाण वीडियो है मैं सोच रही थी कि घर का मामला है घर में ही सुलझ जाए लेकिन जब उन्होंने यह बयान बाजी दी तो मुझे मजबूरन मीडिया के सामने उनकी शराब पीते नशे में धुत की वीडियो देनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि सास-ससुर भी पति की आदतों को लेकर उन्हें ताने देते हैं। पति का अपने माता-पिता के प्रति मोह अधिक है और होना भी चाहिए क्योंकि भाई मेरे भी माता-पिता है लेकिन अपनी पत्नी और बच्चों को भी समझना चाहिए और वह शराब पीना नहीं छोड़ रहे हैं, जिसके कारण घर में आए दिन विवाद की स्थिति बनती है।
शिक्षिका ने कहा कि वह आज भी परिवार बचाना चाहती हैं। उन्होंने कहा, “मैं अपने पति के साथ रहना चाहती हूं, लेकिन वह शराब पीना बंद करें। मैं नहीं चाहती कि मेरा परिवार टूटे। मेरे बच्चे हैं और मैं उनके भविष्य को खराब नहीं करना चाहती।”
आरती ने यह भी आरोप लगाया कि शराब के नशे में उनके पति पहले उनके विद्यालय तक पहुंचकर विवाद की स्थिति पैदा कर चुके हैं। उनके मुताबिक ऐसी घटनाओं के विद्यालय में भी प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वह शिक्षिका हैं और इस तरह के विवादों से उनकी सामाजिक और व्यावसायिक छवि प्रभावित हो रही है।
शिक्षिका ने कहा कि पारिवारिक विवाद को घर के स्तर पर ही शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की जरूरत है। उनका कहना है कि कुछ लोग परिवार को तोड़ना चाहते हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता अपने पति और बच्चों के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीना और बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है।