🚨 अंधविश्वास ने ली एक और जान? सांप के डसने के बाद अस्पताल की जगह झाड़-फूंक में बीता वक्त, गर्भवती महिला की मौत
📍 कमलीखेड़ा | बारा सगवर | उन्नाव
उन्नाव में सांप के डसने के बाद समय पर उचित इलाज न मिल पाने से एक गर्भवती महिला की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार, महिला की डिलीवरी की संभावित तारीख 20 अगस्त थी।
🐍 सांप ने डसा, अस्पताल से घर लाए
कमलीखेड़ा गांव निवासी अन्नू देवी को घर में सोते समय सांप ने डस लिया। परिजन उन्हें पहले बीघापुर ले गए, जहां से गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया।
परिजनों का कहना है कि शुरुआती जांच के बाद उन्हें बताया गया कि जहर ज्यादा नहीं फैला है। इसके बाद महिला को घर वापस ले आया गया।
⚠️ हालत बिगड़ी तो अस्पताल के बजाय झाड़-फूंक!
घर पहुंचने के बाद अन्नू की हालत फिर बिगड़ने लगी। परिजनों के अनुसार, इसके बाद रिश्तेदार की सलाह पर उन्हें खपरा ले जाया गया, जहां झाड़-फूंक कराने और दवा देने का प्रयास किया गया।
लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
🚑 अस्पताल ले जाते समय मौत
बाद में महिला को अचलगंज में दिखाया गया, जहां से गंभीर हालत में रायबरेली स्थित एम्स के लिए रेफर किया गया। परिजन उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
💔 डिलीवरी की तारीख करीब थी...
अन्नू की डिलीवरी की संभावित तारीख 20 अगस्त बताई गई थी। उनकी शादी 18 अप्रैल 2025 को संतोष कुमार से हुई थी। महिला की मौत से परिवार में मातम छा गया।
❓ सबसे बड़ा सवाल—इलाज में देरी क्यों?
सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक और घरेलू उपचार पर समय गंवाना कितना भारी पड़ सकता है, यह घटना एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल या सक्षम चिकित्सा केंद्र पहुंचना जरूरी है। एंटी-स्नेक वेनम सहित आवश्यक उपचार चिकित्सा व्यवस्था में ही उपलब्ध होता है।
⚠️ अंधविश्वास इलाज का विकल्प नहीं है। सर्पदंश में हर मिनट कीमती हो सकता है।
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