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Xpose Live 24 News

@atulsrivastava
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🚨 गंगा में मिला इकलौते बेटे का शव, अब पिता ने खोला हत्या का मोर्चा! संपत्ति विवाद में अपहरण कर सुनियोजित हत्या का आरोप, 4 नामजद समेत 6 के खिलाफ तहरीर

💔 उन्नाव | सफीपुर | फतेहपुर चौरासी

दो दिन तक गंगा की लहरों में बेटे की तलाश... 6 किलोमीटर दूर मिला शव... और अब पिता ने इसे महज हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की साजिश का गंभीर आरोप लगाया है।

सफीपुर नगर के युवा व्यवसायी तरुष गौड़ की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। मृतक के पिता और जूता-चप्पल कारोबारी पप्पू गौड़ ने संपत्ति विवाद को मौत की वजह बताते हुए अपहरण कर सुनियोजित ढंग से हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने थाना प्रभारी फतेहपुर चौरासी को चार नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।

🚘 शुक्रवार शाम कार समेत गंगा में समाया था तरुष

शुक्रवार शाम करीब 7 बजे तरुष अपने चालक विजय शंकर के साथ कार से शिवराजपुर जा रहा था। काली मिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पर हिंदूपुर कटान के पास कार अनियंत्रित होकर गंगा नदी में गिर गई।

हादसे में चालक विजय शंकर तैरकर बाहर निकल आया, लेकिन तरुष लापता हो गया। पुलिस और SDRF ने लगातार दो दिनों तक नदी में तलाश अभियान चलाया।

🌊 6 किलोमीटर दूर मिला इकलौते बेटे का शव

रविवार सुबह घटनास्थल से करीब 6 किलोमीटर दूर बंदी माता घाट के पास नदी में तरुष का शव उतराता मिला। पुलिस ने शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिस कार में तरुष सवार था, उसका पता नहीं चल सका।

⚖️ पिता का गंभीर आरोप: संपत्ति विवाद में रची गई साजिश!

बेटे की मौत के बाद पिता पप्पू गौड़ ने गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सामान्य सड़क हादसा मानने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि संपत्ति विवाद के चलते तरुष का अपहरण कर सुनियोजित तरीके से हत्या की गई।

इसी आरोप के आधार पर उन्होंने चार नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, तहरीर में लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपितों की भूमिका और घटना के पीछे की वास्तविक वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी
📍 सफीपुर | उन्नाव

UNNAO EXPRESS | खबर वही, जो सवाल उठाए।

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🚨 उन्नाव में दो समुदायों के बीच जमकर मारपीट! पाडन खेड़ा में बवाल का वीडियो वायरल, कई लोगों के घायल होने की खबर

📍 पडरी कला, पाडन खेड़ा | थाना अचलगंज | UNNAO EXPRESS

उन्नाव के अचलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पडरी कला के मजरा पाडन खेड़ा में यादव और गौतम समुदाय के लोगों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

🔴 मारपीट में कई लोगों के घायल होने की सूचना!

बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि घायलों की संख्या और विवाद की असली वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

🚔 पुलिस ने दिए जांच के आदेश

वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि विवाद किस बात पर शुरू हुआ और घटना में कौन-कौन शामिल था।

❓ सवाल—गांव में विवाद की वजह क्या थी और मारपीट करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?

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🚨 नवाबगंज में खाद्य विभाग का ताबड़तोड़ छापा! वायरल वीडियो के बाद जागे अधिकारी, दो दर्जन से अधिक दुकानों पर जांच

दुकानों पर लटके ताले, कई दुकानदार गायब! 😳

📍 उन्नाव | नवाबगंज

मिलावटी खाद्य पदार्थों से जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की दो टीमों ने नवाबगंज में ताबड़तोड़ निरीक्षण किया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी उन्नाव के नेतृत्व में करीब आधा दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की।

🛑 तेल, रिफाइंड, चना दाल और आटे की जांच

कार्रवाई के दौरान खाद्य तेल, रिफाइंड, चना दाल और अन्य खाद्यान्न वस्तुओं के नमूने लिए गए।

⚠️ छापेमारी की भनक लगते ही बाजार में खलबली!

टीम के पहुंचते ही कई खाद्यान्न कारोबारियों ने आनन-फानन में दुकानें बंद कर दीं। कुछ दुकानों पर ताले लटके मिले तो कई दुकानदार मौके से गायब हो गए।

❓ अब बड़ा सवाल—
क्या जांच रिपोर्ट में मिलावट का खुलासा होगा?
क्या मिलावटखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई या मामला सिर्फ सैंपलिंग तक सीमित रह जाएगा?

📢 आपके इलाके में भी मिलावटी खाद्य पदार्थ बिक रहे हैं? अपनी राय कमेंट में बताएं।

📰 UNNAO EXPRESS
खबर वही, जो असर करे!

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Keywords: नवाबगंज खाद्य विभाग छापेमारी, उन्नाव मिलावटखोरी, खाद्य सुरक्षा विभाग, फूड सैंपलिंग, नवाबगंज वायरल वीडियो
<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> 🚨 मिलावटी खाद्य पदार्थों के वीडियो वायरल होने के बाद नवाबगंज में खाद्य विभाग का छापा! आधा दर्जन प्रतिष्ठानों पर छापेमारी से मचा हड़कंप

तेल और आटा चक्कियों पर पहुंची गैर जनपदीय टीम, दो महिलाओं समेत पांच सदस्यीय टीम ने चना दाल, रिफाइंड और खाद्य तेल के नमूने लिए; जांच रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई

उन्नाव | नवाबगंज।

कस्बे में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर वायरल हो रहे वीडियो के बाद आखिरकार खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आ गया। नवाबगंज में खाद्य विभाग की गैर जनपदीय टीम ने अचानक छापेमारी कर खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया। टीम की कार्रवाई की खबर फैलते ही कस्बे के व्यापारियों में खलबली मच गई।

जानकारी के मुताबिक, दो महिलाओं समेत पांच सदस्यों वाली टीम ने नवाबगंज नगर में करीब आधा दर्जन खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मुख्य रूप से खाद्य तेल विक्रेताओं और आटा चक्कियों को निशाने पर रखा गया। टीम ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों से खाद्य तेल, रिफाइंड और चना दाल समेत कई खाद्य वस्तुओं के नमूने संग्रहित किए।

वायरल वीडियो के बाद विभाग की कार्रवाई पर नजर

बताया जा रहा है कि क्षेत्र में मिलावटी तेल और खाद्यान्न वस्तुओं से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। इन वीडियो के सामने आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आम लोगों की सेहत को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसी के बाद गैर जनपदीय अधिकारियों की टीम ने नवाबगंज पहुंचकर प्रतिष्ठानों की जांच और सैंपलिंग की कार्रवाई की।

अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट खोलेगी राज!

छापेमारी के दौरान लिए गए नमूनों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। यदि जांच में मिलावट या मानकों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में उठाए गए सवालों की जांच कितनी गंभीरता से होगी और क्या खाद्य विभाग की यह कार्रवाई सिर्फ नमूने लेने तक सीमित रहेगी या मिलावटखोरों पर भी शिकंजा कसेगा?

UNNAO EXPRESS | उन्नाव की हर खबर पर नजर

संपादकीय तथ्य-जांच नोट: इंटरनेट पर उन्नाव में 1 नवंबर 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग की अन्य छापेमारी की खबरें भी मिली हैं, जिनमें नमूने लेने और खाद्य सामग्री नष्ट कराने की कार्रवाई का उल्लेख है। महानगर स्तंभ - उत्तर, राज्य +1 लेकिन नवाबगंज की इस पांच सदस्यीय टीम वाली कार्रवाई और वायरल वीडियो से उसके सीधे संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली। इसलिए खबर में इसे उपलब्ध स्थानीय जानकारी के आधार पर लिखा गया है, न कि मिलावट साबित होने के रूप में।

सोशल मीडिया के लिए हेडलाइन:

🚨 नवाबगंज में खाद्य विभाग का छापा! वायरल वीडियो के बाद जागे अधिकारी, आधा दर्जन दुकानों से लिए सैंपल... अब जांच रिपोर्ट का इंतजार!

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💔 “बच्चों के लिए यूनिवर्सिटी बनाई, स्कूल बनाया... बदले में मिला जेल और मुकदमे!” आजम खां का दर्द छलका, रिहाई के दरवाजे पर फिर ED की दस्तक

🚨 रामपुर | उत्तर प्रदेश

जिस रिहाई का इंतजार था, वह भी ज्यादा देर की राहत नहीं दे सकी! करीब 11 महीने जेल में रहने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां शनिवार को रामपुर जेल से बाहर आए, लेकिन बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने उनके लिए एक नया कानूनी मोर्चा खोल दिया।

🎥 मीडिया के सामने आजम खां का दर्द!

जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में आजम खां ने अपनी तकलीफ जाहिर की। उन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी, बच्चों के लिए शिक्षा के इंतजाम और अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि अब कहने के लिए बचा ही क्या है।

उनके बयान में एक ऐसे व्यक्ति की पीड़ा झलकती दिखी, जो अपने ऊपर लगे आरोपों और लगातार चल रही कानूनी कार्रवाई के बीच अपनी बात रखना चाहता है।

आजम खां ने अपनी कार्रवाई को मुसलमान होने की सजा बताया। यह उनका व्यक्तिगत आरोप और राजनीतिक बयान है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

⚖️ रिहाई के बाद फिर ED की कार्रवाई

दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खां की रिहाई हुई थी। लेकिन जेल के बाहर मौजूद ED की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। एजेंसी जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। ED के अनुसार, मामले में कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान की गई है। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है।

💬 सवाल जो व्यवस्था से भी है और समाज से भी!

क्या शिक्षा संस्थान बनाना किसी व्यक्ति के संघर्ष की पूरी कहानी हो सकती है? क्या जांच एजेंसियों की कार्रवाई और किसी आरोपी का दर्द, दोनों को निष्पक्षता से सुनने की जरूरत नहीं है?

आजम खां के लिए यह सिर्फ एक कानूनी घटनाक्रम नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे संघर्ष का नया अध्याय है।

जमानत मिली तो नई हिरासत सामने आ गई... आखिर इस कानूनी लड़ाई का अंत कब और कैसे होगा?

📍 रामपुर, उत्तर प्रदेश

🎥 वीडियो में सुनिए आजम खां ने मीडिया के सामने क्या कहा।

UNNAO EXPRESS | खबर वही, जो सवाल उठाए।

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बड़ी खबर | यूपी एसटीएफ रिपोर्ट

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> KGMU में धर्मांतरण के कथित नेटवर्क पर STF का बड़ा खुलासा! 12 डॉक्टर-कर्मचारी रडार पर, सीनियर प्रोफेसरों की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कथित धर्मांतरण और लव जिहाद के आरोपों ने अब तूल पकड़ लिया है। यूपी एसटीएफ की जांच रिपोर्ट ने विश्वविद्यालय के भीतर चल रही गतिविधियों और कुछ वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्रवाई की तैयारी की चर्चा है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला कथित धर्मांतरण, महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न और संस्थान के भीतर सक्रिय बताए जा रहे नेटवर्क से जुड़ा है। यूपी एसटीएफ की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर शासन तक हलचल तेज होने की संभावना है।

मामले की शुरुआत उत्तर प्रदेश यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवम श्रीवास्तव की शिकायत से हुई थी। शिकायत में KGMU परिसर में कथित धर्मांतरण और लव जिहाद से जुड़ी गतिविधियों की जांच कराने की मांग की गई थी। शासन के निर्देश पर एसटीएफ मुख्यालय ने मामले की जांच कराई। 25 अगस्त 2026 को अपर मुख्य सचिव (गृह), उत्तर प्रदेश शासन को भेजे गए पत्र में जांच से जुड़े गंभीर तथ्य सामने रखे गए हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> 12 लोगों की भूमिका संदिग्ध, डॉक्टरों से लेकर कर्मचारियों तक पर नजर!

बताई जा रही जांच रिपोर्ट के अनुसार, कथित नेटवर्क में करीब 12 लोगों की भूमिका आरोपी अथवा संदिग्ध के रूप में सामने आई है। इनमें वरिष्ठ प्रोफेसर, डॉक्टर और अन्य कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट में 'इस्लामिक मेडिकोज' नामक समूह से जुड़े डॉक्टरों का भी उल्लेख होने की बात कही गई है।

हालांकि, किसी व्यक्ति का नाम रिपोर्ट में आने या भूमिका संदिग्ध बताए जाने का अर्थ अपराध साबित होना नहीं है। संबंधित लोगों के खिलाफ आरोपों की स्वतंत्र जांच और कानूनी प्रक्रिया जरूरी है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> दो FIR का भी रिपोर्ट में जिक्र

एसटीएफ की रिपोर्ट में दिसंबर 2025 के दो मामलों का उल्लेख किया गया है।

\- 23 दिसंबर 2025: KGMU की पैथोलॉजी विभाग की रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. देवयानी मिश्रा की तहरीर पर चौक कोतवाली में मुकदमा संख्या 302/25 दर्ज होने का उल्लेख है। इसमें रेजिडेंट डॉक्टर समीर मलिक के खिलाफ धर्मांतरण प्रतिषेध कानून समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

\- 29 दिसंबर 2025: KGMU की नर्सिंग स्टाफ माविया की तहरीर पर केसवरबाग थाने में मुकदमा संख्या 218/25 दर्ज होने का उल्लेख है। इसमें मोहम्मद आदिल के खिलाफ भी संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की बात कही गई है।

एसटीएफ के पत्र के मुताबिक, दोनों मामले संबंधित थानों में विवेचनाधीन थे।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> सबसे गंभीर सवाल: क्या संस्थान के भीतर शिकायतों को दबाया गया?

एसटीएफ की रिपोर्ट का सबसे गंभीर हिस्सा वह है, जिसमें कथित तौर पर विभागीय स्तर पर संरक्षण दिए जाने और महिला कर्मचारियों के शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न के आरोपों का उल्लेख है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि कोई महिला कर्मचारी कथित अनुचित संबंधों या व्यवहार का विरोध करती है, तो उसके करियर को नुकसान पहुंचाने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने अथवा नौकरी से निकलवाने की धमकी दिए जाने जैसी परिस्थितियों की शिकायतें सामने आई हैं।

यह आरोप यदि जांच में सही पाए जाते हैं तो सवाल सिर्फ कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संस्थान की जवाबदेही और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> अब शासन की अग्निपरीक्षा!

एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या चिकित्सा शिक्षा विभाग निष्पक्ष जांच कराएगा? क्या कथित संरक्षण देने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी? क्या शिकायत करने वाली महिलाओं को सुरक्षा और न्याय मिलेगा?

KGMU जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में यदि इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो उन्हें महज आंतरिक विवाद बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सवाल सीधा है—क्या चिकित्सा के मंदिर में उठे इन गंभीर आरोपों पर निष्पक्ष कार्रवाई होगी या प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों के सामने जांच भी कमजोर पड़ जाएगी?

नोट: यह समाचार उपलब्ध एसटीएफ पत्र और दी गई जानकारी पर आधारित है। इसमें उल्लिखित आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। किसी भी व्यक्ति का दोष सिद्ध नहीं माना गया है।

UNNAO EXPRESS | खबर वही, जो सवाल उठाए।

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🚨 वर्दी पर वसूली का आरोप! ₹15 हजार लेने के बाद भी नहीं छोड़ा भतीजा? उन्नाव की बालूघाट चौकी पर उठे सवाल

📍 उन्नाव | बालूघाट चौकी | UNNAO EXPRESS

पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि बालूघाट चौकी पर तैनात एक सिपाही ने थाने से भतीजे को छुड़ाने के नाम पर पीड़ित पक्ष से ₹15,000 ले लिए। लेकिन रुपये देने के बावजूद युवक को नहीं छोड़ा गया।

📱 वीडियो वायरल, पुलिस पर गंभीर आरोप!

पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए इन आरोपों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और कथित लेनदेन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

❓ अब सबसे बड़े सवाल— ▪️ क्या वाकई ₹15 हजार का लेनदेन हुआ? ▪️ रुपये लेने का आरोप किस सिपाही पर है? ▪️ शिकायत मिलने पर क्या विभागीय जांच होगी? ▪️ पीड़ित पक्ष को न्याय कब मिलेगा?

⚖️ UNNAO EXPRESS की सीधी बात:

अगर वर्दी की आड़ में रुपये लेकर काम कराने का आरोप सही है, तो यह बेहद गंभीर मामला है। आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए। संबंधित पुलिसकर्मी का पक्ष और विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने आना जरूरी है।

नोट: वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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🚨 नमाज के बाद निकले थे टहलने, हाईवे पर डंपर ने कुचल दिया! उन्नाव में 65 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत

💔 सुबह करीब 7 बजे हुआ हादसा, टक्कर मारने के बाद बुजुर्ग के ऊपर से निकला डंपर; चालक वाहन समेत फरार

📍 उन्नाव | सदर कोतवाली | UNNAO EXPRESS

सुबह की शुरुआत जिंदगी का आखिरी सफर बन गई! उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ-कानपुर नेशनल हाईवे पर शनिवार सुबह तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से 65 वर्षीय बशीर अहमद की मौत हो गई।

बशीर अहमद अनवार नगर निवासी और स्वर्गीय अब्दुल गफ्फार के बेटे थे। परिजनों के मुताबिक, वह रोज की तरह सुबह नमाज पढ़ने के बाद टहलने निकले थे। करीब सात बजे हाईवे पर डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और उनके ऊपर से निकल गया।

🚛 हादसे के बाद चालक फरार!

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन लेकर फरार हो गया। बशीर अहमद घर पर ही रहते थे। परिवार में उनके चार बेटे हैं।

⚠️ एक परिवार ने खोया अपना बुजुर्ग, हाईवे पर फिर उठा सड़क सुरक्षा का सवाल!

आखिर लापरवाह रफ्तार पर लगाम कब लगेगी? क्या फरार डंपर चालक की पहचान कर उसे पकड़ा जा सकेगा?

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🚩 मौसम की मार भी नहीं डिगा सकी शिवभक्तों की आस्था! गौरी गांव में निकली भव्य कलश यात्रा, हजारों श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

🔱 श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के जयघोष और डमरू-शंखनाद से गूंजा बीघापुर, हेलिकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा

📍 बीघापुर/उन्नाव | UNNAO EXPRESS

बारिश और खराब मौसम की चुनौतियां भी शिवभक्तों के उत्साह को नहीं रोक सकीं। उन्नाव के बीघापुर क्षेत्र स्थित गौरी गांव में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ।

सुबह बीघापुर नगर पंचायत स्थित बाबा गोदावलेश्वर महादेव मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद कथा स्थल तक करीब ढाई किलोमीटर लंबी कलश यात्रा निकाली गई। पीत वस्त्र धारण किए हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालु इसमें शामिल हुए। सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।

🔱 जयघोष से शिवमय हुआ वातावरण! कलश यात्रा के दौरान ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ के उद्घोष, डमरू और शंखनाद से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने घरों से पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। हाईवे से कथा स्थल तक हेलिकॉप्टर से भी फूल बरसाए गए।

🙏 आयोजकों ने संभाली व्यवस्था नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी ने कलश यात्रा की व्यवस्थाएं संभालीं। कथा आयोजक एवं मुख्य यजमान अरुण सिंह ने पत्नी शिखा सिंह के साथ कलश यात्रा निकाली। कार्यक्रम में सदर विधायक पंकज गुप्ता भी मौजूद रहे।

खराब मौसम के बीच उमड़ा श्रद्धा का सैलाब—बीघापुर में शिवभक्ति का भव्य नजारा!

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बुर्ज खलीफा के सामने अनुराग द्विवेदी ने मनाया करवा चौथ! दुबई से पत्नी तमन्ना के साथ शेयर की पूजा की तस्वीरें, फिर चर्चा में आया उन्नाव का करोड़पति यूट्यूबर

उन्नाव | Unnao Express

उन्नाव के 26 वर्षीय यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी लग्जरी कारें या करोड़ों की संपत्ति नहीं, बल्कि करवा चौथ की तस्वीरें हैं। 29 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ के अवसर पर अनुराग ने दुबई में अपनी पत्नी तमन्ना के साथ पूजा की तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों में पीछे दुनिया की मशहूर इमारत बुर्ज खलीफा नजर आ रहा है।

दुबई की खूबसूरत लोकेशन पर पत्नी के साथ करवा चौथ मनाते अनुराग की तस्वीरों ने लोगों का ध्यान खींचा है। एक तरफ भारत में महिलाएं पारंपरिक तरीके से करवा चौथ का व्रत और पूजा कर रही थीं, वहीं अनुराग ने दुबई से अपनी उत्सव की झलक सोशल मीडिया पर साझा की।

सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में क्यों?

अनुराग द्विवेदी का सोशल मीडिया अकाउंट @AnuragxCricket है। X पर उनके इसी नाम से अकाउंट की मौजूदगी मिली है। हालांकि, 29 अक्टूबर की करवा चौथ वाली पोस्ट का स्वतंत्र लिंक या पोस्ट का पूरा विवरण सर्च में नहीं मिला है। इसलिए तस्वीरों का विवरण उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर लिया गया है। 

करोड़ों की संपत्ति और ED की जांच भी है चर्चा का हिस्सा

अनुराग की जिंदगी में लग्जरी कारें, विदेश में रहन-सहन और महंगी शादी पहले भी सुर्खियां बन चुके हैं। नवंबर 2025 में उन्होंने दुबई के क्वीन एलिजाबेथ-2 क्रूज पर तमन्ना से शादी की थी। इस शादी में 130 से अधिक मेहमानों को दुबई ले जाने की खबरें भी सामने आई थीं। 

वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के कथित प्रचार, हवाला के जरिए लेन-देन और दुबई में निवेश से जुड़े मामले की जांच कर रहा है। एजेंसी ने तलाशी के दौरान लग्जरी गाड़ियां और अन्य संपत्तियां जब्त की थीं। इन मामलों में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं, अभी उन्हें दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। 

उन्नाव के छोटे से गांव से निकलकर दुबई तक पहुंचा अनुराग द्विवेदी का सफर अब सोशल मीडिया पर शोहरत, लग्जरी लाइफ और जांच एजेंसियों की पड़ताल—तीनों वजहों से सुर्खियों में बना हुआ है।

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🚨 लखनऊ से इस वक्त की बड़ी खबर!

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजधानी लखनऊ पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया।

लेकिन इस दौरे के सियासी मायने बेहद अहम हैं!

अमित शाह डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होंगे।

निशाने पर है 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव!

बैठक में बूथ मैनेजमेंट, संगठन की मजबूती, विपक्ष की रणनीति और पिछले चुनावों के प्रदर्शन की समीक्षा जैसे मुद्दों पर मंथन होना है।

प्रदेशभर से करीब 2,850 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को इस बैठक में आमंत्रित किया गया है।

अब बड़ा सवाल है—क्या अमित शाह यूपी में भाजपा की चुनावी रणनीति को नई धार देंगे?

2027 की सियासी जंग का शंखनाद शुरू हो चुका है!

देखते रहिए… उन्नाव एक्सप्रेस!
🚨 उन्नाव से शिवपाल यादव का 2027 के लिए बड़ा सियासी ऐलान!

🔥 उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 की जंग की तैयारी तेज हो गई है। उन्नाव पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा को चुनौती देते हुए दावा किया कि सपा और INDIA गठबंधन मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और भाजपा को सत्ता से बाहर करने का प्रयास करेंगे।

⚡ विधान परिषद चुनाव में बेईमानी का आरोप लगाते हुए शिवपाल ने शासन-प्रशासन पर सवाल उठाए। वहीं कांग्रेस और सपा के बीच सीटों का बंटवारा अखिलेश यादव और कांग्रेस नेतृत्व की बातचीत के बाद तय होने की बात कही।

🎯 भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा।

अब सवाल है—2027 में विपक्षी गठबंधन की रणनीति क्या रंग लाएगी?

📍 उन्नाव से सियासत की बड़ी खबर!

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🚨 उन्नाव में जानलेवा स्टंटबाजी! बिना हैंडल पकड़े बाइक दौड़ाता दिखा युवक, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

📍 गंजमुरादाबाद/उन्नाव | UNNAO EXPRESS

सड़क पर रफ्तार का जुनून और जान जोखिम में डालने का खतरनाक खेल! उन्नाव के बांगरमऊ क्षेत्र की गंजमुरादाबाद चौकी के अंतर्गत एक युवक का बाइक से स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में युवक कथित तौर पर बाइक का हैंडल छोड़े हुए फर्राटे भरता नजर आ रहा है। जरा सी चूक न सिर्फ बाइक सवार, बल्कि सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जिंदगी भी खतरे में डाल सकती है।

⚠️ सवाल यह है—सड़क पर ऐसी खतरनाक स्टंटबाजी करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?

सार्वजनिक सड़कों को स्टंट दिखाने का मैदान बनाना दूसरों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस जांच कर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले युवक पर कार्रवाई करे।

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🚨 लखनऊ पहुंचे अमित शाह, यूपी की सियासत में हलचल तेज!

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजधानी लखनऊ पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया।

भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में शामिल होकर अमित शाह आगामी राजनीतिक रणनीति पर मंथन करेंगे।

🎯 निशाने पर 2027 का विधानसभा चुनाव!

संगठन की मजबूती, बूथ मैनेजमेंट और चुनावी तैयारियों को लेकर भाजपा का महामंथन शुरू।

अब सवाल है—क्या अमित शाह यूपी में भाजपा की चुनावी रणनीति को नई धार देंगे?

👇 आपकी क्या राय है? कमेंट में बताइए।

📍 देखते रहिए – Unnao Express

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गरीब महिला के प्रधानमंत्री आवास पर सरकारी सिस्टम का खेल! एक रिपोर्ट में अपात्र, दूसरी में पात्र; फिर भी नहीं मिला घर, ₹20 हजार मांगने का गंभीर आरोप

उन्नाव में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा सवाल! शिकायतकर्ता शर्मा देवी ने ग्राम पंचायत मित्र रोजगार सेवक बुध्दीलाल पर नाम हटाने, जातिगत भेदभाव और आवास दिलाने के नाम पर ₹20 हजार मांगने का आरोप लगाया। जनसुनवाई पोर्टल पर अधिकारियों की दो रिपोर्टों में सामने आया विरोधाभास; एक में पक्के मकान में रहने की बात, दूसरी में कच्चा-जर्जर मकान और आवास के लिए पात्र बताया। जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच की मांग।

उन्नाव। सरकार गरीबों को पक्की छत देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना चला रही है, लेकिन उन्नाव के सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक से सामने आया एक मामला सरकारी व्यवस्था और जनसुनवाई की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यहां एक गरीब महिला को आवास मिलने के बजाय सरकारी कागजों में ही उलझा दिया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही शिकायत पर सरकारी अधिकारियों की दो अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं। एक रिपोर्ट में महिला को आवास का लाभ देने में असमर्थता जताई गई, जबकि दूसरी रिपोर्ट में उसका मकान कच्चा और जर्जर बताते हुए उसे आवास के लिए पात्र बताया गया है।

एक महिला, दो सरकारी रिपोर्ट और दो अलग-अलग हकीकत!

मामला ग्राम पंचायत बौनामऊ, विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी का है। शिकायतकर्ता शर्मा देवी पत्नी अनिल कुमार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की है।

पहली रिपोर्ट में खंड विकास अधिकारी कार्यालय की ओर से बताया गया कि आवास सर्वे के समय शर्मा देवी अपनी सास के पक्के मकान में रह रही थीं और वर्तमान में छप्पर डालकर निवास कर रही हैं। आवास सूची में नाम शामिल नहीं होने के कारण उन्हें लाभ नहीं दिया जा सकता।

लेकिन दूसरी रिपोर्ट में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) की ओर से बताया गया कि सचिव ग्राम पंचायत ने जांच में पाया कि शर्मा देवी का घर कच्चा और जर्जर है। आवास सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है और उनकी सर्वे आईडी 185973229 है। रिपोर्ट में उन्हें आवास के लिए पात्र बताया गया।

अब सवाल यह है कि आखिर दोनों रिपोर्टों में से सही कौन है? यदि महिला आवास के लिए पात्र है तो उसे अब तक सरकारी योजना का लाभ क्यों नहीं मिला?

₹20 हजार दो, तभी मिलेगा आवास! महिला ने लगाए गंभीर आरोप

जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में शर्मा देवी ने आरोप लगाया है कि वह अनुसूचित जाति समुदाय की अत्यंत निर्धन महिला हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वर्तमान में उनका परिवार कच्चे-जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। उनका आरोप है कि मकान की हालत ऐसी है कि कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

महिला ने ग्राम पंचायत मित्र रोजगार सेवक बुध्दीलाल पर जातिगत भेदभाव करते हुए आवास सूची से नाम हटवाने का आरोप लगाया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आवास और शौचालय का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे 20 हजार रुपये की मांग की गई। महिला का कहना है कि पैसे नहीं देने पर उसे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की बात कही गई।

ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

जनसुनवाई में शिकायत, फिर भी समाधान पर सवाल

दस्तावेजों के मुताबिक, शर्मा देवी ने जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी।

- शिकायत संख्या 40015626077537, दिनांक 30 अगस्त 2026।
- शिकायत संख्या 20015626025875, दिनांक 1 अक्टूबर 2026।

एक रिपोर्ट में महिला को आवास सूची में नाम नहीं होने के कारण लाभ से वंचित बताया गया, जबकि दूसरी रिपोर्ट में उसे आवास के लिए पात्र बताया गया। अधिकारियों की ओर से शिकायतकर्ता को फोन पर आख्या से अवगत कराकर संतुष्ट होने की बात भी दर्ज की गई है।

लेकिन महिला की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में इन रिपोर्टों पर ही सवाल खड़े किए गए हैं।

जिलाधिकारी से तीन बड़ी मांगें

शर्मा देवी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि:

1. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत तत्काल पात्रता की जांच कराकर आवास स्वीकृत कराया जाए।
2. पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
3. ग्राम पंचायत मित्र रोजगार सेवक बुध्दीलाल के खिलाफ आरोप सही पाए जाने पर कठोर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

बड़ा सवाल: कागजों में पात्र, जमीन पर बेघर क्यों?

यह मामला सिर्फ एक महिला के आवास का नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और शिकायतों के निस्तारण की पारदर्शिता का भी है।

जब सरकारी रिपोर्ट में महिला का मकान कच्चा-जर्जर और आवास के लिए पात्र बताया जा रहा है, तो फिर आवास का लाभ मिलने में देरी क्यों हो रही है? और यदि पहली रिपोर्ट में उसे अपात्र माना गया तो दूसरी रिपोर्ट में पात्र घोषित करने का आधार क्या है?

सबसे गंभीर सवाल कथित ₹20 हजार की मांग का है। क्या इस आरोप की निष्पक्ष जांच होगी या गरीब महिला की शिकायत भी सरकारी फाइलों में निस्तारित दिखाकर बंद कर दी जाएगी?

अब निगाहें जिलाधिकारी उन्नाव और विकास विभाग पर हैं। गरीब को पक्की छत मिलेगी या उसे सरकारी रिपोर्टों के विरोधाभास में ही भटकना पड़ेगा?

UNNAO EXPRESS | गरीब की आवाज, व्यवस्था से सीधे सवाल।

नोट: यह समाचार उपलब्ध शिकायत पत्रों और विभागीय आख्या पर आधारित है। ₹20 हजार की कथित मांग और जातिगत भेदभाव के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित कर्मचारियों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> उन्नाव से शिवपाल का 2027 के लिए सियासी ऐलान! BJP को सत्ता से उखाड़ने का दावा, बोले- INDIA गठबंधन मिलकर लड़ेगा चुनाव

मां चंद्रिका देवी के दरबार से शिवपाल ने फूंका चुनावी बिगुल, विधान परिषद चुनाव में बेईमानी का आरोप लगाकर सरकार को घेरा; राहुल-अखिलेश की बातचीत के बाद खुलेगा सीटों के बंटवारे का पत्ता।

उन्नाव। यूपी की सत्ता का अगला संग्राम अभी दूर है, लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। शुक्रवार को उन्नाव पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने प्रदेश की राजनीति में विपक्षी एकजुटता की चर्चा फिर तेज कर दी। मां चंद्रिका देवी के दर्शन के बाद शिवपाल ने सीधे भाजपा सरकार को निशाने पर लिया और ऐलानिया अंदाज में कहा कि समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन मिलकर चुनाव लड़ेंगे और भाजपा को हराने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे। उनके मुताबिक, सपा और पीडीए के लोग चुनावी मुकाबले के लिए तैयार हैं।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> चुनाव निष्पक्ष होता तो नतीजों की तस्वीर दूसरी होती!

विधान परिषद चुनाव को लेकर शिवपाल यादव ने शासन और प्रशासन पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बेईमानी हुई, जिसका खामियाजा समाजवादी पार्टी को भुगतना पड़ा। उनका दावा था कि यदि चुनाव निष्पक्ष तरीके से होते तो सपा सभी सीटें जीत सकती थी और कम से कम तीन सीटें उसके खाते में और आतीं। गोरखपुर में सपा प्रत्याशी की 239 वोटों से हार का जिक्र करते हुए उन्होंने मतगणना के दौरान बार-बार व्यवधान पैदा किए जाने का आरोप लगाया। शिवपाल के इस बयान ने चुनावी निष्पक्षता को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> राहुल-अखिलेश की बातचीत के बाद खुलेगा गठबंधन का सीट गणित!

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे पर शिवपाल ने फिलहाल पत्ते नहीं खोले। उन्होंने साफ किया कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अखिलेश यादव और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच बातचीत के बाद ही सीटों का गणित तय होगा। यानी गठबंधन की एकजुटता का दावा तो सामने है, लेकिन कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा, इसका असली हिसाब अभी बाकी है। शिवपाल ने भरोसा जताया कि भाजपा के खिलाफ विपक्षी दल मिलकर चुनावी रणनीति तैयार करेंगे।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> बजट जनता का, फायदा किसका? भाजपा सरकार पर शिवपाल का सीधा हमला

भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और विकास के बजट में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए शिवपाल ने सवाल उठाया कि जनता के पैसे का इस्तेमाल आखिर किसके विकास के लिए हो रहा है? उन्होंने कहा कि सरकारी बजट किसानों, गरीबों, नौजवानों और गांवों की तरक्की पर खर्च होना चाहिए। ठेकों में बाहरी लोगों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों को रोजगार और काम का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और ग्रामीण विकास को लेकर भी सरकार को घेरा।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> 28 हजार स्कूल बंद होने का दावा, शराब के ठेकों पर भी सरकार को घेरा

शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोलते हुए शिवपाल ने दावा किया कि प्रदेश में 28 हजार स्कूल बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गांव-गांव में शराब के ठेके खुल रहे हैं, लेकिन शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हैं। हालांकि, स्कूल बंद होने के आंकड़े के समर्थन में उन्होंने कोई अलग आधिकारिक दस्तावेज पेश नहीं किया। राम मंदिर के चंदे को लेकर भी उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाए और मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाने की बात कही।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> पुराने विकास कार्यों की फाइल खोलकर भाजपा को घेरा

उन्नाव की जमीन पर खड़े होकर शिवपाल ने अपने पुराने कार्यकाल के विकास कार्यों का भी हिसाब रखा। बक्सर में गंगा नदी पर पुल, गड़ेवा और पांडु नदी पर पुल तथा बांदा के चिल्ला पुल का जिक्र किया। उन्होंने बक्सर से लखनऊ को जोड़ने वाली सड़क को मंजूरी देने और चौड़ी सड़कों के निर्माण का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि सपा सरकार के दौरान क्षेत्रीय संपर्क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयास किए गए थे, जबकि मौजूदा सरकार में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

<nis:link nis:type=tag nis:id=## nis:value=## nis:enabled=true nis:link/> मां चंद्रिका देवी के दरबार से सियासी संदेश, समर्थकों ने लगाए नारे

शिवपाल यादव ने अपने दौरे को मां चंद्रिका देवी का आशीर्वाद लेने से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि जब-जब मां के दरबार में आए हैं, सफलता मिली है और आगे भी उनका आशीर्वाद बना रहेगा। काफिले में बड़ी संख्या में वाहनों और समर्थकों की मौजूदगी को उन्होंने जनता का प्यार बताया। इस दौरान समर्थकों ने शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगाए।

2027 की सियासी पटकथा का संदेश साफ है: शिवपाल यादव ने उन्नाव से भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता का दावा दोहराया है। लेकिन गठबंधन की असली परीक्षा सीटों के बंटवारे, साझा चुनावी रणनीति और जमीनी तालमेल पर होगी। फिलहाल उन्नाव से दिया गया उनका संदेश साफ तौर पर 2027 की राजनीतिक लड़ाई को केंद्र में रखकर दिया गया बयान है।

UNNAO EXPRESS | खबर वही, जो सत्ता से सवाल करे।

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🚨 पेट की आग ने बुढ़ापे में पहुंचाया हवालात! उन्नाव में 38 लीटर कच्ची शराब के साथ वृद्धा गिरफ्तार, सिस्टम पर सवाल!

📍 देवमई, मौरावां, उन्नाव | Unnao Express

💔 जिस उम्र में सहारे की जरूरत, उस उम्र में हाथों में हथकड़ी!

उन्नाव में आबकारी विभाग और पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वृद्ध महिला भगवानदेई पत्नी स्वर्गीय भगवानदीन, निवासी देवमई को गिरफ्तार किया है।

विभाग के मुताबिक, 29 अक्टूबर को पुरवा और मौरावां क्षेत्र के मंगतखेड़ा, देवमई और संगौली गांवों में छापेमारी के दौरान कुल 38 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। महिला के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

⚖️ कार्रवाई के साथ व्यवस्था से भी सवाल!

अवैध शराब का कारोबार कानूनन अपराध है और कार्रवाई जरूरी है। लेकिन इस घटना ने बुजुर्गों की आजीविका और सामाजिक सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं।

क्या महिला को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी?

क्या उसके पास जीवनयापन का कोई दूसरा साधन था?

क्या जरूरतमंद बुजुर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है?

सवाल यह नहीं कि कार्रवाई क्यों हुई, सवाल यह भी है कि बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन के लिए सरकारी सहायता कितनी प्रभावी है?

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पेट की आग ने बुढ़ापे में पहुंचाया हवालात! उन्नाव में कच्ची शराब के आरोप में वृद्धा गिरफ्तार, सिस्टम पर उठे सवाल

जिस उम्र में हाथों को सहारे की जरूरत होती है, उस उम्र में महिला के हाथों में हथकड़ी! रोजगार और बुढ़ापे की जिंदगी का सवाल अनसुना तो नहीं रह गया?

उन्नाव। उम्र के उस पड़ाव पर, जब इंसान को परिवार और समाज के सहारे की जरूरत होती है, उन्नाव में एक वृद्ध महिला को कच्ची शराब के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस ने महिला की गिरफ्तारी की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं। विभाग की कार्रवाई में 38 लीटर कच्ची शराब बरामद होने की बात कही गई है।

गिरफ्तार महिला की पहचान भगवानदेई पत्नी स्वर्गीय भगवानदीन, निवासी ग्राम देवमई, थाना मौरावां के रूप में हुई है। आबकारी विभाग के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 को पुरवा और मौरावां थाना क्षेत्रों के मंगतखेड़ा, देवमई और संगौली गांवों में अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी की गई थी। इस दौरान कुल 38 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई और भगवानदेई को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ मौरावां थाने में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई।

एक गिरफ्तारी, लेकिन कई बड़े सवाल!

विभाग ने अपनी कार्रवाई को अवैध शराब के खिलाफ अभियान की सफलता बताया है, लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सामाजिक सवाल खड़ा कर दिया है। अगर एक बुजुर्ग महिला को बुढ़ापे में अपनी आजीविका चलाने के लिए कथित तौर पर कच्ची शराब बेचने का रास्ता अपनाना पड़ा, तो आखिर उसके सामने रोजगार और जीवनयापन के क्या विकल्प थे?

क्या गांवों में ऐसे जरूरतमंद बुजुर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है? क्या वृद्धावस्था पेंशन और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था उनके लिए पर्याप्त है? क्या प्रशासन ने कभी यह जानने की कोशिश की कि ऐसी परिस्थितियों में लोग गैरकानूनी गतिविधियों की ओर क्यों धकेले जाते हैं?

कार्रवाई जरूरी, लेकिन व्यवस्था की जवाबदेही भी!

अवैध शराब का कारोबार कानूनन अपराध है और उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन किसी वृद्ध महिला की गिरफ्तारी की तस्वीरें जारी कर देने भर से प्रशासनिक जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। कानून अपना काम करे, मगर साथ ही यह भी जांच होनी चाहिए कि महिला की वास्तविक आर्थिक और पारिवारिक स्थिति क्या है तथा उसे सरकारी सहायता मिल रही थी या नहीं।

सवाल सिर्फ 38 लीटर कच्ची शराब का नहीं है, सवाल उस व्यवस्था का भी है जिसमें बुढ़ापे की सुरक्षा और सम्मान की गारंटी देने वाली योजनाओं के बावजूद किसी जरूरतमंद को आजीविका के लिए कथित अवैध धंधे का सहारा लेना पड़ सकता है।

Unnao Express | उन्नाव की खबर, जनता के सवाल।
🚨 त्योहारों से पहले उन्नाव पुलिस अलर्ट! SSP जय प्रकाश सिंह ने गंगाघाट में की पैदल गश्त, सुरक्षा व्यवस्था परखी

📍 गंगाघाट, उन्नाव | Unnao Express

👮 भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा का जायजा, पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश!

आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने 29 अक्टूबर 2026 को गंगाघाट थाना क्षेत्र के मुख्य बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल के साथ पैदल गश्त की।

🔎 सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश

पैदल गश्त के दौरान SSP ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

साथ ही संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी रखने को कहा गया, ताकि आमजन त्योहार सुरक्षित माहौल में मना सकें।

🛡️ त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उन्नाव पुलिस सतर्क।

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🌙 उन्नाव में बादलों ने रोकी चांद की राह! करवा चौथ पर चंद्र दर्शन नहीं होने से महिलाओं में मायूसी, पूजा को लेकर संशय

उन्नाव | Unnao Express

उन्नाव और आसपास के इलाकों में खराब मौसम और आसमान में छाए बादलों ने करवा चौथ के चंद्र दर्शन का इंतजार कर रही सुहागिन महिलाओं की चिंता बढ़ा दी है। रात हो चुकी है, लेकिन चांद दिखाई नहीं देने से कई महिलाएं मायूस हैं। चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलने की परंपरा के बीच अब महिलाओं के मन में सवाल है—अगर बादलों के कारण चांद दिखाई ही न दे, तो व्रत का पारण और पूजा कैसे करें?

🌧️ बादलों के कारण चंद्र दर्शन में परेशानी

उन्नाव और आसपास के कानपुर-लखनऊ क्षेत्र में रात के समय बादल छाए रहने और बारिश की संभावना के कारण चांद के दर्शन में बाधा आ रही है। चांद निकलने का खगोलीय समय हो जाने के बावजूद बादलों के पीछे छिपे चंद्रमा को देख पाना जरूरी नहीं कि संभव हो। हालांकि, मौसम साफ होने और चांद दिखाई देने का कोई निश्चित समय अभी नहीं बताया जा सकता।

🙏 चांद न दिखे तो क्या करें? ज्योतिषीय मान्यताओं में क्या है विकल्प?

धार्मिक परंपराओं और प्रचलित पूजा-पद्धतियों के अनुसार, यदि बादलों के कारण चंद्रमा दिखाई न दे, तो महिलाएं कुछ विकल्पों पर विचार कर सकती हैं:

🔸 चंद्रमा की दिशा में अर्घ्य: चंद्रमा के उदय की पुष्टि होने पर उसकी दिशा की ओर मुख करके जल अर्पित करने की परंपरा कुछ स्थानों पर प्रचलित है।

🔸 चंद्रमा का स्मरण और प्रार्थना: चंद्रदेव का ध्यान करके पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की मंगलकामना की जा सकती है।

🔸 स्थानीय पुरोहित से सलाह: अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा-विधि की परंपराएं भिन्न हो सकती हैं। ऐसे में अपने परिवार के पुरोहित से व्रत पारण की विधि पूछना उचित रहेगा।

ध्यान रहे, ये प्रचलित धार्मिक विकल्प हैं। चांद न दिखने की स्थिति में पूजा और व्रत पारण की एक ही सर्वमान्य विधि होने का दावा नहीं किया जा सकता।

📌 क्या पहले भी भारत में ऐसा हुआ है?

भारत के अलग-अलग हिस्सों में बादल, बारिश और खराब मौसम के कारण करवा चौथ पर चंद्र दर्शन में परेशानी होती रही है। हालांकि, किसी खास पुराने वर्ष या घटना की पुष्टि के बिना यह कहना उचित नहीं होगा कि किस वर्ष पूरे भारत में चांद दिखाई नहीं दिया था।

❤️ आस्था और धैर्य का पर्व

करवा चौथ का पर्व प्रेम, विश्वास और पति-पत्नी के रिश्ते की मंगलकामना से जुड़ा है। मौसम की वजह से चंद्र दर्शन में देरी होने पर महिलाओं की चिंता स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा-विधि और व्रत पारण को लेकर मार्गदर्शन लेना बेहतर है।

आपकी राय: अगर करवा चौथ पर बादलों के कारण चांद दिखाई न दे, तो पूजा और व्रत पारण कैसे किया जाना चाहिए? अपनी परंपरा और मान्यता कमेंट में बताएं।

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🚨 उन्नाव में करंट लगने से 25 वर्षीय युवक की मौत! अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम

📍 पत्योलादासी गांव, मौरावां, उन्नाव | Unnao Express

💔 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, गांव में शोक!

उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र के पत्योलादासी गांव में गुरुवार को करंट लगने से 25 वर्षीय सूरज पुत्र गंगाराम की मौत हो गई।

परिजन सूरज को इलाज के लिए लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पिता गंगाराम, मां राजेश्वरी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

👮 पुलिस का पक्ष

मौरावां थाना प्रभारी के मुताबिक, पुलिस को अभी घटना की औपचारिक सूचना या तहरीर नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🙏 दिवंगत युवक को श्रद्धांजलि। ईश्वर शोकाकुल परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।

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🚨 जिस बेटे को गोद में खिलाया, उसी पर जमीन हड़पने की साजिश का आरोप!

💔 मां की ममता पर भारी पड़ी चार बीघा जमीन? दानपत्र के विवाद में बेटे पर गंभीर इल्जाम, थाने से एसपी तक पहुंची बुजुर्ग मां की फरियाद!

📍 उन्नाव | Unnao Express | रिश्तों के पीछे छिपे जमीन के विवाद की पड़ताल

जिस बेटे के लिए मां ने जिंदगी भर दुआएं मांगीं, आज उसी बेटे पर भरोसे की जमीन खिसकाने का आरोप लगा है। गंगाघाट थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव की माधुरी देवी ने अपने सगे बेटे विमल तिवारी पर कथित धोखाधड़ी से करीब चार बीघा जमीन अपने नाम कराने का आरोप लगाया है।

🔴 दानपत्र में किसका नाम, किसकी जमीन और कैसे हुआ खेल?

माधुरी देवी की शिकायत के मुताबिक, गाटा संख्या 592 की 1.0150 हेक्टेयर भूमि को लेकर विवाद है। आरोप है कि 19 सितंबर 2026 को किसी दूसरी महिला को खड़ा कर कथित तौर पर धोखे से दानपत्र या हिबानामा बेटे के नाम करा लिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

📄 कागज सामने आए तो मां ने उठाए सवाल!

शिकायतकर्ता का दावा है कि रजिस्ट्री कार्यालय से दस्तावेज निकलवाने के बाद उन्हें बेटे के नाम दानपत्र दर्ज होने की जानकारी मिली। अब सवाल है कि दस्तावेज किन परिस्थितियों में तैयार हुआ, दानकर्ता की पहचान कैसे सत्यापित हुई और पंजीकरण के समय वास्तव में क्या हुआ?

🚨 थाने से एसपी तक पहुंची बुजुर्ग मां की गुहार!

माधुरी देवी का आरोप है कि 14 अक्टूबर को गंगाघाट थाने में शिकायत देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 21 अक्टूबर को उन्होंने पुलिस अधीक्षक, उन्नाव को प्रार्थना पत्र देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की।

⚖️ रिश्तों का सवाल या जमीन के कागजों की कानूनी लड़ाई?

अगर शिकायत सही साबित होती है, तो मामला संपत्ति अधिकारों और कथित धोखाधड़ी से जुड़ा गंभीर प्रकरण हो सकता है। लेकिन अंतिम सच दस्तावेजों की जांच, संबंधित पक्षों के बयान और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई से ही सामने आएगा।

💬 आपकी राय: बुजुर्ग माता-पिता की संपत्ति को लेकर विवाद होने पर उनकी सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए?

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उन्नाव: शराब के लिए पैसे न देने पर बेटे ने मां को पीटा

उन्नाव, सफीपुर। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के सफीपुर क्षेत्र में मां-बेटे के रिश्ते को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब पीने के लिए पैसे न देने पर बेटे ने अपनी मां के साथ बेरहमी से मारपीट की।

मिली जानकारी के अनुसार, सफीपुर क्षेत्र के कुसैला गांव के मजरा बाकर खेड़ा में बेटे ने अपनी मां से शराब पीने के लिए पैसे मांगे थे। मां ने पैसे देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बेटे ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की।

मारपीट में घायल महिला को उपचार के लिए सीएचसी सफीपुर में भर्ती कराया गया। पीड़िता ने आरोपी बेटे के खिलाफ पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल, मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

📍 स्थान: बाकर खेड़ा, मजरा कुसैला, सफीपुर, उन्नाव
🚨 75 साल के रामसुगर और 30 साल की रीना की शादी का THE END! पति लौटा तो बाबा से शादी का इरादा बदला?

📍 औरैया, उत्तर प्रदेश | Unnao Express

75 साल के रामसुगर… 30 साल की रीना राजपूत… और सोशल मीडिया पर वायरल हुई शादी की कहानी! अब इस कहानी में आ गया है नया ट्विस्ट!

जिस सगाई और हल्दी की रस्मों के वीडियो ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी थी, अब उसी रिश्ते पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

रीना के कथित नए वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि उनके पति वापस लौट आए हैं और अब वह रामसुगर बाबा से शादी नहीं करेंगी। हालांकि, इस नए दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

लेकिन कहानी में ट्विस्ट पहले भी आ चुका है!

कभी दोनों की सगाई की खबरें आईं, फिर सोशल मीडिया पर इसे लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए रचा गया ड्रामा बताया गया। रामसुगर ने भी एक वीडियो में कथित सगाई को स्क्रिप्टेड बताया था। दूसरी तरफ, उनकी बेटी राधा ने इन दावों का खंडन करते हुए रिश्ते को असली बताया था।

अब सवाल है—क्या यह प्रेम कहानी थी, सोशल मीडिया का कोई प्रयोग या फिर वायरल वीडियो के पीछे की कोई ऐसी कहानी, जो अभी सामने आना बाकी है?

फिलहाल, रीना के कथित नए बयान और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जरूरी है।

आप बताइए—इसे इश्क कहेंगे, इत्तेफाक या सोशल मीडिया का नया ड्रामा?

👇 कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें!

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कागजों में पिता की मौत, जमीन के बैनामों में जिंदा होने के दावे! मृतक आश्रित नौकरी पर गिरी गाज, शिक्षक निलंबित

24 साल पुरानी नियुक्ति की फाइल फिर खुली; जमीन के दस्तावेजों से उठे सवाल, अब FIR की बारी? उन्नाव के शिक्षा विभाग में पुराने रिकॉर्ड की पड़ताल से मची हलचल

उन्नाव | Unnao Express | विशेष पड़ताल

उन्नाव। सरकारी नौकरी की फाइलों में दर्ज एक कथित मौत और जमीन के दस्तावेजों में सामने आए नाम के बीच का विरोधाभास अब बेसिक शिक्षा विभाग के लिए सिरदर्द बन गया है। सवाल सिर्फ एक शिक्षक की नियुक्ति का नहीं, बल्कि उन सरकारी अभिलेखों की विश्वसनीयता का भी है, जिनके आधार पर वर्षों तक नौकरी और दूसरे लाभ मिलते रहे। हिलौली ब्लॉक के खेरवा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक रामबरन यादव को मृतक आश्रित कोटे से नियुक्ति हासिल करने में कथित अनियमितता के आरोपों के बाद निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच के बाद हुई इस कार्रवाई ने पुराने प्रकरण को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

सितंबर में उठी शिकायत, अक्टूबर में कार्रवाई की चर्चा

इस मामले की परतें सितंबर 2026 में खुलनी शुरू हुईं। शिकायतकर्ता ललितेश सिंह ने आरोप लगाया कि रामबरन यादव ने अपने पिता श्रीराम यादव को वर्ष 2002 में मृत दर्शाकर मृतक आश्रित कोटे से नौकरी प्राप्त की थी। शिकायत के बाद नियुक्ति और सेवा संबंधी अभिलेखों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित किए जाने की खबरें सामने आई थीं। अब निलंबन की कार्रवाई से मामला अगले चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। हालांकि, नियुक्ति में धोखाधड़ी हुई या नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और मूल दस्तावेजों के सत्यापन से ही निकलेगा।

जमीन के कागजों ने खड़ा किया सबसे बड़ा सवाल

इस पूरे प्रकरण का सबसे पेचीदा पहलू जमीन के दस्तावेजों से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि श्रीराम यादव के नाम से वर्ष 2014-15 में जमीन के बैनामे और वर्ष 2023 में वरासत संबंधी अभिलेख मौजूद हैं। यदि सरकारी रिकॉर्ड में उनकी मृत्यु वर्ष 2002 में दर्ज की गई थी, तो बाद के वर्षों के इन दस्तावेजों की प्रकृति और वैधता की जांच जरूरी हो जाती है।

क्या मृत्यु प्रमाणपत्र और राजस्व अभिलेखों में दर्ज विवरण एक-दूसरे से मेल खाते हैं? क्या जमीन के दस्तावेज वास्तव में उसी व्यक्ति से संबंधित हैं? और क्या इन अभिलेखों का नियुक्ति के समय प्रस्तुत दस्तावेजों से कोई सीधा संबंध है? इन सवालों का जवाब अनुमान से नहीं, बल्कि संबंधित विभागों के मूल रिकॉर्ड के मिलान से सामने आएगा।

पेंशन के लाभ पर भी उठे सवाल

शिकायत में परिवार को मृतक आश्रित पेंशन का लाभ मिलने को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। इस पहलू की जांच में पेंशन स्वीकृति आदेश, भुगतान का विवरण, मृत्यु प्रमाणपत्र और सेवा पुस्तिका महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यदि जांच में गलत जानकारी के आधार पर सरकारी लाभ लेने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार वसूली और अन्य कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल इस आरोप को प्रमाणित तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

निलंबन के बाद अब जांच की असली परीक्षा

निलंबन विभागीय कार्रवाई का एक चरण है, अंतिम फैसला नहीं। अब जांच में यह स्पष्ट करना होगा कि नियुक्ति के लिए कौन-से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे, उन पर किस अधिकारी ने सत्यापन किया था और कथित विसंगतियां पहली बार कब सामने आईं। यदि दस्तावेजों में जालसाजी या जानबूझकर गलत जानकारी देने के प्रमाण मिलते हैं, तो प्राथमिकी दर्ज कराने सहित आगे की कार्रवाई हो सकती है।

यहां जांच का दायरा केवल नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति तक सीमित रहेगा या दस्तावेजों के सत्यापन में शामिल अधिकारियों की भूमिका भी खंगाली जाएगी—यह भी महत्वपूर्ण होगा।

प्रदेश में सत्यापन की सख्ती के बीच उन्नाव का मामला

परिषदीय विद्यालयों में नियुक्तियों और शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन को लेकर प्रदेश स्तर पर सख्ती की चर्चाओं के बीच उन्नाव का यह प्रकरण विभागीय निगरानी की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है। हालांकि, इस मामले में किसी व्यापक अभियान या अन्य प्रकरणों से सीधा संबंध तभी जोड़ा जाना चाहिए, जब आधिकारिक दस्तावेज इसकी पुष्टि करें।

अब निगाहें इन सवालों के जवाब पर

क्या नियुक्ति के समय प्रस्तुत मृत्यु संबंधी दस्तावेज सही थे? जमीन के बैनामों और वरासत के रिकॉर्ड में दर्ज विवरण की पुष्टि क्या कहती है? क्या कथित पेंशन लाभ के भुगतान की जांच होगी? और यदि अनियमितता प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदारी केवल कर्मचारी की तय होगी या सत्यापन प्रक्रिया की भी समीक्षा होगी?

इन सवालों के जवाब ही तय करेंगे कि यह मामला एक कर्मचारी की कथित अनियमितता तक सीमित रहता है या सरकारी नियुक्तियों और अभिलेखों की निगरानी व्यवस्था की बड़ी खामियों को भी उजागर करता है।

Unnao Express की नजर: निलंबन आदेश, विभागीय जांच की रिपोर्ट और प्राथमिकी की स्थिति पर। आरोपों की अंतिम पुष्टि होने तक सभी संबंधित पक्षों का पक्ष और आधिकारिक अभिलेख ही इस मामले की निर्णायक कसौटी होंगे।