।*DIET प्राचार्य ने चकौंध पहाड़ी स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय का किया औचक निरीक्षण; पठन-पाठन मिला संतोषजनक, लेकिन अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी*
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), शिवरामपुर, चित्रकूट के प्राचार्य बी.के. शर्मा ने दिनांक 20 अगस्त 2026 को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, चकौंध पहाड़ी, चित्रकूट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण सुबह 11:15 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक चला।
प्राचार्य की निरीक्षण आख्या के अनुसार, विद्यालय में पठन-पाठन की स्थिति संतोषजनक पाई गई। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों और छात्राओं की उपस्थिति भी संतोषजनक रही। निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन (नाश्ता/भोजन- दलिया/रोटी, चावल, दाल व सब्जी) की गुणवत्ता की जाँच की गई, जिसे मीनू के अनुसार स्वादिष्ट और स्वच्छतापूर्ण पाया गया।
हालाँकि, निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कुछ गंभीर कमियाँ भी उजागर हुईं। प्राचार्य ने पाया कि विद्यालय में 'निपुण तालिका' और 'शिक्षक डायरी' उपलब्ध नहीं थी, जो कि शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए अनिवार्य हैं।
इसके अलावा, विद्यालय भवन की संरचनात्मक और सुरक्षा संबंधी एक बड़ी समस्या सामने आई। विद्यालय के तृतीय तल पर पानी की टंकी तक पहुँचने के लिए कोई सीढ़ी नहीं है। साथ ही, क्षेत्र में बंदरों का भारी प्रकोप होने के कारण टंकी का पाइप टूट गया है, जिससे जल आपूर्ति बाधित हो सकती है और छात्राओं को असुविधा हो सकती है।
प्राचार्य बी.के. शर्मा ने इन गंभीर अव्यवस्थाओं का संज्ञान लेते हुए, विद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया है कि वे निपुण तालिका ,शिक्षक डायरी और तृतीय तल पर सीढ़ी और टूटे पाइप की मरम्मत पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, की गई कार्रवाई से अधोहस्ताक्षरी को भी अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।यह निरीक्षण शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया था। प्राचार्य ने डीएलएड की कक्षाओं में प्रशिक्षुओं की घटती उपस्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे शैक्षणिक अनुशासन के विरुद्ध बताया है।जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शासन के मंशानुसार और परीक्षा नियामक प्राधिकारी के दिशा-निर्देशों के तहत प्रशिक्षण के दौरान कक्षाओं में न्यूनतम 75% उपस्थिति होना अनिवार्य है। यह देखा जा रहा है कि कई प्रशिक्षु नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जो कि उनके भविष्य और शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता के लिए उचित नहीं है।
डायट प्राचार्य ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जिन प्रशिक्षुओं की उपस्थिति निर्धारित 75% से कम पाई जाएगी, उन्हें आगामी सेमेस्टर/वार्षिक परीक्षाओं के परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित कर दिया जाएगा। साथ ही, ऐसे अनुपस्थित या कम उपस्थिति वाले प्रशिक्षुओं को शासन स्तर से मिलने वाली छात्रवृत्ति (Scholarship) का लाभ भी प्राप्त नहीं हो सकेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशिक्षुओं की होगी।