संजय कॉलोनी में करंट से व्यक्ति की मौत पर भड़के पूर्व विधायक नीरज शर्मा
बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र की संजय कॉलोनी स्थित 22 फीट रोड पर बिजली का करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत के मामले में एनआईटी फरीदाबाद के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना के लिए नगर निगम फरीदाबाद, बिजली विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मृतक तीन बेटियों का पिता था।
पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा कि यह कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर परिणाम है। उनके अनुसार, संजय कॉलोनी के 22 फीट रोड पर पिछले कई महीनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है और सड़क की हालत भी खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली के खंभों और ट्रांसफॉर्मरों की स्थिति भी चिंताजनक है, जिससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ था।
नीरज शर्मा ने कहा कि स्थानीय लोगों की ओर से बार-बार शिकायतें किए जाने के बावजूद नगर निगम ने जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की और न ही बिजली विभाग ने अपनी व्यवस्था में सुधार किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सड़क को कई महीनों से खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व विधायक ने कहा कि व्यक्ति की मौत के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में पानी निकालने की कार्रवाई शुरू की। यदि समय रहते जलभराव की समस्या का समाधान कर दिया जाता और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया जाता, तो इस दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि मृतक अपने पीछे तीन बेटियों को छोड़ गया है, जिनके परिवार पर इस घटना से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और परिवार को मुआवजा देने की मांग
नीरज शर्मा ने मांग की कि नगर निगम और बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल गैर-इरादतन हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया जाए। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को अविलंब आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा दिया जाए। उन्होंने शहर की टूटी सड़कों, जलभराव की समस्या तथा खुले और झूलते बिजली के तारों एवं असुरक्षित ट्रांसफॉर्मरों को तत्काल दुरुस्त करने की मांग भी उठाई, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस मामले को लेकर पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।