युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनना चाहिए : बाहरा विश्वविद्यालय
वाकनाघाट (सोलन)। बाहरा विश्वविद्यालय में बुधवार को एमएसएमई-डीएफओ सोलन की ओर से उद्यमिता पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें करीब 200 विद्यार्थियों और उद्यमियों ने भाग लिया।
सेमिनार में 11 संस्थानों के विशेषज्ञों और दो सफल उद्यमियों ने युवाओं को स्टार्टअप, वित्तीय सहायता, सरकारी योजनाओं, निर्यात और कारोबार शुरू करने के गुर सिखाए।
विश्वविद्यालय के चेयरमैन सरदार गुरविंदर सिंह बहरा ने युवाओं से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनने का आह्वान किया। कुलपति डॉ. रिश पाल नैंटा ने कहा कि उद्यमिता युवाओं के लिए बेहतर करियर विकल्प है और उन्हें अपने कौशल व नए विचारों को व्यवसाय में बदलना चाहिए।
सिडबी, आरबीआई, पंजाब नेशनल बैंक सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने ऋण, वित्तीय सहायता, जीएसटी, गुणवत्ता मानकों और सरकारी खरीद प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं, मिंचीज के संस्थापक गिरीश मिनोचा और ग्लाइड इन के अरुण रावत ने अपने उद्यमिता अनुभव साझा किए।
सेमिनार का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए तैयार करना रहा।
न्यूज टुडे हिमाचल ब्यूरो सोलन