⛔ कॉलेज में अतिरिक्त फीस वसूली पर बवाल, कुलसचिव कार्यालय में तीखी बहस
भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय से संबद्ध आरपीएम कॉलेज में स्नातक सेमेस्टर-6 की सीआईए परीक्षा के नाम पर कथित अतिरिक्त शुल्क वसूली को लेकर शुक्रवार को छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। फीस वसूली के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र बीएन मंडल विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे और कुलसचिव कार्यालय में जमकर हंगामा किया। इस दौरान छात्रों और विश्वविद्यालय अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। छात्रों का आरोप है कि आरपीएम कॉलेज में सीआईए और प्रैक्टिकल परीक्षा के नाम पर कुल 1100 रुपये की राशि मांगी जा रही है। छात्रों का कहना है कि पहले सीआईए परीक्षा के लिए 600 रुपये तक लिए जाते थे, लेकिन इस बार अलग-अलग मदों में राशि बढ़ाकर वसूली की जा रही है। छात्रों ने इसे आर्थिक बोझ बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। इससे पहले भी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित आवेदन देकर कथित शुल्क वसूली पर रोक लगाने की मांग की थी। छात्रों का आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद कॉलेज में शुल्क लेना जारी रहा, जिसके बाद उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
कुलसचिव कार्यालय में तीखी बहस : आक्रोशित छात्र जब कुलसचिव कार्यालय पहुंचे तो वहां विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच तीखी बहस हुई। बाद में परीक्षा नियंत्रक डॉ. अरुण कुमार झा और आरपीएम कॉलेज के सचिव डॉ. सत्यजीत यादव भी मौके पर पहुंचे। छात्रों ने शुल्क वसूली का विरोध करते हुए अधिकारियों से स्पष्ट जवाब और लिखित आश्वासन की मांग की। कॉलेज सचिव ने छात्रों को आश्वासन दिया कि कॉलेज में इंटरनल परीक्षा के लिए अब शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन छात्र मौखिक आश्वासन मानने को तैयार नहीं हुए और लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। स्थिति बिगड़ती देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। सदर थाना की कमांडो टीम विश्वविद्यालय पहुंची और छात्रों को कुलसचिव कार्यालय से बाहर कराया। हालांकि, इसके बाद भी छात्र शुल्क के विरोध में विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन करते रहे।
एबीवीपी ने लगाया अवैध वसूली का आरोप : एबीवीपी के विभाग संयोजक नवनीत सम्राट ने आरपीएम कॉलेज प्रशासन पर छात्रों से शुल्क के नाम पर कथित अवैध वसूली का आरोप लगाया। उनका कहना है कि छात्रों से 600 रुपये प्रैक्टिकल और 500 रुपये सीआईए के नाम पर लिए जा रहे हैं। छात्रों का सवाल है कि यदि सरकारी कॉलेजों में इंटरनल परीक्षा के लिए इस तरह की अतिरिक्त राशि नहीं ली जा रही है तो संबद्ध कॉलेज में छात्रों से इतनी राशि किस नियम के तहत वसूली जा रही है? छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शुल्क की वैधता और उसके आधार को सार्वजनिक करने की मांग की है।
वहीं आरपीएम कॉलेज के सचिव डॉ. सत्यजीत यादव ने छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कॉलेज में कोई राशि बेवजह नहीं ली जा रही है। उनके अनुसार, राजभवन की ओर से निर्धारित शुल्क के आधार पर ही राशि ली जा रही है। उन्होंने कहा कि सीआईए के लिए 500 रुपये शुल्क लेने का निर्णय प्रधानाचार्य संघ की ओर से लिया गया है। राज्य सरकार की ओर से छात्राओं तथा एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा दिए जाने के प्रावधान को लेकर भी सवाल उठे। इस पर कॉलेज सचिव ने कहा कि सरकार की ओर से कॉलेज को राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है, ऐसे में निशुल्क शिक्षा कैसे दी जाए। उन्होंने कहा कि संघ के निर्णय के अनुसार फिलहाल राशि ली जा रही है और सरकार से पैसा मिलने के बाद राशि लौटाने की बात कही गई है।
📹 Murari Singh मधेपुरा टाइम्स Madhepura Times