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अररिया जिला मुख्यालय स्थित 20 जुलाई 2026 को उर्वरक निगरानी समिति की बैठक,उर्वरक बिक्री पर सख्त निगरानी के निर्देश अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय जिला परिषद अध्यक्ष श्री आफताब अजीम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, मांग एवं आपूर्ति, कालाबाजारी की रोकथाम तथा छापेमारी अभियान की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 1,572 अनुज्ञप्तिधारी उर्वरक विक्रेता कार्यरत हैं। जिला पदाधिकारी द्वारा विशेष रूप से यूरिया की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही ऐसे किसानों की सूची उपलब्ध कराने को कहा, जिन्होंने 10 बैग से अधिक यूरिया की खरीदारी की है, ताकि उसकी जांच कराई जा सके। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि उर्वरकों की कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित उर्वरक दुकानों की नियमित जांच और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी अनुज्ञप्तिधारी उर्वरक विक्रेता निर्धारित नियमों के विपरीत अनधिकृत उत्पादों की बिक्री नहीं करेगा। यदि किसी विक्रेता द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में जिले में लगभग 7,000 मीट्रिक टन यूरिया की कम खपत दर्ज की गई। इसे उर्वरकों के संतुलित एवं आवश्यकता आधारित उपयोग का सकारात्मक परिणाम बताया गया। बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी, जमाखोरी और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के निर्देश दिए। जिला अररिया BIHAR #viralpost #viralreelschallenge #viralreels #videogames #viralchallenge #newyork #2026Goals

Terhagachh, Kishanganj | Jul 20, 2026

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किशनगंज जिले में रेफरल व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती, निकटतम सरकारी अस्पताल में ही उपलब्ध होगी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा

किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता मे जिला स्तरीय रेफरल अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण समिति, सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं की  विस्तृत समीक्षा के क्रम में संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

समीक्षा के क्रम में बताया गया कि
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि सही मरीज को सही समय पर सही स्वास्थ्य संस्थान में उपचार सुनिश्चित करना भी है। अनावश्यक रेफरल से जहां मरीजों का समय, धन और ऊर्जा व्यर्थ होती है, वहीं बड़े अस्पतालों पर भी अनावश्यक दबाव बढ़ता है। इसी चुनौती को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं तकनीक आधारित बनाने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था से प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की क्षमता का बेहतर उपयोग होगा, गंभीर मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाया जा सकेगा तथा आमजन को अपने निकटतम सरकारी अस्पताल में ही बेहतर उपचार मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।

 समिति राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में जिले में रेफरल व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं नियमित समीक्षा का कार्य करेगी।

सदर अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का रोस्टर सार्वजनिक करने का निर्देश

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विशेषज्ञ एवं सामान्य चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर तैयार कर अस्पताल के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए, ताकि मरीज एवं उनके परिजन चिकित्सकों की उपलब्धता की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही सभी नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का भी रोस्टर तैयार कर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया, जिससे सेवा वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित हो सके।

रेफरल अंतिम विकल्प होगा, पहले स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी हर संभव चिकित्सा

बैठक में जिला पदाधिकारी के द्वारा स्पष्ट किया गया कि किसी भी मरीज को रेफर करने से पूर्व संबंधित स्वास्थ्य संस्थान अपनी उपलब्ध सभी चिकित्सीय सुविधाओं का पूरा उपयोग करेगा। यदि संबंधित उपचार सुविधा उपलब्ध नहीं होगी तभी मरीज को उच्च संस्थान के लिए रेफर किया जाएगा। प्रत्येक रेफरल के कारणों का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। रेफर किए जाने वाले मरीज को पहले चिकित्सकीय रूप से स्थिर (स्टेबलाइज) किया जाएगा तथा सरकारी एएलएसए/बीएलएसए एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

भाव्या पोर्टल एवं एबीएचए के माध्यम से होगी उपचार प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी

बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भाव्या  पोर्टल का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। ओपीडी, आईपीडी तथा दुर्घटना एवं आपातकालीन सेवाओं में आने वाले प्रत्येक मरीज का पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श, जांच एवं दवा वितरण डिजिटल माध्यम से दर्ज किया जाएगा। भर्ती मरीजों का आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बनाकर उनका इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में उपचार अधिक सुगम एवं प्रभावी हो सके।

आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर रहेगा विशेष जोर

सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दुर्घटना एवं आपातकालीन सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया। निर्देश दिया गया कि आपातकालीन मरीजों का बिना किसी प्रक्रियागत विलंब के प्राथमिक उपचार, आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आपातकालीन मरीजों के लिए आवश्यक पैथोलॉजी एवं एक्स-रे जांच सेवाओं की उपलब्धता बनाए रखने तथा रेफरल की स्थिति में मरीज की संपूर्ण पेशेंट जर्नी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर उसे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई, नियमित होगी समीक्षा

बैठक में जिला पदाधिकारी के द्वारा कहा गया कि अनावश्यक रेफरल अथवा प्रक्रियागत विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों की संयुक्त जिम्मेदारी तय की गई है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में आवश्यकता अनुसार जिले के अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की ऑन-कॉल सेवाएं लेने की व्यवस्था भी की जाएगी।इसके अतिरिक्त सिविल सर्जन द्वारा रेफर किए गए मरीजों के कारणों की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाएगी, जबकि जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति प्रत्येक माह बैठक कर रेफरल व्यवस्था, उपचार सेवाओं तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रदर्शन की समीक्षा करेगी और इसकी रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजी जाएगी।वही जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को उसके निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। इसके लिए सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मियों को जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करना होगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं पर विश्वास करें, अनावश्यक रेफरल की मांग न करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं। सभी के सहयोग से ही जिले में एक पारदर्शी, सुदृढ़ एवं जनहितैषी रेफरल व्यवस्था स्थापित की जा सकती है।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. मुनाजिम  आदि उपस्थित थे। #viralreelschallenge #viralchallenge #viralpost #viralreels #newyork #2026Goals

किशनगंज जिले में रेफरल व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती, निकटतम सरकारी अस्पताल में ही उपलब्ध होगी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता मे जिला स्तरीय रेफरल अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण समिति, सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा के क्रम में संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। समीक्षा के क्रम में बताया गया कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि सही मरीज को सही समय पर सही स्वास्थ्य संस्थान में उपचार सुनिश्चित करना भी है। अनावश्यक रेफरल से जहां मरीजों का समय, धन और ऊर्जा व्यर्थ होती है, वहीं बड़े अस्पतालों पर भी अनावश्यक दबाव बढ़ता है। इसी चुनौती को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं तकनीक आधारित बनाने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था से प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की क्षमता का बेहतर उपयोग होगा, गंभीर मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाया जा सकेगा तथा आमजन को अपने निकटतम सरकारी अस्पताल में ही बेहतर उपचार मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। समिति राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में जिले में रेफरल व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं नियमित समीक्षा का कार्य करेगी। सदर अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का रोस्टर सार्वजनिक करने का निर्देश बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विशेषज्ञ एवं सामान्य चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर तैयार कर अस्पताल के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए, ताकि मरीज एवं उनके परिजन चिकित्सकों की उपलब्धता की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही सभी नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का भी रोस्टर तैयार कर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया, जिससे सेवा वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित हो सके। रेफरल अंतिम विकल्प होगा, पहले स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी हर संभव चिकित्सा बैठक में जिला पदाधिकारी के द्वारा स्पष्ट किया गया कि किसी भी मरीज को रेफर करने से पूर्व संबंधित स्वास्थ्य संस्थान अपनी उपलब्ध सभी चिकित्सीय सुविधाओं का पूरा उपयोग करेगा। यदि संबंधित उपचार सुविधा उपलब्ध नहीं होगी तभी मरीज को उच्च संस्थान के लिए रेफर किया जाएगा। प्रत्येक रेफरल के कारणों का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। रेफर किए जाने वाले मरीज को पहले चिकित्सकीय रूप से स्थिर (स्टेबलाइज) किया जाएगा तथा सरकारी एएलएसए/बीएलएसए एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। भाव्या पोर्टल एवं एबीएचए के माध्यम से होगी उपचार प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भाव्या पोर्टल का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। ओपीडी, आईपीडी तथा दुर्घटना एवं आपातकालीन सेवाओं में आने वाले प्रत्येक मरीज का पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श, जांच एवं दवा वितरण डिजिटल माध्यम से दर्ज किया जाएगा। भर्ती मरीजों का आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बनाकर उनका इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में उपचार अधिक सुगम एवं प्रभावी हो सके। आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर रहेगा विशेष जोर सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दुर्घटना एवं आपातकालीन सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया। निर्देश दिया गया कि आपातकालीन मरीजों का बिना किसी प्रक्रियागत विलंब के प्राथमिक उपचार, आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आपातकालीन मरीजों के लिए आवश्यक पैथोलॉजी एवं एक्स-रे जांच सेवाओं की उपलब्धता बनाए रखने तथा रेफरल की स्थिति में मरीज की संपूर्ण पेशेंट जर्नी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर उसे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। लापरवाही पर होगी कार्रवाई, नियमित होगी समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी के द्वारा कहा गया कि अनावश्यक रेफरल अथवा प्रक्रियागत विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों की संयुक्त जिम्मेदारी तय की गई है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में आवश्यकता अनुसार जिले के अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की ऑन-कॉल सेवाएं लेने की व्यवस्था भी की जाएगी।इसके अतिरिक्त सिविल सर्जन द्वारा रेफर किए गए मरीजों के कारणों की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाएगी, जबकि जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति प्रत्येक माह बैठक कर रेफरल व्यवस्था, उपचार सेवाओं तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रदर्शन की समीक्षा करेगी और इसकी रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजी जाएगी।वही जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को उसके निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। इसके लिए सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मियों को जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करना होगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं पर विश्वास करें, अनावश्यक रेफरल की मांग न करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं। सभी के सहयोग से ही जिले में एक पारदर्शी, सुदृढ़ एवं जनहितैषी रेफरल व्यवस्था स्थापित की जा सकती है। इस अवसर पर अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. मुनाजिम आदि उपस्थित थे। #viralreelschallenge #viralchallenge #viralpost #viralreels #newyork #2026Goals

Terhagachh, Kishanganj | Jul 20, 2026

किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में नगर विकास एवं आवास से संबंधित  पदाधिकारियों के साथ कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई ।

समीक्षा के क्रम में कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद किशनगंज द्वारा बताया गया कि किशनगंज शहरी क्षेत्रान्तर्गत कुल 34 वार्ड है ,इनमें से 10 वार्डों की सफाई व्यवस्था सीधे नगर परिषद द्वारा संचालित की जाती है साथ  विभिन्न सरकारी कार्यालयों एवं आवासीय परिसरों की साफ सफाई नियमित रूप से कराई जाती है ।
चयनित एजेंसी द्वारा 24 वार्डों में नियमित सफाई की जाती है, प्रमुख बाजार क्षेत्रों ,मुख्य सड़कों  एवं नालियों की विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, नगर परिषद क्षेत्र के सभी 34 वार्ड में प्रतिदिन डोर-डोर कचरा संग्रहण किया जाता है , एकत्रित कचरे का निर्धारित स्थल मोतीबाग डंपिंग यार्ड में डंप किया जाता है,नगर परिषद द्वारा मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी एवं कंपोस्ट प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है ।
बुडको द्वारा नल जल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ।

आश्रय स्थल का पूर्ण रूप से नगर परिषद किशनगंज द्वारा संचालन किया जा रहा है ।
 नगर परिषद किशनगंज द्वारा वृद्ध आश्रम में 50 बेड की सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध है,वर्तमान में  समाज कल्याण विभाग की देखरेख एवं स्वामित्व में संचालित है ।

4285 अदर स्ट्रीट लाइट नग
का अधिष्ठापन नगर परिषद किशनगंज द्वारा किया गया है जिसका 5 साल  तक का देखरेख एवं मेंटेनेंस संबंधित एजेंसी द्वारा किया जा रहा है ।

नगर परिषद किशनगंज  क्षेत्रन्तर्गत सुरक्षा की दृष्टिकोण से सतत निगरानी हेतु पूर्व में 75 अदद एवं वर्तमान में 125 अदद सीसीटीवी कैमरा अधिष्ठापित किया गया है ।

मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना अंतर्गत नगर परिषद किशनगंज द्वारा खेल भवन,पार्क,सड़क चौड़ीकरण, सड़क निर्माण,नाला निर्माण आदि का कार्य प्रगति पर है।

जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नगर निकाय क्षेत्रों में नाला उड़ाही का कार्य ससमय  सुनिश्चित करेंगे, साथ ही शहर के मुख्य चौक चौराहों का सौंदर्यीकरण हेतु अलग-अलग प्रकार के ढांचा , लाइटिंग आदि का निर्माण कराना सुनिश्चित करेंगे ।

इस अवसर पर कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद किशनगंज, नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी ठाकुरगंज, बहादुरगंज, पौआखली शामिल थे। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #viralreels #newyork #2026Goals

किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में नगर विकास एवं आवास से संबंधित पदाधिकारियों के साथ कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई । समीक्षा के क्रम में कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद किशनगंज द्वारा बताया गया कि किशनगंज शहरी क्षेत्रान्तर्गत कुल 34 वार्ड है ,इनमें से 10 वार्डों की सफाई व्यवस्था सीधे नगर परिषद द्वारा संचालित की जाती है साथ विभिन्न सरकारी कार्यालयों एवं आवासीय परिसरों की साफ सफाई नियमित रूप से कराई जाती है । चयनित एजेंसी द्वारा 24 वार्डों में नियमित सफाई की जाती है, प्रमुख बाजार क्षेत्रों ,मुख्य सड़कों एवं नालियों की विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, नगर परिषद क्षेत्र के सभी 34 वार्ड में प्रतिदिन डोर-डोर कचरा संग्रहण किया जाता है , एकत्रित कचरे का निर्धारित स्थल मोतीबाग डंपिंग यार्ड में डंप किया जाता है,नगर परिषद द्वारा मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी एवं कंपोस्ट प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है । बुडको द्वारा नल जल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है । आश्रय स्थल का पूर्ण रूप से नगर परिषद किशनगंज द्वारा संचालन किया जा रहा है । नगर परिषद किशनगंज द्वारा वृद्ध आश्रम में 50 बेड की सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध है,वर्तमान में समाज कल्याण विभाग की देखरेख एवं स्वामित्व में संचालित है । 4285 अदर स्ट्रीट लाइट नग का अधिष्ठापन नगर परिषद किशनगंज द्वारा किया गया है जिसका 5 साल तक का देखरेख एवं मेंटेनेंस संबंधित एजेंसी द्वारा किया जा रहा है । नगर परिषद किशनगंज क्षेत्रन्तर्गत सुरक्षा की दृष्टिकोण से सतत निगरानी हेतु पूर्व में 75 अदद एवं वर्तमान में 125 अदद सीसीटीवी कैमरा अधिष्ठापित किया गया है । मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना अंतर्गत नगर परिषद किशनगंज द्वारा खेल भवन,पार्क,सड़क चौड़ीकरण, सड़क निर्माण,नाला निर्माण आदि का कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नगर निकाय क्षेत्रों में नाला उड़ाही का कार्य ससमय सुनिश्चित करेंगे, साथ ही शहर के मुख्य चौक चौराहों का सौंदर्यीकरण हेतु अलग-अलग प्रकार के ढांचा , लाइटिंग आदि का निर्माण कराना सुनिश्चित करेंगे । इस अवसर पर कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद किशनगंज, नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी ठाकुरगंज, बहादुरगंज, पौआखली शामिल थे। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #viralreels #newyork #2026Goals

Terhagachh, Kishanganj | Jul 20, 2026

किशनगंज 12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल चौकी पैकटोला SSB जवान और टेढ़ागाछ थाना पुलिस की संयुक्त छापेमारी में 14 कार्टून चैईनिज सेब बरामद, मिली जानकारी अनुसार किशनगंज जिला के टेढ़ागाछ थाना अंतर्गत भारत नेपाल पिलर संख्या 154/1 के पास भारत में जयप्रकाश यादव,पिता राम अवतार यादव,ग्राम पैकटोला गांव में SSB को गुप्त सूचना मिली चेईनिज सेब की बड़ी खेप रखा हुआ है, वही गुप्त सूचना के आधार टेढ़ागाछ थाना पुलिस और SSB जवानों की संयुक्त छापेमारी में उक्त व्यक्ति के घर से 14 कार्टून चैईनिज सेब बरामद हुऐ,जिसका 14×20 कुल वजन 280 किलो था जिसकी जब्ती सूची बनाकर टेढ़ागाछ थाना पुलिस हवाले की प्रक्रिया जारी हैं, जानकारी देते हुए नाका पार्टी कमांडर उप.नि./सा.-प्रशांत प्रकाश
Kishanganj Police District Kishanganj Bihar Police SSB - Stuttgarter Straßenbahnen AG Sashastra Seema Bal - SSB SSBCrack SSB Heart And Multispeciality Hospital SSB Academy SSB Online Taiyari SSB Design

किशनगंज 12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल चौकी पैकटोला SSB जवान और टेढ़ागाछ थाना पुलिस की संयुक्त छापेमारी में 14 कार्टून चैईनिज सेब बरामद, मिली जानकारी अनुसार किशनगंज जिला के टेढ़ागाछ थाना अंतर्गत भारत नेपाल पिलर संख्या 154/1 के पास भारत में जयप्रकाश यादव,पिता राम अवतार यादव,ग्राम पैकटोला गांव में SSB को गुप्त सूचना मिली चेईनिज सेब की बड़ी खेप रखा हुआ है, वही गुप्त सूचना के आधार टेढ़ागाछ थाना पुलिस और SSB जवानों की संयुक्त छापेमारी में उक्त व्यक्ति के घर से 14 कार्टून चैईनिज सेब बरामद हुऐ,जिसका 14×20 कुल वजन 280 किलो था जिसकी जब्ती सूची बनाकर टेढ़ागाछ थाना पुलिस हवाले की प्रक्रिया जारी हैं, जानकारी देते हुए नाका पार्टी कमांडर उप.नि./सा.-प्रशांत प्रकाश Kishanganj Police District Kishanganj Bihar Police SSB - Stuttgarter Straßenbahnen AG Sashastra Seema Bal - SSB SSBCrack SSB Heart And Multispeciality Hospital SSB Academy SSB Online Taiyari SSB Design

Terhagachh, Kishanganj | Jul 20, 2026

किशनगंज जिला पदाधिकारी ने आमजनों की समस्याएं सुनीं

किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक 20-07-2026 को बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी नवीन कुमार द्वारा आम जनमानस की समस्याओं को सुना गया।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सप्ताह में दो दिन—सोमवार एवं शुक्रवार को सभी पदाधिकारी अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे, ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने निर्देशित किया कि सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रत्येक कार्यालय में आगंतुक पंजी विधिवत संधारण करते हुए प्राप्त शिकायतों की प्रविष्टि एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

इसके अतिरिक्त प्रखंड, पंचायत एवं जिला स्तर पर प्रतिदिन आगंतुकों की संख्या की रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है। किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी को तत्काल अपने वरीय पदाधिकारी को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।

जिला पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। यदि किसी कारणवश संबंधित पदाधिकारी कार्यालय में अनुपस्थित हों, तो उनके स्थान पर अधिकृत पदाधिकारी आमजनों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। जो पदाधिकारी एक से अधिक कार्यालयों के प्रभार में हैं, वे सोमवार एवं शुक्रवार को सुविधा अनुसार समय निर्धारित कर सभी कार्यालयों में उपस्थित रहकर लोगों से मिलना सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्देशों की अवहेलना अथवा अधिकृत पदाधिकारी की अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #viralreels #newyork #2026Goals

किशनगंज जिला पदाधिकारी ने आमजनों की समस्याएं सुनीं किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक 20-07-2026 को बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी नवीन कुमार द्वारा आम जनमानस की समस्याओं को सुना गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सप्ताह में दो दिन—सोमवार एवं शुक्रवार को सभी पदाधिकारी अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे, ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रत्येक कार्यालय में आगंतुक पंजी विधिवत संधारण करते हुए प्राप्त शिकायतों की प्रविष्टि एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त प्रखंड, पंचायत एवं जिला स्तर पर प्रतिदिन आगंतुकों की संख्या की रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है। किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी को तत्काल अपने वरीय पदाधिकारी को सूचित करने का निर्देश दिया गया है। जिला पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। यदि किसी कारणवश संबंधित पदाधिकारी कार्यालय में अनुपस्थित हों, तो उनके स्थान पर अधिकृत पदाधिकारी आमजनों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। जो पदाधिकारी एक से अधिक कार्यालयों के प्रभार में हैं, वे सोमवार एवं शुक्रवार को सुविधा अनुसार समय निर्धारित कर सभी कार्यालयों में उपस्थित रहकर लोगों से मिलना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्देशों की अवहेलना अथवा अधिकृत पदाधिकारी की अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। #viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #viralreels #newyork #2026Goals

Terhagachh, Kishanganj | Jul 20, 2026

अररिया जिला मुख्यालय स्थित 20 जुलाई 2026 को उर्वरक निगरानी समिति की बैठक,उर्वरक बिक्री पर सख्त निगरानी के निर्देश अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय जिला परिषद अध्यक्ष श्री आफताब अजीम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, मांग एवं आपूर्ति, कालाबाजारी की रोकथाम तथा छापेमारी अभियान की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 1,572 अनुज्ञप्तिधारी उर्वरक विक्रेता कार्यरत हैं। जिला पदाधिकारी द्वारा विशेष रूप से यूरिया की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही ऐसे किसानों की सूची उपलब्ध कराने को कहा, जिन्होंने 10 बैग से अधिक यूरिया की खरीदारी की है, ताकि उसकी जांच कराई जा सके। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि उर्वरकों की कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित उर्वरक दुकानों की नियमित जांच और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी अनुज्ञप्तिधारी उर्वरक विक्रेता निर्धारित नियमों के विपरीत अनधिकृत उत्पादों की बिक्री नहीं करेगा। यदि किसी विक्रेता द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में जिले में लगभग 7,000 मीट्रिक टन यूरिया की कम खपत दर्ज की गई। इसे उर्वरकों के संतुलित एवं आवश्यकता आधारित उपयोग का सकारात्मक परिणाम बताया गया। बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी, जमाखोरी और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के निर्देश दिए। जिला अररिया BIHAR #viralpost #viralreelschallenge #viralreels #videogames #viralchallenge #newyork #2026Goals - Terhagachh News