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सम्मान से संकल्प तक: मण्डावर शिक्षा क्रांति ने प्रतिभाओं को दिखाई सफलता की राह आशापुरा माता के दरबार में 45 प्रतिभाओं का सम्मान, नौकरी लगने तक निरंतर प्रयास का लिया संकल्प शिक्षा केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में लक्ष्य तय कर उसे हासिल करने की प्रेरणा देने वाली यात्रा है। इसी सोच को जमीन पर उतारते हुए मण्डावर शिक्षा क्रांति अभियान ने प्रतिभा खोज परीक्षा के विजेता विद्यार्थियों के सम्मान को एक नई दिशा दी। इस बार सम्मान समारोह किसी सभागार में नहीं, बल्कि नाडोल स्थित राजराजेश्वरी आशापुरा माता के पावन परिसर में आयोजित किया गया, जहां प्रतिभाओं ने माता के चरणों में सफल होने का संकल्प लेकर अपनी आगे की यात्रा शुरू की। मण्डावर सरपंच (प्रशासक) प्यारी कुमारी चौहान एवं अभियान संयोजक जसवंत सिंह चौहान के सानिध्य में विजेता छात्र-छात्राओं को नाडोल आशापुरा माता के दर्शन करवाए गए। इसके साथ ही विद्यार्थियों को श्री रूपनारायण भगवान सेवन्त्री, लक्ष्मण झूला, रोकड़िया हनुमान, श्री चारभुजा नाथ सहित विभिन्न धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया गया। इस पहल का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को घुमाना या सम्मानित करना नहीं था, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति, आस्था, प्रकृति और जीवन मूल्यों से जोड़ते हुए भविष्य के लिए प्रेरित करना था। माता के दरबार में सम्मान, मन में बड़ा लक्ष्य नाडोल स्थित आशापुरा माता परिसर में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में चयनित 45 प्रतिभागियों को माता आशापुरा का छायाचित्र, प्रतीक चिन्ह एवं पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी के साथ भविष्य को लेकर आत्मविश्वास भी नजर आया। अभियान संयोजक जसवंत सिंह चौहान ने कहा कि प्रतिभा को केवल पहचानना पर्याप्त नहीं है, उसे सही दिशा, संसाधन और निरंतर प्रोत्साहन देना भी समाज की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से मण्डावर शिक्षा क्रांति अभियान विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ कैरियर मार्गदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार की दिशा में सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। सरपंच प्यारी कुमारी चौहान ने सभी चयनित प्रतिभागियों को सरकारी सेवा में चयन होने तक हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने पुस्तक एवं गाइड की व्यवस्था, कोचिंग तथा रोजगार संबंधी मार्गदर्शन में सहयोग करने की बात कही। पांच सरकारी नौकरियां लगीं तो पैदल पहुंचेंगे माता के दरबार समारोह का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब आया, जब इन 45 प्रतिभाओं ने आशापुरा माता के चरणों में सफल होने और नौकरी लगने तक निरंतर प्रयास करते रहने का संकल्प लिया। इसी अवसर पर यह भी संकल्प लिया गया कि इन 45 प्रतिभागियों में से एक साथ पांच प्रतिभागियों का सरकारी सेवा में चयन होने पर अगली बार सभी मिलकर कुलदेवी आशापुरा माता के दरबार में पैदल यात्रा कर पहुंचेंगे। यह संकल्प विद्यार्थियों के लिए केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि उनके लक्ष्य के प्रति अनुशासन, निरंतरता और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन गया। बस यात्रा से शुरू हुई शिक्षा क्रांति की नई राह मण्डावर शिक्षा क्रांति अभियान की विशेषता यह है कि इसमें शिक्षा को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकालकर विद्यार्थियों के अनुभवों से जोड़ा जा रहा है। प्रतिभा खोज परीक्षा के विजेताओं के लिए बस यात्रा के माध्यम से शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं प्रेरणात्मक भ्रमण अभियान के प्रथम चरण के रूप में आयोजित किया गया। आगामी चरणों में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए रेल यात्रा और हवाई यात्रा भी प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नई जगहों, नए अनुभवों और नई संभावनाओं से परिचित कराना है, ताकि छोटे कस्बों और गांवों की प्रतिभाएं भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस जुटा सकें। शिक्षा के साथ संस्कार और सपनों को पंख कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद प्रताप सिंह चौहान, मिठू सिंह चौहान एवं जगदीश चावला ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और सही मार्गदर्शन मिलता रहे तो ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं भी किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं। समारोह में प्रेम सिंह सोमेश्वर, राम सिंह, रूपाराम, धन्ना सिंह, पूरन सिंह, दर्शना देवी, चंचल जैन, मैना देवी, प्रेमी देवी, गोविंद सिंह, बॉक्सर दशरथ सिंह, फतह सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संयोजन मण्डावर शिक्षा क्रांति अभियान के संयोजक जसवंत सिंह चौहान ने किया। इन 45 प्रतिभाओं को मिला सम्मान मण्डावर शिक्षा क्रांति अभियान के तहत सम्मानित होने वाले प्रतिभागियों में मनीषा कुमारी, तरुण रावत, गणपत सिंह, हेमलता कुमारी, दीपिका कुमारी, गायत्री कुमारी, कुलदीप सिंह, भानुप्रिया, लक्ष्यराज सिंह, युवराज सिंह, रितु चौहान, कार्तिक सिंह, पीथा सिंह, मनीषा कुमारी, प्रीतम सिंह, चंचल कुमारी, गजेंद्र सिंह, शीतल कुमारी, हसीना कुमारी, लविश सिंह, खुशबू चौहान, निखिल सिंह, फुलवंता कुमारी, महेश सिंह, आरती कुमारी, दिव्या कुमारी, किशोर सिंह, पवन सिंह, गजेंद्र सिंह, तनीषा, अर्चना कुमारी, मनीष सिंह, दिलशान सिंह, लखवीर सिंह, कृष्णा कुमारी, प्रीतम सिंह, खुशी चौहान, दिनेश सिंह, टिवंकल कुमारी, चंचल कुमारी, कल्पना कुमारी, नेहा कुमारी, निशा कुमारी, धीरज सिंह एवं धर्मेंद्र सिंह सहित कुल 45 प्रतिभागी शामिल रहे। मण्डावर शिक्षा क्रांति अभियान का यह प्रयास इस संदेश के साथ आगे बढ़ रहा है कि प्रतिभा चाहे गांव में जन्म ले या शहर में यदि उसे अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वह सफलता की नई कहानी लिख सकती है। आशापुरा माता के दरबार में लिया गया यह संकल्प अब इन 45 प्रतिभाओं के लिए एक नई शुरुआत है—लक्ष्य सरकारी सेवा का, रास्ता मेहनत का और साथ पूरे समाज का। - Badgaon News