सेलाकुई में मित्र पुलिस के जवान ने बचाई नन्ही बिल्ली की जान, सोशल मीडिया पर छाई इंसानियत की मिसाल!!
सड़क पर तेज़ रफ्तार वाहनों के बीच एक नन्ही बिल्ली की जान खतरे में थी। भूख-प्यास से बेहाल यह मासूम बिल्ली का बच्चा लावारिस हालत में सड़क पर भटक रहा था और किसी भी क्षण किसी वाहन की चपेट में आ सकता था। तभी वहां से गुजर रहे मित्र पुलिस के जवान इरशाद की नजर उस पर पड़ी और उन्होंने बिना देर किए मानवता की मिसाल पेश कर दी।
जैसे ही उन्होंने सड़क पर बिल्ली के बच्चे को देखा, तुरंत वाहनों को रुकवाकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। घबराई हुई नन्ही बिल्ली कार के नीचे से निकलकर सीधे अपने रक्षक के पास आ गई। अपने पैरों के पास सहमी हुई उस मासूम जान को देखकर पुलिसकर्मी का दिल पसीज गया और उन्होंने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। भूख से व्याकुल बिल्ली के बच्चे को इरशाद ने अपने हाथों से दूध पिलाया और उसे प्यार-दुलार देकर भरोसा दिलाया कि अब वह सुरक्षित है। कुछ ही देर में बिल्ली और पुलिसकर्मी के बीच ऐसा अपनापन बन गया कि वहां से गुजरने वाले लोग भी इस भावुक दृश्य को देखकर रुकने को मजबूर हो गए।
दिलचस्प बात यह रही कि बचाई गई नन्ही जान भी अपने मददगार से दूर जाने को तैयार नहीं थी। वह बार-बार उनके पास आकर लिपटने लगी, मानो अपनी भाषा में उनका धन्यवाद कर रही हो। वर्दी और बेजुबान के बीच यह अनोखा रिश्ता हर किसी का दिल जीत रहा था।
बिल्ली के बच्चे की खराब हालत और सड़क पर लगातार मंडरा रहे खतरे को देखते हुए इरशाद का मन उसे वहीं छोड़ने का नहीं हुआ। ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह उस मासूम को अपने साथ घर ले गए। वहां उन्होंने न केवल उसे सुरक्षित आश्रय दिया, बल्कि उसके बेहतर पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी उठाई। जल्द ही बिल्ली का बच्चा अपने नए घर और अपने रक्षक के साथ इस तरह घुल-मिल गया, जैसे दोनों का कोई पुराना नाता हो।
मित्र पुलिस के इस मानवीय और संवेदनशील चेहरे की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लाखों लोग पुलिसकर्मी इरशाद की सराहना करते हुए उन्हें सच्चा हीरो बता रहे हैं। यह घटना साबित करती है कि असली इंसानियत केवल लोगों की मदद करने में नहीं, बल्कि हर जीव के जीवन का सम्मान करने में है।
एक ओर ड्यूटी का फर्ज, दूसरी ओर एक बेजुबान की जान—सेलाकुई के पुलिसकर्मी इरशाद ने यह साबित कर दिया कि सच्चा नायक वही है, जो हर जीवन की कीमत समझता है, चाहे वह इंसान हो या बेजुबान।
Rudraprayag, Rudraprayag | Jun 20, 2026