कार्डियोलोजिस्ट डॉ. दुश्यन्त देव ने पुलिस बल को दिए हार्ट अटैक से बचाव के महत्वपूर्ण टिप्स। पहल परिवार ने आयोजित किया कार्यक्रम।
सामाजिक सरोकारों और जन-जागरूकता के क्षेत्र में अग्रणी संस्था 'पहल परिवार' के तत्वावधान में आज दिनांक 07 जून 2026, रविवार को एम.एस. रोड स्थित होटल महाराजा में एक विशेष 'कार्डियक अवेयरनेस सेमीनार' (हृदय रोग जागरूकता शिविर) का सफल आयोजन किया गया। "स्वस्थ हृदय, सुखी जीवन" के ध्येय वाक्य के साथ आयोजित इस सत्र का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अत्यधिक तनावपूर्ण दिनचर्या के बीच अपने हृदय को स्वस्थ रखने और हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति से बचाव के प्रति जागरूक करना था । पहल परिवार के द्वारा इस कार्यक्रम में “इमरजेंसी कार्डियक मेडीसिन किट” का विमोचन किया जिसमें 04 प्रकार की टेब्लेट्स दी गई जो चेस्ट पेन अथवा ह्रदय घात की स्थिति में अत्यन्त लाभकारी हैं ।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक महोदय जिला मुरैना धर्मराज का उपस्थित होना अपरिहार्य कारणों से सम्भव नहीं हो पाया है । विशिष्ट अतिथी के रुप में भूपेन्द्र सिंह एसडीएम मुरैना, रक्षित निरीक्षक रविकान्त शुक्ला तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी पदमेश उपाध्याय उपस्थित रहे । कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दुश्यन्त देव (DM Cardiology) रहे, जिन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को हृदय स्वास्थ्य से संबंधित अत्यंत उपयोगी और व्यावहारिक जानकारियां साझा कीं । सेमीनार में पुलिस विभाग से रक्षित निरीक्षक रविकान्त शुक्ला एवं 02 निरीक्षक सहित कुल 125 पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
मुख्य वक्ता डॉ. दुश्यन्त देव ने अपने संबोधन में बताया कि पुलिस बल की ड्यूटी चौबीसों घंटे और अत्यधिक मानसिक व शारीरिक तनाव से भरी होती है, जिसके कारण उनमें हृदय रोग का खतरा अन्य नागरिकों की तुलना में अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों, जैसे सीने में भारीपन, अचानक अत्यधिक पसीना आना, बाएं हाथ या जबड़े में दर्द होना आदि के बारे में विस्तार से समझाया। डॉ. देव ने जोर देकर कहा कि लक्षण दिखते ही बिना समय गंवाए 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती एक घंटा) के भीतर योग्य चिकित्सक से संपर्क करना जीवन रक्षक साबित होता है ।
डॉ. दुश्यन्त देव द्वारा हृदय को स्वस्थ रखने हेतु दिए गए 4 मुख्य सूत्र:-
1.नियमित जांच:- समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं, यही स्वस्थ जीवन की असली पहचान है।
2.व्यायाम करें:- प्रतिदिन कम से कम 30-45 मिनट व्यायाम या योग करें, जिससे हृदय मजबूत बनता है।
3.संतुलित आहार:- अपने भोजन में फल, हरी सब्जियां शामिल करें और अत्यधिक तैलीय व जंक फूड से पूरी तरह परहेज करें।
4.धूम्रपान का त्याग:- तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट का सेवन तुरंत छोड़ें और अपने हृदय को लंबी उम्र दें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी पदमेश उपाध्याय ने पहल परिवार की इस अनूठी और संवेदनशील पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की व्यस्तता में पुलिसकर्मी अक्सर अपने स्वास्थ्य की अनदेखी कर देते हैं। इस प्रकार के जागरूकता सत्र पुलिस बल के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने उपस्थित सभी पुलिसकर्मियों से डॉ. देव द्वारा बताए गए स्वास्थ्य नियमों को अपनी दैनिक जीवनशैली में अनिवार्य रूप से शामिल करने का आह्वान किया ।
कार्यक्रम के अंत में पहल परिवार के पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता एवं उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों का आभार व्यक्त किया गया पहल परिबार से डॉ विवेक राठी, डॉ ऋतू राठी, डॉ अवनीश माहेश्वरी, डॉ राकेश माहेश्वरी, अतुल माहेश्वरी, आशा सिकरवार, गौरव गुप्ता, प्रिंस गोयाल, सुभाष राठी,राजेश बाँदील, संजीव पथरिया, लोकेन्द्र डंडोतिया,जयनारायण तोमर,विराट शाह, हेमा अग्रवाल, मनीष गर्ग, पवन शर्मा, अशोक भदौरिया, नितेश बंसल, समीर बाँदील, प्रमोद गुप्ता, रविंद्र माहेश्वरी, पदम जैन, पुष्पा राठी सुधीर गोयल आदि प्रमुख रूप से उपस्थिति रहे