देवरिया में दो संपत्तियों के स्टाम्प मूल्यांकन की डीएम ने की जांच, एक मामले में मिली 2.15 लाख रुपये की कमी
#देवरिया।
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को जनपद में क्रय-विक्रय की दो संपत्तियों के स्टाम्प मूल्यांकन का मौके पर पहुंचकर सत्यापन किया। जांच के दौरान एक संपत्ति के स्टाम्प शुल्क में 2 लाख 15 हजार रुपये की कमी पाए जाने पर उन्होंने सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी स्टाम्प) को आवश्यक विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संपत्तियों के क्रय-विक्रय में निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुसार स्टाम्प शुल्क का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। रजिस्ट्री से पूर्व स्टाम्प मूल्यांकन की गहन जांच की जाए, ताकि राजस्व की किसी प्रकार की क्षति न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टाम्प शुल्क में कमी पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विशुनपुरा तहसील, देवरिया के अंतर्गत विक्रेता गिरजाशंकर व अन्य तथा क्रेता बिंदु देवी से संबंधित संपत्ति का लेखपत्र के अनुसार मौके पर स्टाम्प मूल्यांकन सत्यापित किया। जांच में 2,15,000 रुपये के स्टाम्प शुल्क की कमी पाई गई। इस पर उन्होंने एआईजी स्टाम्प को आवश्यक विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने मेहड़ा नगर बाहर, तप्पा धतुरा स्थित व्यवसायिक भवन कल्पनाथ टावर के क्रय-विक्रय में प्रयुक्त स्टाम्प शुल्क का जायजा लिया। जांच में दस्तावेजों के अनुसार स्टाम्प मूल्यांकन सही पाया गया।
निरीक्षण के दौरान सहायक महानिरीक्षक निबंधन अजय धर्मपाल सिंह एवं उप निबंधक उपस्थित रहे।