कुल्थी, धान और चावल से बनी राखियों ने बढ़ाया महिलाओं की आमदनी का जरिया
कोंडागांव की बिहान समूह की दीदियां स्थानीय संसाधनों और अपनी रचनात्मकता से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। राखी पर्व के अवसर पर बड़ेराजपुर, केशकाल और कोंडागांव विकासखंड की महिला स्व-सहायता समूहों ने कुल्थी, धान, चावल, बांस एवं अन्य स्थानीय सामग्रियों से आकर्षक राखियां तैयार की हैं।
इन राखियों की बिक्री के लिए विभिन्न बाजारों में स्टॉल लगाए गए हैं, जहां लोगों से इन्हें अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक राखियों की बिक्री से समूह की महिलाओं को ₹49,500 से अधिक की आमदनी हो चुकी है।
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