रक्षाबंधन पर छात्राओं ने पुलिसकर्मियों और एनएसएस स्वयंसेवकों ने पेड़ों को बाँधी राखी
पंचकूला 27 अगस्त : रक्षाबंधन के पावन अवसर पर पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में सामाजिक सरोकार, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदारी का संदेश देते हुए दो विशेष पहल की गईं। कॉलेज की छात्राओं ने सेक्टर-1 पुलिस चौकी के पुलिस कर्मचारियों को कॉलेज परिसर में राखी बाँधकर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की, वहीं एनएसएस स्वयंसेवकों ने एक राखी पेड़ के नाम कार्यक्रम के तहत कॉलेज परिसर में पेड़ों को रक्षा सूत्र बाँधकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
पुलिस कर्मचारियों को बाँधी गई राखियाँ छात्राओं ने स्वयं तैयार की थीं। इन्हें तैयार करने में घरेलू उपयोग की सामग्री तथा प्राकृतिक वस्तुओं का प्रयोग किया गया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरण-अनुकूल रक्षाबंधन का संदेश देते हुए समाज की सुरक्षा में योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया।
वहीं, एनएसएस स्वयंसेवकों ने एक राखी पेड़ के नाम कार्यक्रम के अंतर्गत कॉलेज परिसर में स्थित पेड़ों को रक्षा सूत्र बाँधे। स्वयंसेवकों ने पेड़ों की नियमित देखभाल, संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। उन्होंने संदेश दिया कि जिस प्रकार राखी सुरक्षा और जिम्मेदारी का प्रतीक है, उसी प्रकार पेड़ों को रक्षा सूत्र बाँधना प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शैलजा छाबड़ा ने दोनों पहलों की सराहना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन को सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा के लिए निरंतर सेवाएँ देते हैं, जबकि पेड़ हमारे पर्यावरण और जीवन की सुरक्षा करते हैं। इसलिए दोनों के प्रति सम्मान और संरक्षण का संकल्प रक्षाबंधन की भावना को और व्यापक बनाता है।
इन दोनों कार्यक्रमों का आयोजन इन्क्यूबेटर सेल की संयोजक डॉ खुशबू, डॉ सुमन बाला इको क्लब की संयोजक डॉ नीलम मण्डल, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ अनिल कुमार पाण्डेय और कृति के नेतृत्व में किया गया। डॉ पाण्डेय ने स्वयंसेवकों को रक्षाबंधन के पर्व को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि प्रकृति की रक्षा केवल एक दिन का संकल्प नहीं, बल्कि निरंतर निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है।