पंचकूला पुलिस ने 1 सप्ताह में 110 बच्चों को भीख मांगने से छुड़ाया: अधिकत्तर यूपी, मध्यप्रदेश व राजस्थान के रहने वालें, सत्यापन के बाद इनके मूल निवास पर वापस भेजा- पुलिस कमिश्नर पंकज नैन
गुब्बारे, पेन और अन्य छोटे-मोटे सामान बेचने के बहाने लोगों से भीख मांगते थे लोग, पुलिस ने परिजनों को थाना बुलाकर दी सख्त चेतावनी
पुलिस कमिश्नर ने आमजन से भी अभियान को सफल बनाने की अपील की, अभियान तब तक लगातार जारी रहेगा, जब तक शहर को पूरी तरह भिक्षावृत्ति मुक्त नहीं बना दिया जाता
पंचकूला/ 24 जून:- पंचकूला को सुरक्षित, व्यवस्थित और अपराध मुक्त शहर बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नर पंकज नैन द्वारा शुरू किया गया विशेष भिक्षावृत्ति मुक्त पंचकूला अभियान लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। करीब एक सप्ताह पूर्व शुरू किए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य सड़क किनारे भीख मांगने वाले लोगों, विशेषकर मासूम बच्चों को भिक्षावृत्ति के दलदल से बाहर निकालकर सम्मानजनक जीवन और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने इंस्पेक्टर राजेश कुमारी के की अगुवाई में छह सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया था, जिसमें विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों का भी सहयोग लिया जा रहा है। अभियान की प्रगति पर स्वयं पुलिस कमिश्नर प्रतिदिन निगरानी रखते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि अभियान के तहत पुलिस टीमों द्वारा बस स्टैंडों, प्रमुख बाजारों, ट्रैफिक सिग्नलों, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों तथा अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर अब तक कुल 110 बच्चों की पहचान की गई है। जांच में सामने आया कि इनमें से कई बच्चे गुब्बारे, पेन और अन्य छोटे-मोटे सामान बेचने के बहाने लोगों से भीख मांगने लगे थे। पुलिस ने बच्चों के परिजनों को थाने बुलाकर सख्त चेतावनी दी और उन्हें समझाया कि बच्चों का भविष्य भीख मांगने में नहीं बल्कि शिक्षा प्राप्त करने और बेहतर जीवन जीने में है। साथ ही अभिभावकों को स्वयं रोजगार या व्यवसाय तलाशने तथा बच्चों की उचित देखभाल एवं शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में बच्चों से भीख मंगवाने की स्थिति पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि अभियान के दौरान की गई जांच में अधिकांश परिवार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान से संबंधित पाए गए। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऐसे लोगों को उनके मूल निवास स्थानों पर वापस भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि ट्रैफिक सिग्नलों और रेड लाइटों पर अचानक भीख मांगने वालों के सामने आने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसके अतिरिक्त ऐसी गतिविधियों की आड़ में आपराधिक तत्वों के छिपे होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता, जो शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है। इसी कारण यह अभियान सामाजिक सरोकार के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने आमजन से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है। पुलिस द्वारा विशेष हेल्पलाइन नंबर 8146630022 जारी किया गया है। यदि किसी भी नागरिक को सड़क किनारे, चौराहों, बाजारों या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर कोई व्यक्ति भीख मांगता दिखाई दे अथवा बच्चों से जबरदस्ती भीख मंगवाने की सूचना मिले तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि पंचकूला पुलिस का यह विशेष अभियान तब तक लगातार जारी रहेगा, जब तक शहर को पूरी तरह भिक्षावृत्ति मुक्त नहीं बना दिया जाता।