सफलता की कहानी
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड बना श्रमिकों का सच्चा साथी
"बेटियों के सपनों को मिला भरोसा, मेहनतकश परिवारों को मिला सहारा"
Kullu Times
"मुझे अब विश्वास है कि मेरी बेटी का भविष्य उज्ज्वल और सुरक्षित होगा। सरकार से मिली सहायता से उसके भविष्य को लेकर मेरी चिंता काफी कम हो गई है।" यह कहना है जिला कुल्लू की गड़सा पंचायत के निवासी खेमराज का।
मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले खेमराज बताते हैं कि
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से पहली बेटी के जन्म पर बोर्ड द्वारा 51 हजार रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) करवाई गई है। यह राशि बेटी के वयस्क होने पर परिपक्व होगी और उसकी उच्च शिक्षा अथवा अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहारा बनेगी। पहले बेटी की पढ़ाई और भविष्य की चिंता उन्हें हमेशा सताती रहती थी। लेकिन बोर्ड की सहायता मिलने के बाद उनके मन में नई उम्मीद और विश्वास जगा है कि उनकी बेटी अपने सपनों को साकार कर सकेगी।
एक मजदूर के लिए अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सबसे बड़ी होती है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही यह सहायता उनके जैसे हजारों श्रमिक परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।
ऐसी ही खुशी कुल्लू के पीज गांव की सोनी देवी के परिवार में भी है। उनकी बेटी के नाम भी बोर्ड द्वारा 51 हजार रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट स्वीकृत की गई है। सोनी देवी बताती हैं कि रोज़ की मजदूरी से घर का खर्च चलाना ही चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए बचत करना आसान नहीं होता। प्रदेश सरकार के भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की इस योजना ने उनकी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी है। उनका विश्वास है कि जब उनकी बेटी 18 वर्ष की होगी, तब यह राशि उसकी उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण या आत्मनिर्भर बनने की राह में मजबूत आधार बनेगी। वे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि गरीब और मेहनतकश परिवारों के सपनों को साकार करने का माध्यम है।
नकामगार कल्याण बोर्ड केवल बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है। धामण गांव की दसवीं कक्षा की छात्रा अंजना गौतम को बोर्ड द्वारा 8,400 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही। अंजना की माता बबली शर्मा, जो स्वयं भी मजदूरी करती हैं, बताती हैं कि समय पर मिली इस सहायता से बेटी की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सकी। वे कहती हैं कि यदि यह सहायता नहीं मिलती तो बेटी की शिक्षा जारी रखना बेहद कठिन हो जाता। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि यह योजना गरीब परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड आज केवल एक सरकारी संस्था नहीं, बल्कि असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों और उनके परिवारों के हर सुख-दुख का विश्वसनीय साथी बन चुका है। बोर्ड द्वारा पंजीकृत कामगारों एवं उनके आश्रितों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, बेटियों के जन्म पर फिक्स्ड डिपॉजिट, बेटियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता, गृह निर्माण एवं मरम्मत सहायता, स्वास्थ्य उपचार सहायता, मातृत्व लाभ, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में राहत राशि, पेंशन सहित कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहयोग देना नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है।
खेमराज, सोनी देवी और बबली शर्मा जैसे अनेक परिवार इस बात के जीवंत उदाहरण हैं कि प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।
जो परिवार कभी अपने बच्चों की शिक्षा, बेटियों के भविष्य और आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे, वे आज आत्मविश्वास के साथ भविष्य की योजना बना रहे हैं। बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, विवाह और परिवार की सामाजिक सुरक्षा तक, कामगार कल्याण बोर्ड हर कदम पर उनके साथ खड़ा है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ये योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं, बल्कि समाज के सबसे मेहनतकश वर्ग के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया अध्याय भी लिख रही हैं। लाभार्थियों के चेहरों पर दिखाई देने वाली मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर मिली सरकारी सहायता वास्तव में किसी परिवार का भविष्य बदल सकती है।
Kullu, Kullu | Jul 21, 2026