*तिरहुत शिक्षक-स्नातक संवाद में सीतामढ़ी पहुंचे PK, बोले- शिक्षकों को लोकसभा चुनाव से पहले 7वां वेतनमान दिलाना मेरा जिम्मा, 10 हजार पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को दिलाएंगे नौकरी*
*हाजीपुर* जन सुराज के सूत्रधार व बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर हाजीपुर में MLC चुनाव को लेकर शिक्षक संवाद में शामिल हुए। आर. डी. एस. पैलेस में आयोजित बैठक में वे तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी श्याम नंदन यादव और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. विमोहन कुमार के साथ शामिल हुए और उनके लिए वोट अपील की।
*PK बोले- MLC चुनाव सरकार बनाने या हटाने का नहीं, बनी हुई व्यवस्था को जवाबदेह बनाने और अपने बच्चों के रोजगार के लिए वोट देने का चुनाव है*
प्रशांत किशोर ने कहा कि यह चुनाव न सरकार बनाने का है, न हटाने का, न जात-पात को वोट देने का और न किसी दल के नेता को सदन पहुंचाने का। यह सरकार को जवाबदेह बनाने, अपने वेतनमान और अपने बच्चों के रोजगार के लिए वोट देने का चुनाव है। उन्होंने कहा, “नेताओं को जिताया, पार्टियों को जिताया, जातियों को जिताया, एक बार खुद को और अपने बच्चों को जिताइए।” 10 हजार नौकरी के वादे से पूरे बिहार में जनप्रतिनिधियों से सवाल खड़ा हुआ कि वे लोग नौकरी क्यों नहीं दे पाएंगे। कोई कह रहा है कि प्रशांत किशोर नहीं दे पाएंगे, कोई कह रहा है कि हम रोजगार देंगे, लेकिन बात रोजगार और 7वें वेतनमान की हो रही है। यही लोकतंत्र और विकल्प की ताकत है। PK ने कहा कि शिक्षकों का आंदोलन 25 वर्षों से चल रहा है, तब किसी ने यह मुद्दा नहीं उठाया। जब प्रशांत किशोर ने बात की और हेल्पलाइन जारी की, तो 18 हजार शिक्षकों ने मिस्ड कॉल कर सहमति दिखाई। उन्होंने कहा कि अब 2 लाख शिक्षक इस अभियान से जुड़ते हैं, तो जो कुछ करना पड़ेगा, करेंगे।
*PK ने 7वें वेतनमान के मुद्दे पर कहा- 6 लाख शिक्षक एकजुट हो जाएं तो बिहार के सभी दलों को हर हाल में समाधान निकालना होगा*
प्रशांत किशोर ने कहा कि मुद्दा शिक्षकों के लिए जरूरी है, चाहे हम उठाएं या कोई भी उठाए। अगर 6 लाख शिक्षक एकजुट हो जाएं, तो बिहार के सभी दलों को हर हाल में समाधान निकालना होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले 7वां वेतनमान इसलिए जरूरी है, क्योंकि दिल्ली में जिसे राज करना है, उसे बिहार में लोकसभा चुनाव जीतना है और 6 लाख शिक्षकों का समर्थन नहीं होगा, तो कोई जीत नहीं सकता। आगे उन्होंने कहा कि 2 लाख शिक्षक एक साथ आ जाएं, चाहे किसी भी संघ के हों, तो एक साल का आंदोलन और एक साल का प्रयास 7वें वेतनमान को केंद्रीय मुद्दा बनाएगा और हर राजनीतिक पार्टी को इसका समाधान निकालने के लिए मजबूर करेगा | उन्होंने आगे कहा कि 20 साल से बैठे NDA के लोग इतने सालों में 7वां वेतनमान नहीं दिला पाए और अब कह रहे हैं कि अगले साल दिला देंगे। उन्होंने कहा कि RJD ने 2020 में समान काम-समान वेतन के नाम पर वोट लिया, लेकिन तेजस्वी यादव और के. चंद्रशेखर यादव के शिक्षा मंत्री रहते शिक्षकों के लिए कुछ नहीं किया।उन्होंने कहा कि BJP-JDU-RJD भी अगर कहें कि अगले साल तक 7वां वेतनमान नहीं दिला पाए, तो लोकसभा में वोट मांगने नहीं आएंगे।आगे उन्होंने कहा कि हम विधायक या सांसद बनने नहीं आए हैं। अगर हमारे कहने से सरकार काम करने लगे, तो इससे खुशी की बात क्या होगी। उन्होंने कहा कि बांकीपुर में 10 हजार पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने की बात कही, तो आज सरकार रोजगार मेला लगा रही है और दूसरे विधायक भी रोजगार देने की बात कर रहे हैं। मौके पर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी श्याम नंदन यादव, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. विमोहन कुमार, इंद्रभूषण अशोक सहित अन्य मौजूद रहे।