देवदार के वृक्ष पर झंडा चढ़ाने के साथ भरमौर के चौरासी मंदिर में जातर मेले का शुभारंभ
आठ दिवसीय जातर मेले में देवी-देवताओं की परंपराओं के साथ सजेगी तीन सांस्कृतिक संध्याएं, स्थानीय व प्रदेशभर के कलाकार देंगे प्रस्तुतियां
भरमौर, 5 सितंबर।
भरमौर के ऐतिहासिक चौरासी मंदिर परिसर में सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार देवदार के ऐतिहासिक वृक्ष पर झंडा चढ़ाने के साथ ही आठ दिवसीय स्थानीय जातर मेले का शुभारंभ हो गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी ग्राम पंचायत भरमौर की ओर से मेले का आयोजन किया जा रहा है। जातर मेला यहां विराजमान विभिन्न देवी-देवताओं को समर्पित होता है और सदियों से चली आ रही धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक माना जाता है।
स्थानीय परंपरा के अनुसार पहली जातर नर सिंह भगवान को समर्पित होती है, जिसे कृष्ण जन्म के रूप में मनाया जाता है। इसके बाद क्रमशः दूसरी जातर भगवान शिव, तीसरी लखना माता, चौथी भगवान गणेश, पांचवीं भगवान कार्तिकेय, छठी शीतला माता, सातवीं बाबा जय कृष्ण गिरी तथा आठवीं और अंतिम जातर हनुमान जी को समर्पित दंगल के रूप में आयोजित की जाती है।
हर दिन होगा देवता का जागरण
जातर मेले के दौरान चौरासी मंदिर परिसर में प्रतिदिन जागरण आयोजित किया जाता है। जिस दिन जिस देवी-देवता को जातर समर्पित होती है, उसी देवी-देवता का विशेष जागरण और पूजा-अर्चना की जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के बाद ऐतिहासिक देवदार वृक्ष पर झंडा चढ़ाने के साथ ही इस धार्मिक आयोजन की विधिवत शुरुआत होती है।
11 शाखाओं वाले देवदार पर झंडा चढ़ाना आसान नहीं
चौरासी मंदिर परिसर में स्थित सदियों पुराने और 11 शाखाओं वाले विशाल देवदार वृक्ष पर झंडा चढ़ाने की परंपरा विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहती है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस वृक्ष पर चढ़ना अत्यंत कठिन माना जाता है।
पिछले कई वर्षों से राजेश उर्फ रंजू घराटी इस ऐतिहासिक देवदार वृक्ष पर झंडा चढ़ाने की परंपरा निभा रहे हैं। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इस कार्य को देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कहा जाता है कि जिस व्यक्ति को भगवान शिव की अनुमति होती है, उसे वृक्ष पर चढ़ने का मार्ग स्वतः दिखाई देता है।
इससे पहले राजेश उर्फ रंजू घराटी के पिता दलीप घराटी, जगता राम, बुशहरी राम तथा अमी चांद सहित अन्य लोगों ने भी इस परंपरा का निर्वहन किया है।
अंतिम तीन दिन होंगी स्टार नाइट्स
ग्राम पंचायत भरमौर की प्रधान ऊषा कपूर, उपप्रधान अनीश भरमौरी तथा पंचायत सचिव पवन शर्मा ने बताया कि इस वर्ष भी पंचायत की ओर से आठ दिवसीय जातर मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि मेले के अंतिम तीन दिनों में विशेष सांस्कृतिक संध्याओं और स्टार नाइट्स का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों के साथ हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कलाकार अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
आठ दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक जातर मेला धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और स्थानीय परंपराओं का अनूठा संगम बनेगा।
Dharwala, Chamba | Sep 5, 2026