मंदिर की संपत्ति के गबन में पुजारी दोषी, एक साल की सजा
हिमाचल 84 टीवी ब्यूरो चम्बा।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चम्बा निखिल अग्रवाल की अदालत ने मंदिर की संपत्ति के गबन के मामले में बुधि राम पुत्र जयदास, निवासी गांव मिंधल, तहसील पांगी, जिला चम्बा को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 406 के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी दिनेश कुमार ने की। उप जिला न्यायवादी नवीन कुमार ने बताया कि 19 जुलाई 2013 को सब मैनेजमेंट कमेटी मिंधल माता मंदिर की बैठक हुई थी। बैठक के दौरान बुधि राम ने पुजारी का चार्ज छोड़ने से इनकार कर दिया था। बाद में जब मंदिर का चार्ज लिया गया तो मंदिर की संपत्ति में शामिल एक सोने का छतर, दो सोने की सुनवाई तथा 68 हजार रुपये की चढ़ावा राशि जमा नहीं करवाई गई।
इस संबंध में तहसीलदार पांगी की ओर से 22 अगस्त 2013 को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। पुलिस ने बुधि राम के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच और आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने चालान अदालत में पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाह अदालत में पेश किए और मंदिर की संपत्ति के गबन से संबंधित आरोपों को साबित किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बुधि राम को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
Dharwala, Chamba | Aug 11, 2026