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जोधपुर में बेटे की शादी में पत्नी के साथ नाचे शिवराज #shivrajsinghchauhan #agriculture #minister #mp

Madhya Pradesh, India | Mar 6, 2025

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समान नागरिक संहिता से सामाजिक समरसता और समानता को मिलेगा बल : डॉ. गोपाल शर्मा

यूसीसी पर नागरिकों से सुझाव आमंत्रित, ucc.mp.gov.in पोर्टल पर दें अपनी राय

समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों, पत्रकारों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता कर अपने सुझाव एवं विचार प्रस्तुत किए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, पूर्व मंत्री श्री कैलाश चावला, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित सहित अन्य सभी जनप्रतिनिधि, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल सहित अन्य जिलाधिकारी मौजूद थे। 

बैठक को संबोधित करते हुए समिति सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने कहा कि समान नागरिक संहिता से समाज में सद्भाव एवं सौहार्द की स्थापना होगी तथा पारिवारिक और सामाजिक संबंधों में अनावश्यक तनाव की स्थिति नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर एवं महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर प्रदेश सरकार नागरिकों की राय लेकर व्यापक अध्ययन कर रही है। यूसीसी लागू होने से महिलाओं, बच्चों एवं सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित होगा तथा विवाह, उत्तराधिकार एवं अन्य पारिवारिक विषयों में समानता स्थापित होगी।

डॉ. शर्मा ने कहा कि लड़का और लड़की के अधिकारों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं रहेगा तथा दत्तक पुत्र को भी जेनेटिक पुत्र के समान अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न धर्म एवं समुदायों के लिए अलग-अलग पारिवारिक कानून प्रचलित हैं। विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा लिव-इन संबंध जैसे विषय समान नागरिक संहिता की परिधि में आते हैं।

बैठक के दौरान यूसीसी से जुड़े सामाजिक, विधिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित नागरिकों ने विभिन्न राज्यों में लागू व्यवस्थाओं, सामाजिक समरसता, महिला अधिकारों तथा संवैधानिक प्रावधानों से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव समिति के समक्ष रखे।

डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार यूसीसी के संबंध में नागरिकों के विचार एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए ucc.mp.gov.in पोर्टल संचालित कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पोर्टल पर अपने सुझाव दर्ज कर इस महत्वपूर्ण विषय पर चल रहे जन-विमर्श में सहभागी बनें।

#मंदसौर 
#Mandsaur

समान नागरिक संहिता से सामाजिक समरसता और समानता को मिलेगा बल : डॉ. गोपाल शर्मा यूसीसी पर नागरिकों से सुझाव आमंत्रित, ucc.mp.gov.in पोर्टल पर दें अपनी राय समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों, पत्रकारों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता कर अपने सुझाव एवं विचार प्रस्तुत किए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, पूर्व मंत्री श्री कैलाश चावला, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित सहित अन्य सभी जनप्रतिनिधि, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल सहित अन्य जिलाधिकारी मौजूद थे। बैठक को संबोधित करते हुए समिति सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने कहा कि समान नागरिक संहिता से समाज में सद्भाव एवं सौहार्द की स्थापना होगी तथा पारिवारिक और सामाजिक संबंधों में अनावश्यक तनाव की स्थिति नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर एवं महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर प्रदेश सरकार नागरिकों की राय लेकर व्यापक अध्ययन कर रही है। यूसीसी लागू होने से महिलाओं, बच्चों एवं सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित होगा तथा विवाह, उत्तराधिकार एवं अन्य पारिवारिक विषयों में समानता स्थापित होगी। डॉ. शर्मा ने कहा कि लड़का और लड़की के अधिकारों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं रहेगा तथा दत्तक पुत्र को भी जेनेटिक पुत्र के समान अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न धर्म एवं समुदायों के लिए अलग-अलग पारिवारिक कानून प्रचलित हैं। विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा लिव-इन संबंध जैसे विषय समान नागरिक संहिता की परिधि में आते हैं। बैठक के दौरान यूसीसी से जुड़े सामाजिक, विधिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित नागरिकों ने विभिन्न राज्यों में लागू व्यवस्थाओं, सामाजिक समरसता, महिला अधिकारों तथा संवैधानिक प्रावधानों से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव समिति के समक्ष रखे। डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार यूसीसी के संबंध में नागरिकों के विचार एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए ucc.mp.gov.in पोर्टल संचालित कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पोर्टल पर अपने सुझाव दर्ज कर इस महत्वपूर्ण विषय पर चल रहे जन-विमर्श में सहभागी बनें। #मंदसौर #Mandsaur

Mandsaur, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री पंकज जोशी ने शनिवार को मंदसौर स्थित कम्बल केन्द्र एवं खादी ग्रामोद्योग एम्पोरियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खादी उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं नवाचारों पर जोर दिया।

#मंदसौर 
#Mandsaur

म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री पंकज जोशी ने शनिवार को मंदसौर स्थित कम्बल केन्द्र एवं खादी ग्रामोद्योग एम्पोरियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खादी उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं नवाचारों पर जोर दिया। #मंदसौर #Mandsaur

Mandsaur, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

मलेरिया जन जागरूकता हेतु प्रदर्शनी  का हुआ आयोजन

 मलेरिया निरोधक माह जून के अंतर्गत मलेरिया जनजागरूकता बढ़ाने के उद्धेश्य से मलेरिया विभाग द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर में मलेरिया जागरूकता प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें मलेरिया जनजागरूकता पोस्टर केनोपी के साथ लार्वा का आमजन को डिमांन्सट्रेसन किया गया। जिसमें पैम्पलेट वितरण के साथ ओपीडी में आए बुखार के रोगियों की मलेरिया जांच की गई प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.गोविन्दसिंह चैहान एवं सिविल सर्जन डॉक्टर बी एल रावत द्वारा किया गया 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बताया गया कि कि मलेरिया माह जून के अंतर्गत जिले से लेकर ग्राम स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे है। डॉ बी एल रावत ने कहा कि प्रत्येक बुखार के रोगी की मलेरिया जांच जरूर की जानी चाहिए एवं मलेरिया सकारात्मक आने पर पूर्ण इलाज लेना चाहिए।

जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ.दीपा पाठक ने बताया कि भारत सरकार द्वारा मलेरिया इलेमिनेशन का लक्ष्य 2030 तक रखा गया है। विगत वर्ष मलेरिया के 19 केस पाए गए थे। जिसमें सबसे ज्यादा सकारात्मक केस सीतामऊ विकासखंड में पाए गए, सभी को बारिश के समय विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। घरों के पानी को ढक्कर रखें। प्रतिमाह कूलरों, की सफाई करें। जानवरों एवं चिडियों के सकोरों के भी प्रति सप्ताह सफाई करके बदलले रहे। मलेरिया की रोकथाम ही सबसे बेहतर उपाय है।

#मंदसौर 
#Mandsaur

मलेरिया जन जागरूकता हेतु प्रदर्शनी का हुआ आयोजन मलेरिया निरोधक माह जून के अंतर्गत मलेरिया जनजागरूकता बढ़ाने के उद्धेश्य से मलेरिया विभाग द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर में मलेरिया जागरूकता प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें मलेरिया जनजागरूकता पोस्टर केनोपी के साथ लार्वा का आमजन को डिमांन्सट्रेसन किया गया। जिसमें पैम्पलेट वितरण के साथ ओपीडी में आए बुखार के रोगियों की मलेरिया जांच की गई प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.गोविन्दसिंह चैहान एवं सिविल सर्जन डॉक्टर बी एल रावत द्वारा किया गया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बताया गया कि कि मलेरिया माह जून के अंतर्गत जिले से लेकर ग्राम स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे है। डॉ बी एल रावत ने कहा कि प्रत्येक बुखार के रोगी की मलेरिया जांच जरूर की जानी चाहिए एवं मलेरिया सकारात्मक आने पर पूर्ण इलाज लेना चाहिए। जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ.दीपा पाठक ने बताया कि भारत सरकार द्वारा मलेरिया इलेमिनेशन का लक्ष्य 2030 तक रखा गया है। विगत वर्ष मलेरिया के 19 केस पाए गए थे। जिसमें सबसे ज्यादा सकारात्मक केस सीतामऊ विकासखंड में पाए गए, सभी को बारिश के समय विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। घरों के पानी को ढक्कर रखें। प्रतिमाह कूलरों, की सफाई करें। जानवरों एवं चिडियों के सकोरों के भी प्रति सप्ताह सफाई करके बदलले रहे। मलेरिया की रोकथाम ही सबसे बेहतर उपाय है। #मंदसौर #Mandsaur

Mandsaur, Madhya Pradesh | Jun 5, 2026

क्लब फुट से ग्रसित 34 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार किया

राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं जिला प्रशासन के सहयोग से जिले में वर्ल्ड क्लब फुट डे मनाया गया। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय मंदसौर में क्लब फुट से ग्रसित 10 बच्चों का उपचार किया गया तथा प्रभावित बच्चों के परिवारजनों एवं अन्य नागरिकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित कर इस जन्मजात विकृति की समय पर पहचान एवं शीघ्र उपचार के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।

जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य विभाग एवं अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से अब तक क्लब फुट से ग्रसित 34 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि जन्म के एक सप्ताह बाद ही बच्चे को प्लास्टर लगाना शुरू कर दिया जाए, तो सामान्यतः 7 से 8 प्लास्टर में इस विकृति को ठीक किया जा सकता है तथा बच्चे को भविष्य में विकलांगता से बचाया जा सकता है।

उपचार के बाद बच्चों की नियमित निगरानी एवं फॉलोअप भी किया जाता है। इसके लिए अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से बच्चों को 4 से 5 वर्ष तक नियमित जांच के लिए बुलाया जाता है तथा उन्हें प्रतिमाह दो बार चिकित्सकीय परामर्श एवं परीक्षण उपलब्ध कराया जाता है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से डिलीवरी पॉइंट्स, मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स एवं आरबीएसके टीम द्वारा क्लब फुट से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें उपचार हेतु जिला चिकित्सालय भेजा जाता है।

मंदसौर जिले में क्लब फुट उपचार सेवाएं जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विभाग में उपलब्ध हैं, जहां प्रभावित बच्चों के लिए नियमित साप्ताहिक क्लिनिक संचालित किए जाते हैं। अनुष्का फाउंडेशन फॉर एलीमिनेटिंग क्लब फुट के सहयोग से प्रशिक्षित चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों एवं व्यवस्थित फॉलोअप प्रणाली के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

#मंदसौर 
#Mandsaur

क्लब फुट से ग्रसित 34 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार किया राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं जिला प्रशासन के सहयोग से जिले में वर्ल्ड क्लब फुट डे मनाया गया। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय मंदसौर में क्लब फुट से ग्रसित 10 बच्चों का उपचार किया गया तथा प्रभावित बच्चों के परिवारजनों एवं अन्य नागरिकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित कर इस जन्मजात विकृति की समय पर पहचान एवं शीघ्र उपचार के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य विभाग एवं अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से अब तक क्लब फुट से ग्रसित 34 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा चुका है। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि जन्म के एक सप्ताह बाद ही बच्चे को प्लास्टर लगाना शुरू कर दिया जाए, तो सामान्यतः 7 से 8 प्लास्टर में इस विकृति को ठीक किया जा सकता है तथा बच्चे को भविष्य में विकलांगता से बचाया जा सकता है। उपचार के बाद बच्चों की नियमित निगरानी एवं फॉलोअप भी किया जाता है। इसके लिए अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से बच्चों को 4 से 5 वर्ष तक नियमित जांच के लिए बुलाया जाता है तथा उन्हें प्रतिमाह दो बार चिकित्सकीय परामर्श एवं परीक्षण उपलब्ध कराया जाता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से डिलीवरी पॉइंट्स, मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स एवं आरबीएसके टीम द्वारा क्लब फुट से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें उपचार हेतु जिला चिकित्सालय भेजा जाता है। मंदसौर जिले में क्लब फुट उपचार सेवाएं जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विभाग में उपलब्ध हैं, जहां प्रभावित बच्चों के लिए नियमित साप्ताहिक क्लिनिक संचालित किए जाते हैं। अनुष्का फाउंडेशन फॉर एलीमिनेटिंग क्लब फुट के सहयोग से प्रशिक्षित चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों एवं व्यवस्थित फॉलोअप प्रणाली के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। #मंदसौर #Mandsaur

Mandsaur, Madhya Pradesh | Jun 5, 2026

विश्व पर्यावरण दिवस पर अंजनी उद्यान में हुआ वृक्षारोपण, कचरा पृथक्करण का दिया संदेश
गरोठ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नगर परिषद द्वारा बोलिया रोड स्थित अंजनी उद्यान में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 की जानकारी देते हुए घरों एवं संस्थानों में स्रोत स्तर पर कचरे को चार भागों में अलग-अलग एकत्रित करने की अनिवार्यता के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि कचरे का उचित पृथक्करण स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष राजेश सेठिया, उपाध्यक्ष महेश मालवीय, मुख्य नगर पालिका अधिकारी गिरीश शर्मा, पार्षद एवं सभापति सतीश गुजराती, पार्षद अर्जुन सोलंकी, धर्मेंद्र शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पार्षद प्रतिनिधि एवं नगर परिषद के कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं हरित विकास के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर अंजनी उद्यान में हुआ वृक्षारोपण, कचरा पृथक्करण का दिया संदेश गरोठ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नगर परिषद द्वारा बोलिया रोड स्थित अंजनी उद्यान में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 की जानकारी देते हुए घरों एवं संस्थानों में स्रोत स्तर पर कचरे को चार भागों में अलग-अलग एकत्रित करने की अनिवार्यता के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि कचरे का उचित पृथक्करण स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष राजेश सेठिया, उपाध्यक्ष महेश मालवीय, मुख्य नगर पालिका अधिकारी गिरीश शर्मा, पार्षद एवं सभापति सतीश गुजराती, पार्षद अर्जुन सोलंकी, धर्मेंद्र शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पार्षद प्रतिनिधि एवं नगर परिषद के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं हरित विकास के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

Mandsaur, Mandsaur | Jun 5, 2026