राजभाषा हिंदी के संवर्धन एवं सरकारी कामकाज में इसके अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज बांका जिला प्रशासन द्वारा ‘हिंदी दिवस’ समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं, वक्ताओं के विचार-विमर्श तथा विजेताओं के सम्मान समारोह का आयोजन हुआ।
विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन एवं पुरस्कार वितरण
हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा हिंदी टिप्पणी (Noting), हिंदी क्विज एवं हिंदी टाइपिंग प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न विभागों के कर्मियों एवं प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रतियोगिताओं के समापन के पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सभी को हिंदी दिवस की बधाई दी। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रसिद्ध पंक्तियों “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल” का स्मरण कराते हुए कहा कि अपनी भाषा की उन्नति ही सर्वांगीण विकास का आधार है।
जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि हिंदी न केवल संवाद का माध्यम है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता का सशक्त प्रतीक है। इसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया था।
हिंदी किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा की प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि सभी भाषाओं को जोड़ने वाली कड़ी है।
लोकतंत्र में प्रशासन की सार्थकता आम जनता की भाषा में कार्य करने से ही सिद्ध होती है। फाइलों में टिप्पणियों (noting) और दैनिक पत्राचार में सहज और सरल हिंदी शब्दावली का प्रयोग अनिवार्य है।
हिंदी को केवल बोलचाल तक सीमित न रखकर प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, रोजगार और डिजिटल माध्यमों (वेबसाइट व शिकायत निवारण पोर्टल) से पूरी निष्ठा से जोड़ा जाए।
हिंदी भाषा के उत्थान पर वक्ताओं के विचार
कार्यक्रम के दौरान हिंदी भाषा के संवर्धन और इसके उत्थान हेतु उपस्थित प्रमुख वक्ताओं ने भी अपने विचार प्रमुखता से व्यक्त किए। अपने संबोधन में विचार व्यक्त करने वालों में पुलकित कुमार मंडल (पीबीएस कॉलेज, बांका)
कुमार संभव (यूएचएस तेलिया)
डॉ. सूरज कुमार चौधरी (एसएनएस हाई स्कूल, मोहनपुर)
राहुल (यूएचएस लखनौड़ी)
डॉ. राहुल कुमार (यूएचएस टेंगरा, बेलहर) एवं लेखनी कुमारी (यूएचएस वर्षाबाद) रहे।
इन सभी वक्ताओं ने हिंदी के व्यावहारिक उपयोग और शिक्षण में इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने जिले के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से हिंदी के संरक्षण, संवर्धन और इसे 'जन-जन की भाषा' बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
Banka, Bihar | Sep 14, 2026