जिला अस्पताल की CCTV फुटेज में चलता नजर आया टुनटुन, जेल प्रशासन ने बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल लाने की बात कही
संतकबीरनगर। मेहदावल थाना क्षेत्र के बिसौवा चौकी अंतर्गत अमरहा गांव निवासी 36 वर्षीय टुनटुन पुत्र झिन्नू की जिला कारागार संतकबीरनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार देर रात जेल प्रशासन की ओर से परिजनों को फोन कर मौत की सूचना दी गई। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मंगलवार को मृतक के परिजन जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। मृतक के मामा हरिद्वार ने बताया कि करीब आठ दिन पहले चोरी के एक मामले में पुलिस ने टुनटुन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। परिजनों के मुताबिक, सोमवार को टुनटुन की सास और बच्ची ने जेल में उससे मुलाकात की थी। उनका दावा है कि उस समय टुनटुन बातचीत कर रहा था और स्वस्थ दिखाई दे रहा था। हालांकि, परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान होने का भी आरोप लगाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दर्ज चिकित्सकीय रिपोर्ट को लेकर सवाल उठे। परिजनों के अनुसार, रिपोर्ट में टुनटुन को ब्रांडेड/बेहोशी की हालत में अस्पताल लाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद जिला अस्पताल की CCTV फुटेज खंगाली गई, जिसमें टुनटुन अस्पताल परिसर में चलता हुआ दिखाई दे रहा है। CCTV फुटेज और इमरजेंसी में दर्ज चिकित्सकीय स्थिति को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बंदी को जिला जेल से गंभीर हालत या बेहोशी की स्थिति में इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था, तो CCTV फुटेज में वह चलता हुआ कैसे दिखाई दे रहा है? हालांकि, CCTV फुटेज में दिखाई देने वाली स्थिति और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बीच वास्तविक अंतर क्या है, यह जांच का विषय है।
इस मामले में जेलर ने बताया कि टुनटुन की तबीयत खराब थी और इलाज के लिए उसे दो सिपाहियों की सुरक्षा में जिला अस्पताल लाया गया था। जेल प्रशासन के अनुसार, अस्पताल में बंदी के साथ क्या परिस्थितियां हुईं, इसकी जानकारी इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकीय स्टाफ ही दे सकता है।
वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रमाशंकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
फिलहाल टुनटुन की मौत को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज, इमरजेंसी की चिकित्सकीय रिपोर्ट और जेल प्रशासन के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मौत की वास्तविक वजह सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Khalilabad, Sant Kabir Nagar | Sep 30, 2026