व्यासपुर, 9 अक्टूबर--सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व्यासपुर में शुक्रवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शमा परवीन ने की। शिविर में गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की गई तथा उन्हें सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।
डॉ. शमा परवीन ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9, 10, 23 और 30 तारीख को स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। शिविर के दौरान कुल 115 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई तथा उनके नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड भी करवाए गए।
इस अवसर पर डॉ. शमा परवीन ने जागरूकता सत्र के दौरान गर्भवती महिलाओं को नवजात शिशु के जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करवाने के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जन्म के बाद शुरुआती छह महीने तक शिशु को केवल मां का दूध देना चाहिए। इस दौरान बच्चे को पानी, शहद या अन्य कोई खाद्य पदार्थ नहीं देना चाहिए। मां का दूध पोषक तत्वों, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर होता है, जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है।
उन्होंने कहा कि स्तनपान से शिशु को संक्रमण और अन्य बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है तथा मां के स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचता है। इससे मां और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है। यदि किसी महिला को स्तनपान कराने में परेशानी आती है, तो वह अपनी आशा कार्यकर्ता, एएनएम या चिकित्सक से संपर्क कर सकती है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने की सलाह देते हुए हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, दालें, सोयाबीन, चने, दूध, दही और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में दंत चिकित्सक डॉ. मीरा जिंदल ने भी गर्भवती महिलाओं को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया और उपस्थित महिलाओं की ओरल हेल्थ जांच की। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच, उचित परामर्श और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाकर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है।