व्यासपुर सीएचसी में 115 गर्भवती महिलाओं की जांच, नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड भी करवाए
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लगा स्वास्थ्य शिविर, डॉ. शमा परवीन ने सुरक्षित मातृत्व और स्तनपान के महत्व के प्रति किया जागरूक
व्यासपुर। (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व्यासपुर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शमा परवीन की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में कुल 115 गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की गई और उनके नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड भी करवाए गए। शिविर के दौरान महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व, पौष्टिक आहार और नवजात शिशु की बेहतर देखभाल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
हर माह चार तारीखों पर मिलती हैं नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शमा परवीन ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9, 10, 23 और 30 तारीख को स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं, ताकि गर्भावस्था के दौरान उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा सके और आवश्यक चिकित्सा परामर्श मिल सके।
जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करवाना जरूरी
जागरूकता सत्र के दौरान डॉ. शमा परवीन ने गर्भवती महिलाओं को नवजात शिशु के जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करवाने के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जन्म के बाद शुरुआती छह महीने तक बच्चे को केवल मां का दूध देना चाहिए। इस दौरान बच्चे को पानी, शहद या अन्य खाद्य पदार्थ नहीं देने चाहिए।
उन्होंने बताया कि मां का दूध पोषक तत्वों, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर होता है। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और उसे संक्रमण सहित कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। स्तनपान से मां के स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है और मां-बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है।
डॉ. शमा परवीन ने कहा कि यदि किसी महिला को स्तनपान कराने में परेशानी आती है, तो वह अपनी आशा कार्यकर्ता, एएनएम या चिकित्सक से संपर्क कर उचित सलाह ले सकती है।
पौष्टिक आहार लेने की दी सलाह
शिविर में गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं को अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, दालें, सोयाबीन, चने, दूध, दही और पनीर जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी गई।
दंत चिकित्सक ने की मौखिक स्वास्थ्य की जांच
शिविर में दंत चिकित्सक डॉ. मीरा जिंदल ने भी गर्भवती महिलाओं को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं की ओरल हेल्थ जांच की और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य जांच, उचित परामर्श और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाकर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है। इस तरह के शिविर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।