भजन-कीर्तन और विशाल लंगर में उमड़ी संगत, मानव सेवा और करुणा का संदेश दिया....
बस्ती। सिख समाज के आठवें गुरु श्री गुरु हरकिशन साहिब जी के प्रकाश उत्सव पर्व के पावन अवसर पर गुरुद्वारा कंपनी बाग में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। गुरुद्वारा परिसर में गूंजती गुरबाणी और शबद-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि, शांति और मानव कल्याण की अरदास की। संगत द्वारा श्रद्धापूर्वक गुरबाणी का श्रवण किया गया। भजन-कीर्तन के माध्यम से गुरु हरकिशन साहिब जी के जीवन, उनके आदर्शों और मानव सेवा के संदेश को श्रद्धालुओं तक पहुंचाया गया।
इस अवसर पर सिख समाज के लोगों ने गुरु हरकिशन साहिब जी के जीवन एवं उनके महान कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु साहिब का संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा, दया, करुणा और त्याग की प्रेरणा देता है। गुरु हरकिशन साहिब जी मात्र पांच वर्ष की आयु में वर्ष 1661 में गुरु गद्दी पर विराजमान हुए थे। इतनी कम आयु में गुरु पद की जिम्मेदारी संभालने के कारण उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ ‘बाल गुरु’ के नाम से भी जाना जाता है।
उत्तर प्रदेश सिख मैनेजमेंट गुरुद्वारा कमेटी के पूर्वांचल उपाध्यक्ष हरि सिंह बबलू
ने कहा कि गुरु हरकिशन साहिब जी ने अपने छोटे से जीवनकाल में मानवता के प्रति सेवा और समर्पण की ऐसी मिसाल कायम की, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका संदेश था कि जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर जरूरतमंदों की सेवा करना ही सच्ची मानवता है। उनके जीवन से समाज को दया, विनम्रता, त्याग और परोपकार की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर गुरुद्वारा कंपनी बाग के सिख समाज के सरदार कुलदीप सिंह, नगर अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह सैकी, साहब सिंह , दिलजीत सिंह रोनित, गुरमीत सिंह सन्नी, ज्ञानी संदीप सिंह, परमजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह राजा, करण सिंह, अमरप्रीत कौर, मनिंदर कौर एवं हरजीत कौर सहित अन्य लोग मौजूद रहे
Basti, Basti | Aug 8, 2026