स्वर्णकार समाज ने भरी हुंकार, स्वर्णकार कला बोर्ड के गठन की उठी जोरदार मांग
साहूकारी लाइसेंस बहाली, शस्त्र लाइसेंस में प्राथमिकता, सरकारी ऋण योजनाओं में भागीदारी और कारोबारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा
संतकबीरनगर। स्वर्णकार समाज की लंबे समय से चली आ रही विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को समाज के लोगों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। नगर पालिका खलीलाबाद के पूर्व चेयरमैन श्याम सुंदर वर्मा के नेतृत्व में स्वर्णकार समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी आलोक कुमार से मुलाकात की और मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर समाज की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि स्वर्णकार समाज सदियों से अपनी पारंपरिक कला, हुनर और कारोबार के माध्यम से समाज एवं देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता चला आ रहा है। इसके बावजूद समाज की कई मूलभूत समस्याओं और मांगों का अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में सरकार को स्वर्णकार समाज की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए नीतिगत स्तर पर पहल करनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में बने स्वर्णकार कला बोर्ड
पूर्व चेयरमैन श्याम सुंदर वर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश और पंजाब की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी तत्काल स्वर्णकार कला बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वर्णकार समाज से जुड़े कारीगरों, छोटे व्यापारियों और पारंपरिक हुनर को संरक्षण देने के लिए एक अलग बोर्ड की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।उन्होंने कहा कि स्वर्णकार कला बोर्ड के गठन से समाज के कारीगरों की समस्याओं को एक मंच पर लाने, उनके पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देने, प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही समाज की समस्याओं और मांगों को शासन स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए एक संस्थागत माध्यम भी उपलब्ध होगा।
साहूकारी लाइसेंस बहाल करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में स्वर्णकार समाज के लोगों को मिलने वाले साहूकारी लाइसेंस को पुनः बहाल किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि स्वर्णकार समाज का पारंपरिक कारोबार केवल आभूषण निर्माण और बिक्री तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि जरूरत के समय लोगों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने से भी जुड़ा रहा है।समाज के लोगों ने कहा कि लाइसेंस व्यवस्था को उचित नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ बहाल किए जाने से पारंपरिक कारोबार को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही इससे कारोबार करने वाले लोगों को वैधानिक व्यवस्था के तहत काम करने का अवसर मिलेगा।
स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर
ज्ञापन में स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सोने-चांदी और अन्य कीमती धातुओं का कारोबार करने वाले व्यापारी लगातार सुरक्षा संबंधी जोखिमों के बीच अपना व्यवसाय संचालित करते हैं। बाजार से घर और प्रतिष्ठान तक कीमती सामान के आवागमन के दौरान भी व्यापारियों के सामने खतरा बना रहता है।ऐसे में प्रतिनिधिमंडल ने पात्र एवं नियमानुसार योग्य स्वर्ण व्यवसायियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने में प्राथमिकता दिए जाने की मांग की। उनका कहना था कि सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था होने से कारोबारियों में विश्वास बढ़ेगा और वे बिना भय के अपना व्यापार कर सकेंगे।
सरकारी ऋण योजनाओं में मिले प्राथमिकता
स्वर्णकार समाज को सरकार की विभिन्न ऋण, स्वरोजगार एवं व्यवसायिक योजनाओं में शामिल करने की मांग भी ज्ञापन में की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि समाज के बड़ी संख्या में कारीगर और छोटे कारोबारी सीमित पूंजी के सहारे अपना व्यवसाय चला रहे हैं।यदि पात्र स्वर्णकारों को आसान प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए तो वे अपने कारोबार का विस्तार कर सकते हैं। इससे पारंपरिक स्वर्णकारी कला को संरक्षण मिलने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।
हत्या, अपहरण और लूट की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने स्वर्णकार समाज के लोगों के साथ होने वाली हत्या, अपहरण, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं का त्वरित निस्तारण कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि स्वर्ण व्यवसाय से जुड़े लोगों के पास अक्सर कीमती सामान मौजूद रहता है, जिसके चलते अपराधियों की नजर ऐसे कारोबारियों पर बनी रहती है।ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रभावी व्यवस्था आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कारोबारियों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
शासन तक मांग पहुंचाने की अपील
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी आलोक कुमार से सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री एवं शासन स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा उनके समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करने की अपील की।प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि स्वर्णकार समाज सरकार के साथ सहयोग करते हुए अपनी पारंपरिक कला एवं व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहता है। इसके लिए समाज को नीतिगत संरक्षण, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। सरकार द्वारा मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने से समाज के कारीगरों, छोटे व्यापारियों और युवाओं को व्यापक लाभ मिल सकता है।
इस दौरान हनुमान वर्मा, शिवनाथ वर्मा, आकाश वर्मा, राजकपूर वर्मा, गोविंद वर्मा, रजनीश प्रिंस वर्मा, नीतीश वर्मा और रोहित वर्मा सहित बड़ी संख्या में स्वर्णकार समाज के लोग मौजूद रहे।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
1. उत्तर प्रदेश में तत्काल स्वर्णकार कला बोर्ड का गठन किया जाए।
2. स्वर्णकार समाज के लिए पूर्व में प्रचलित साहूकारी लाइसेंस व्यवस्था बहाल की जाए।
3. पात्र स्वर्ण व्यवसायियों को शस्त्र लाइसेंस में प्राथमिकता दी जाए।
4. स्वर्णकार समाज को विभिन्न सरकारी ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से मिले।
5. समाज के लोगों के साथ होने वाली हत्या, अपहरण, लूट सहित आपराधिक घटनाओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
Khalilabad, Sant Kabir Nagar | Aug 22, 2026