बिहार दर्शन' से बदलेगी लखीसराय की तस्वीर, छह पर्यटन स्थलों के विकास की तैयारी
लखीसराय। बिहार सरकार के बिहार दर्शन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के पर्यटन विकास की संभावनाओं और विभिन्न स्थलों के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।जिला पदाधिकारी ने कहा कि लखीसराय ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध जिला है, जहां पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पर्यटन स्थलों के विकास की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।बैठक में जिले के छह संभावित पर्यटन स्थलों के विकास पर विचार किया गया। इनमें जनजातीय पर्यटन, ट्रेक पर्यटन, कृषि पर्यटन, ग्राम पंचायत पर्यटन, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ कुंदर बराज एवं मोरबे डैम को जल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना शामिल है।इसके अलावा पर्यटकों के ठहराव की बेहतर व्यवस्था के लिए बड़हिया जिला परिषद भवन, आरसीडी गेस्ट हाउस, कुंदर बराज सर्किट हाउस एवं जिला सर्किट हाउस को होम-स्टे मॉडल के तहत विकसित करने पर भी चर्चा हुई।डीएम ने कहा कि पर्यटन विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा हस्तशिल्प, स्थानीय खान-पान, होम-स्टे और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बैठक के अंत में सभी संबंधित अधिकारियों को व्यवहारिक सुझाव देने और पर्यटन स्थलों के समग्र विकास के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।