7 दिन की खुशियां मातम में बदलीं इकलौते बेटे की मौत से पसरा सन्नाटा अस्पताल पर लापरवाही के आरोप
पांच बेटियों की मिन्नत के बाद जिस घर में सात दिन पहले किलकारी गूंजी थी, वहां आज चीख-पुकार मची है। छतरपुर जिले के गोर गांव के एक नवजात की स्वास्थ्य केंद्र ईशानगर में कथित लापरवाही के कारण मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि शनिवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर बच्चे को अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
केवल नर्सों के भरोसे इलाज चलता रहा और मासूम तड़पता रहा।हद तो तब हो गई जब गंभीर हालत के बावजूद उसे समय पर रेफर नहीं किया गया और परिसर में खड़ी एम्बुलेंस के लिए 600 रुपये मांगे गए। लाचार पिता बाइक से छतरपुर भागा, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया।इस दर्दनाक घटना से आक्रोशित परिजनों ने बीएमओ और प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है, पर उस मां की गोद सूनी हो गई जिसका इंतजार बरसों लंबा था।