संस्कृत दिवस पर गूंजे श्लोक, चित्रों में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
सेक्रेड हार्ट स्कूल में रचना सागर के सहयोग से हुआ आयोजन, विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा
संस्कृत भाषा की समृद्ध विरासत, भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा को विद्यार्थियों से जोड़ने के उद्देश्य से सेक्रेड हार्ट स्कूल, झुमरी तिलैया में रचना सागर के सहयोग से संस्कृत दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विद्यार्थियों ने श्लोक-पाठ, लेखन, चित्रांकन, ज्ञान-वृक्ष, श्लोक फ्रेम एवं प्रश्नोत्तरी जैसी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता को दो वर्गों में विभाजित किया गया था। प्रथम वर्ग में कक्षा पांचवीं एवं छठी तथा द्वितीय वर्ग में कक्षा सातवीं एवं आठवीं के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल देखने को मिला। प्रथम वर्ग के श्लोक पाठ में विशाल कुमार ने प्रथम, कुणाल कुमार ने द्वितीय तथा आभास कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। लेखन प्रतियोगिता में विशाल कुमार यादव, सौम्या कुमारी एवं श्रेया भारती क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय रहे। चित्रांकन में कुमारी संजना, आइशा कुमारी एवं अद्रिजा बिस्वास ने स्थान प्राप्त किया, जबकि ज्ञान-वृक्ष में देवांश कुमार, सुशांत कुमार सिंह एवं शिवम कुमार क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय रहे। द्वितीय वर्ग के श्लोक पाठ में आद्या शर्मा प्रथम, अनामिका पांडेय द्वितीय एवं सौम्या भदानी तृतीय रहीं। लेखन में सना परवीन, सिफ्फा नाज़ एवं अनार्वी कुमारी ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रांकन में संतोषी कुमारी, पीयूष कुमार एवं अनामिका पांडेय विजेता रहे। श्लोक फ्रेम में सुहानी कुमारी, अंशु कुमारी एवं श्रेयांश कुमार साहा तथा प्रश्नोत्तरी में शिवम कुमार, प्रत्युषा शर्मा एवं संगम कुमारी ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल किया।
विद्यालय के प्राचार्य प्रमोद शर्मा ने विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध ज्ञान, संस्कृति और संस्कार परंपरा की पहचान है। उन्होंने कहा कि ऐसी रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान के साथ-साथ आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सीखने की भावना विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत सहित भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा को जानने और आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का आयोजन संस्कृत शिक्षक संजय मिश्रा एवं कुरैश शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में उप प्राचार्य प्रवीण कुमार, कोऑर्डिनेटर अमृत झा, सगुफ्ता परवीन, चन्दन पांडेय, आशुतोष गौतम, मनोज पाण्डेय, सुनील पाठक, किशोर कुणाल, शाहिद आलम, कुंतल जेठवा, सोमा पाल सहित अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समारोह के सफल आयोजन पर विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों एवं विजेता विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।