कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला स्तरीय मातृ मृत्यु की समीक्षा बैठक संपन्न
प्रथम त्रैमास में गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं गुणवत्तापूर्ण एएनसी सेवाएं सुनिश्चित करें : कलेक्टर श्री चन्द्रा
नीमच, 17 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला स्तरीय मातृ मृत्यु की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास में अनिवार्य रूप से पंजीयन कर गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभाग समन्वित एवं परिणाममुखी कार्य करें।
कलेक्टर श्री चन्द्रा ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं की समय पर समग्र आईडी बनाकर जानकारी अनमोल पोर्टल पर अद्यतन की जाए, ताकि उन्हें समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने गंभीर एवं अति गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की शीघ्र पहचान कर उनके गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं प्रबंधन के निर्देश दिए। साथ ही गर्भावस्था के दौरान रक्तचाप की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा एएनएम द्वारा बीपी उपकरणों का समय-समय पर कैलिब्रेशन कराने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन एवं प्रबंधन की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्र में कम उपलब्धि पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ संयुक्त सर्वे कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने नवजात एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए एनआईसीयू, एनबीएसयू तथा गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल (एचबीएनसी) कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को प्रत्येक नवजात की नियमित गृह आधारित देखभाल तथा उच्च जोखिम वाले बच्चों को तत्काल अस्पताल रेफर करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा जहां एएनएम पदस्थ नहीं हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से टीकाकरण कराने को कहा।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को जन्मजात विकृतियों से प्रभावित बच्चों की पहचान के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से सर्वे कराने तथा सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में क्षय उन्मूलन अभियान, आयुष्मान भारत योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, गैर संचारी रोग नियंत्रण, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।
बैठक से पूर्व जिला स्तरीय मातृ मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा कर सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद 14 जुलाई से 31 अगस्त तक संचालित होने वाले दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे की घर-घर जाकर डीएसएस टूल के माध्यम से स्क्रीनिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ. रितेश बजाज, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
CM Madhya Pradesh
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Directorate of Health Services, Madhya Pradesh
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