"सृजन के रंग-क़ासिम के संग" समारोह के पहले दिन क़ासिम बीकानेरी की सृजनात्मक यात्रा पर चर्चा हुई ।
बीकानेर 30 अगस्त, 2026
नगर के बहुआयामी सृजनधर्मी क़ासिम बीकानेरी की सृजनात्मक यात्रा पर प्रज्ञालय संस्थान व अदब सराय बीकानेर की तरफ से आयोजित दो दिवसीय समारोह के पहले दिन क़ासिम बीकानेरी की सृजनात्मक यात्रा पर चर्चा हुई।
प्रज्ञालय संस्थान के राजेश रंगा ने बताया कि इस अवसर पर क़ासिम बीकानेरी का सम्मान किया गया। सम्मान के क्रम में शॉल,श्रीफल, उपरणा व माल्यार्पण अर्पित किए गए। साथ ही क़ासिम बीकानेरी की प्रकाशित एवं संपादित पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया।
समारोह की अध्यक्षता टोंक के वरिष्ठ उर्दू लेखक डॉ.अज़ीज़ुल्लाह शीरानी ने की। शीरानी ने दो दिवसीय समारोह का उद्घाटन करते हुए कहा कि क़ासिम बीकानेरी न सिर्फ शायरी बल्कि कहानी अनुवाद और नाटक के क्षेत्र में भी बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। उनकी सृजनधर्मिता बेमिसाल है।
समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ व्यंग्यकार बुलाकी शर्मा ने कहा कि क़ासिम बीकानेरी लगातार बेहतरीन से बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। वे गद्य एवं पद्य सृजन में बेहतरीन सृजन कर रहे हैं। एक अनुवादक के रूप में भी उनका कार्य शानदार है। ऐसे व्यक्ति के सम्मान में समारोह आयोजित करके दोनों आयोजक संस्थाओं ने अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ उर्दू शायर ज़ाकिर अदीब ने कहा कि क़ासिम बीकानेरी उर्दू, हिंदी व राजस्थानी तीनों ज़बानों की अनेक विधाओं में समान महारत के साथ कार्य कर रहे हैं जो कि बहुत मुश्किल कार्य है मगर उन्होंने इसे संभव कर दिखाया है। इसके लिए उनकी जितनी ता'रीफ़ की जाए वो कम होगी।
इस अवसर पर नगर के वरिष्ठ कवि कथाकार कमल रंगा ने उन्हें अपना आशीर्वचन देते हुए कहा कि क़ासिम बीकानेरी पिछले तीन दशकों से सृजन की विभिन्न विधाओं में समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। वे साहित्य, कला एवं समाज सेवा के क्षेत्र में तन, मन, धन से समर्पित होकर निरन्तर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इस अवसर पर उत्सव पुरुष क़ासिम बीकानेरी ने अपनी चुनिंदा रचनाओं का वाचन किया जिसे श्रोताओं ने भरपूर पसंद किया। आपने अपनी ग़ज़लों,क़तआत, राजस्थानी लघु कथा व हिंदी कहानी 'एक रिश्ता ऐसा भी' के प्रस्तुतिकरण से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
समारोह में क़ासिम बीकानेरी के व्यक्तित्व पर डॉ. मोहम्मद फ़ारूक़ चौहान ने अपनी बात पत्र वाचन के ज़रीये रखते हुए कहा कि क़ासिम बीकानेरी एक गुणी साहित्यकार हैं। वे अपनी किशोरावस्था से ही साहित्य एवं कला के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं।
क़ासिम बीकानेरी के गद्य सृजन पर वरिष्ठ कवि कथाकार प्रमोद कुमार शर्मा ने पत्रवाचन करते हुए उनके अब तक प्रकाशित हुए गद्य संग्रहों पर अपनी बात विस्तार से रखते हुए उन्हें एक संवेदनशील एवं जागरूक दृष्टि रखने वाला लेखक बताया।
समारोह का आग़ाज़ तिलावते-कलामे-पाक से हाफ़िज़ सय्यद ज़िया मोहम्मद बीकानेरी ने किया। स्वागत उद्बोधन डॉक्टर नृसिंह बिन्नाणी ने दिया। समारोह का संचालन कवि गिरिराज पारीक ने किया जबकि आभार डॉ. ज़िया उल हसन क़ादरी ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर नगर के अनेक क्षेत्रों के प्रबुद्ध जन बड़ी संख्या में मौजूद थे जिन्होंने क़ासिम बीकानेरी की सृजन यात्रा की भरपूर सराहना की।