• सीहोर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान बना जन आंदोलन
• अभियान के अंतर्गत 2555 चेक डैम, 24,130 रनिंग मीटर कंटूर ट्रेंच सहित अनेक संरचनाओं का हुआ निर्माण
• जल संरक्षण में सीहोर की बड़ी उपलब्धि, जल गंगा संवर्धन अभियान में लक्ष्य से बढ़कर हुए कार्य
शासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेशभर के साथ सीहोर जिले में 19 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया गया। कलेक्टर श्री बालागुरू के. के मार्गदर्शन में जिले में यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से जन आंदोलन का रूप ले गया। अभियान के दौरान जल एवं जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन तथा जन-जागरूकता के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए गए।
अभियान के अंतर्गत जिले में चेक डैम निर्माण, तालाब निर्माण एवं गहरीकरण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल गुणवत्ता परीक्षण, पौधरोपण, पाइपलाइन सुधार, प्याऊ स्थापना तथा जल स्रोतों के संरक्षण जैसे कार्य बड़े स्तर पर किए गए। इसके साथ ही जल चौपाल, जागरूकता रैली, वृक्ष पूजन, जल स्रोत पूजन, प्रभात फेरी, कलश यात्रा एवं अन्य जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से आमजन, युवाओं एवं विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया गया।
अभियान के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 260 विद्यालयों में पानी की टंकियों की सफाई का कार्य पूरा किया गया। वन विभाग ने अपने सभी निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करते हुए 2555 चेक डैम, 10 तालाब निर्माण, 17 सौसर निर्माण, 4 तालाब गहरीकरण तथा 24,130 रनिंग मीटर कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 72 पोषण वाटिकाएं तथा 72 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य पूर्ण किए गए। वहीं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने 10 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य तथा 975 पौधों का रोपण कर निर्धारित लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 78 जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा 12 रूफ वाटर हार्वेस्टिंग कार्य भी पूर्ण किए गए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 1560 स्कूलों एवं 833 आंगनवाड़ियों में जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया गया तथा 54 पंप ऑपरेटरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। राजस्व विभाग द्वारा जलग्रहण संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराने के 7 कार्य पूर्ण किए गए। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा 6 बलराम तालाब बनाए गए। उद्यानिकी विभाग ने फलदार पौधों का रोपण, 650 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई का विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया।
नगरीय निकायों में अभियान के दौरान 233 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं, 52 प्याऊ (जल मंदिर) स्थापित किए गए तथा अमृत योजना के अंतर्गत 3337 हाउसहोल्ड कनेक्शन प्रदान किए गए, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक हैं। इसके अलावा 135 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 411 जल गुणवत्ता परीक्षण, 197 पाइपलाइन लीकेज सुधार, 67 दूषित ट्यूबवेल जल संबंधी कार्यवाही, 74 शिकायतों का निराकरण तथा 130 सार्वजनिक नलों पर टोंटी लगाने के कार्य भी पूर्ण किए गए।
जन-जागरूकता गतिविधियों में भी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। अभियान के दौरान 113 वृक्ष पूजन, 107 जल स्रोत पूजन, 168 जल चौपाल एवं जल संवाद, 85 जल मंदिर स्थापना कार्यक्रम, 82 प्रभात फेरियां, 82 कलश यात्राएं, 80 जल संरक्षण के लिए समर्पित व्यक्तियों का सम्मान, 126 नारा लेखन कार्यक्रम, 53 मानस पाठ एवं भजन संध्या, 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 35 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 114 कुओं, बावड़ियों एवं तालाबों की साफ-सफाई, 47 सामूहिक श्रम-साधना कार्यक्रम तथा 50 नदी अनुभूति (ध्यान एवं योग) कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से सीहोर जिले में जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का व्यापक वातावरण निर्मित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप कलेक्टर श्री बालागुरू के. के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के समन्वय एवं जनभागीदारी से अभियान को सफल बनाते हुए जल संरक्षण की दिशा में स्थायी और प्रभावी कार्यों का नया उदाहरण प्रस्तुत किया।
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9 views | Sehore, Madhya Pradesh | Jun 30, 2026