#नालंदा - मिट्टी का मोह: एक सप्ताह में दूसरी बार पूरे परिवार संग पैतृक गांव पहुंचे पूर्व आईजी
बुजुर्गों से मिलकर जाना गांव का इतिहास, पुश्तैनी घर और मंदिर में टेका माथा
नालंदा से संवाददाता राकेश कुमार
रहुई - नौकरी के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में जिम्मेदारियां निभाने के बाद जब इंसान अपने गांव की मिट्टी में लौटता है तो पुरानी यादें फिर से जीवंत हो उठती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को रहुई प्रखंड क्षेत्र के मई-फरीदा गांव में देखने को मिला। पटना के पूर्व आईजी एवं सेवानिवृत्त सीआरपीएफ आईजी राजीव रंजन कुमार एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार पूरे परिवार के साथ अपने पैतृक गांव पहुंचे। उनके पहुंचते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंच गए।
पंचायत के पूर्व मुखिया अरुण कुमार ने ग्रामीणों के साथ पूर्व आईजी का गर्मजोशी से स्वागत किया। गांव पहुंचने के बाद राजीव रंजन कुमार सबसे पहले अपनी पुश्तैनी जमीन और घर की ओर गए। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में माथा टेककर पूजा-अर्चना की। इसके बाद गांव के बुजुर्गों सीताराम यादव, अनूपी पासवान सहित दर्जनों ग्रामीणों से मुलाकात की और उनसे गांव तथा अपने पूर्वजों के बारे में जानकारी ली।
राजीव रंजन कुमार ने बताया कि उनके पूर्वज फिरंगीलाल वर्षों पूर्व फरीदा गांव में रहते थे। बाद में उनके दादा मथुरा लाल गांव छोड़कर पटना चले गए। उन्होंने कहा कि नौकरी के दौरान जिम्मेदारियों और व्यस्तता के कारण लंबे समय तक गांव आने का अवसर नहीं मिल पाया। हालांकि, परिवार के सदस्यों के मन में हमेशा अपने पुश्तैनी घर और गांव को देखने की इच्छा बनी रही।
इस बार गांव पहुंचने पर पूर्व आईजी के साथ उनकी धर्मपत्नी मोनालिका कुमार, भाई राकेश कुमार एवं रवि कुमार भी मौजूद रहे। परिवार के सभी सदस्य गांव की गलियों, पुश्तैनी घर और आसपास के स्थानों को देखकर भावुक नजर आए। राजीव रंजन कुमार ने कहा कि गांव की मिट्टी में ऐसी ताकत होती है, जो इंसान को वर्षों बाद भी अपने लोगों और अपनी जड़ों की ओर खींच लाती है। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों से मिलकर ऐसा महसूस हुआ जिसकी कल्पना हम नहीं कर सकते थे।
गांव भ्रमण के बाद पूरा परिवार उत्क्रमित मध्य विद्यालय विक्रमपुर मई पहुंचा, जहां विद्यालय के प्रधानाचार्य रंजीत कुमार से मुलाकात कर स्कूल की गतिविधियों एवं शैक्षणिक व्यवस्था की जानकारी ली।
पूर्व आईजी के लगातार दूसरी बार गांव पहुंचने से ग्रामीणों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों बाद गांव के बेटे को अपने परिवार के साथ बार-बार गांव की गलियों में देखकर लोगों को गर्व और खुशी दोनों महसूस हो रही है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनका गांव से यह जुड़ाव आगे भी बना रहेगा।
इस अवसर पर कौशल यादव, अशोक यादव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
Rahui, Nalanda | Sep 26, 2026