छपरा। सारण्य की पावन धरती स्थित महर्षि दधीचि आश्रम उमानाथ मंदिर परिसर में नवनिर्मित महर्षि दधीचि मंदिर के तीन दिवसीय लोकार्पण समारोह का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। समारोह में देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों दधीचि वंशज एवं श्रद्धालु शामिल हुए। तीन दिनों तक पूरा शहर महर्षि दधीचि के जयकारों से गूंजता रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, इंदौर से शंकर लाल शर्मा, जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति परमिंदर बाजपेई एवं पूर्व मंत्री उदित राय उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में बक्सर के जगतगुरु मधुसूदनाचार्य तथा राजस्थान के सतीश दाधीच शामिल हुए।
राष्ट्रसंत श्री गोविंद देव गिरी जी के संरक्षण में दधीचि सेवा ट्रस्ट, इंदौर के सहयोग से भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। समारोह के दौरान कलश यात्रा, नगर परिभ्रमण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ।
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं का छपरा रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया गया, जबकि उनके ठहरने की व्यवस्था मारुति मानस मंदिर में की गई थी। अतिथियों के स्वागत के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर आकर्षक तोरण द्वार बनाए गए थे।
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल को अरुण पुरोहित एवं शंकर लाल शर्मा ने राजस्थानी पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। वहीं मंदिर समिति के अध्यक्ष मदन मोहन सिंह, सचिव परशुराम राय मुखिया एवं कोषाध्यक्ष विभूति नारायण शर्मा ने कुलपति परमिंदर बाजपेई, पूर्व मंत्री उदित राय, दधीचि सेवा ट्रस्ट इंदौर के अध्यक्ष शंकर लाल शर्मा एवं राजस्थान के सतीश दाधीच को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
मंदिर समिति के संयोजक एवं धर्म प्रचारक अरुण पुरोहित तथा अध्यक्ष मदन मोहन सिंह को भी शंकर लाल शर्मा द्वारा प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
आचार्य रंगनाथ तिवारी, आचार्य श्याम सुंदर शर्मा, आचार्य मनीष पांडे, आचार्य मुन्ना पाठक सहित राजस्थान से पहुंचे दर्जनों आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न कराया।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक छोटी कुमारी, भाजपा नेता धर्मेंद्र शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रमुख विजय कुमार सिंह, अवध किशोर मिश्रा, डॉ. सत्येंद्र सिंह, अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के भगवती प्रसाद जगाती, विजय चौधरी, दधीचि देहदान समिति के संरक्षक डॉ. हरेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा, जिला अध्यक्ष संजीव चौधरी, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष सुमित कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, प्रभात कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, मां कामाख्या देवी मंदिर समिति के सचिव चंद्र मोहन प्रसाद, स्वामीनारायण सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
समारोह के दौरान आयोजित विशाल भंडारे में करीब 5,000 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम की सफलता पर संयोजक अरुण पुरोहित ने छपरा के समस्त नागरिकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विश्व मानचित्र पर दधीचि की तपोस्थली लाने का प्रयास
संयोजक अरुण पुरोहित ने कहा कि सारण्य की पवित्र भूमि पर स्थित महर्षि दधीचि की तपोस्थली को विश्व के मानचित्र पर स्थापित करने तथा इसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कराने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि महर्षि दधीचि ने त्याग और जनकल्याण का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी है।
त्याग और बलिदान के प्रतीक हैं महर्षि दधीचि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब वृत्रासुर नामक राक्षस के आतंक से तीनों लोक प्रभावित थे, तब देवताओं ने महर्षि दधीचि से उनकी अस्थियों का दान मांगा। महर्षि दधीचि ने लोककल्याण के लिए अपना शरीर त्याग दिया। मान्यता है कि उनकी अस्थियों से बने वज्र से इंद्र ने वृत्रासुर का वध किया।
महर्षि दधीचि की यह कथा त्याग, परोपकार और जनकल्याण का संदेश देती है। दधीचि आश्रम को श्रद्धालु आस्था और आध्यात्मिक शांति का महत्वपूर्ण केंद्र मानते हैं।
Rahui, Nalanda | Sep 21, 2026