**गीता निकेतन विद्या मंदिर में सांझी माता पूजन एवं डांडिया-गरबा कार्यक्रम का भव्य आयोजन**
कुरुक्षेत्र, 17 अक्टूबर 2026। गीता निकेतन विद्या मंदिर, मोहन नगर, कुरुक्षेत्र में नवरात्रि के पावन अवसर पर सांझी माता पूजन एवं डांडिया-गरबा कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं एवं धार्मिक मान्यताओं से अभिभावकों को परिचित कराना तथा नई पीढ़ी में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना रहा।
कार्यक्रम में माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। विद्यालय की नन्हीं-नन्हीं कन्याएँ माता के नौ स्वरूपों की मनमोहक वेशभूषा धारण कर कार्यक्रम में पहुँचीं। उनके दिव्य एवं आकर्षक स्वरूप ने सभी का मन मोह लिया। इसके पश्चात सांझी माता की आरती की गई, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धा एवं भक्ति से परिपूर्ण इस आयोजन ने उपस्थित सभी लोगों को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराई।
इस अवसर पर प्रबंध समिति के अध्यक्ष माननीय श्याम लाल कौशल जी, प्रांत शिशु वाटिका संयोजक माननीय सोमदत्त शर्मा जी, महिला प्रतिनिधि श्रीमती किरण गर्ग जी, विद्यालय के प्रधानाचार्य आदरणीय यशपाल वधवा जी तथा मातृशक्ति प्रतिनिधि श्रीमती शिखा गुप्ता जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में श्रीमती किरण गर्ग जी ने अपने उद्बोधन में सांझी माता की परंपरा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय त्योहार हमारी समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक एकता और सामाजिक सद्भाव के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन हमारी प्राचीन परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्त्वपूर्ण माध्यम हैं।
माननीय श्याम लाल कौशल जी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन बच्चों में संस्कार, अनुशासन और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यालय द्वारा भारतीय संस्कृति और संस्कारों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा सभी को नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दीं।
श्रीमती शिखा गुप्ता जी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय में इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन से बच्चों एवं अभिभावकों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ती है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सहयोग और सांस्कृतिक एकता की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
कार्यक्रम में मातृशक्ति द्वारा डांडिया एवं गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उत्सव की शोभा को और बढ़ा दिया। भक्ति संगीत, पारंपरिक लोकनृत्य और उत्साहपूर्ण वातावरण ने भारतीय लोक संस्कृति की सुंदरता को साकार किया। सभी ने पूरे उत्साह एवं आनंद के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
विद्यालय का यह आयोजन भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा। कार्यक्रम का समापन भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ।