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खास बात

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ਕੀ ਹੈ ਪਿੰਡ ਸਨੌਲੀ(ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਜੀਰਕਪੁਰ)ਵਿੱਚਲੀ 200 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਸਾਮਲਾਤ ਦਾ ਵਿਵਾਦ?
ਪਿੰਡ ਸਨੌਲੀ ਵਿੱਖੇ ਦਿੱਲੀ ਵਰਡ ਸਕੂਲ ਦੇ ਬਿਲਕੁਲ ਨਾਲ ਲੱਗਦੀ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਜੀਰਕਪੁਰ ਦੀ 17 ਏਕੜ ਜਮੀਨ ਪਿੰਡ ਦੇ ਹੀ ਇੱਕ ਦਲਿਤ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੇ ਮਜਦੂਰ ਸ੍ਰੀ ਸੋਮਨਾਥ ਦੇ ਪਾਸ ਲੰਬੇ ਸਮੇ ਤੋ ਕਾਸ਼ਤ ਅਧੀਨ ਸੀ।ਦਸੰਬਰ 2022 ਵਿੱਚ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਜੀਰਕਪੁਰ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਬਿਨਾਂ ਕੋਈ ਕਾਨੂੰਨੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਅਪਣਾਏ ਇਸ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਕਬਜੇ ਵਿੱਚ ਲੈ ਲਿਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਲੇਕਿਨ ਮਾਲ ਰਿਕਾਰਡ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਵੀ ਇਸ ਜਮੀਨ ਤੇ ਸੋਮਨਾਥ  ਦਾ ਕਬਜਾ ਬੋਲਦਾ ਹੈ।
   ਇਸ ਜਮੀਨ ਦੇ ਆਸੇ-ਪਾਸੇ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਬਿਲਡਰਜ਼ ਦੀਆਂ ਜਮੀਨਾਂ ਲਗਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਨਾਂ ਨੂੰ ਕੋਈ ਸਰਕਾਰੀ ਰਾਸਤਾ ਨਹੀ ਲੱਗਦਾ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਜਮੀਨਾਂ ਦੀ ਕੋਈ ਕੀਮਤ ਨਹੀ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਬਿਲਡਰਜ਼ ਵੱਲੋ ਇਸ ਸਰਕਾਰੀ ਜਮੀਨ  ਦੇ ਵਿੱਚ ਦੀ ਗੈਰ ਕਾਨੂੰਨੀ ਢੰਗ ਗਲਤ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਰਾਸਤਾ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਪਿੰਡ ਦੇ ਦੋ ਸਾਬਕਾ ਸਰਪੰਚਾਂ ਦਾ ਹੱਥ ਹੈ। ਸਾਬਕਾ ਸਰਪੰਚ ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਪਰਚਾ ਦਰਜ ਹੈ। ਮਾਨਯੋਗ ਡੇਰਾਬੱਸੀ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਕੇਸ ਵਿਚਾਰ ਅਧੀਨ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਗੌਰਤਲਬ ਹੈ ਕਿ ਪਿੰਡ ਸਨੌਲੀ ਨਵੰਬਰ 2016 ਵਿੱਚ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਜੀਰਕਪੁਰ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਇਆ ਸੀ।
ਜਾਰੀ ਕਰਤਾ:- ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਨਗਲਾ ਚੇਅਰਮੈਨ ਕਾਂਮਨ ਲੈਂਡ ਪ੍ਰੋਟੈਕਸ਼ਨ ਸੋਸਾਇਟੀ ਇੰਡੀਆ ਟਰੱਸਟ ਰਜਿ: ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪੰਜਾਬ ਸੰਪਰਕ ਨੰਬਰ 7814772270.
(राकेश गांधी)
दुखद - बाबैन के बीड कालवा गांव के जिस अमित सैनी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सड़क पे हुए एक्सीडेंट के दौरान अपने काफिले की एंबुलेंस से हस्पताल पहुंचाया था आज उनका देहांत हो गया

जो कि जिला परिषद प्रतिनिधि अशोक सैनी हमीदपुर के साले थे अमित सैनी बीड कालवा (सूरजगढ़) का मोटरसाइकिल पर डीग के नजदीक फैक्ट्री के पास जाते हुए एक्सीडेंट हुआ था और उसके बाद पी जी आई चंडीगढ़ में हालत गंभीर होने पर उसका देहांत हो गया है उसका दाह संस्कार आज  6: 30 बजे गांव बीड कालवा में होगा। ।
अशोक सैनी ने बताया कि अमित सैनी की आंखें दान कर दी गई है ताकि उनकी आंखें किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में उजाला ला सकें ।
भिवानी का बहुचर्चित मनीषा मामला एक बार सुर्खियों में है। सोमवार को मनीषा के पिता संजय डीसी से आमरण अनशन की अनुमति लेने लघु सचिवालय भिवानी पहुंचे। पिता ने कहा कि अनुमति मिले ना मिले, कोई साथ दे ना दे, मैं हर हाल में 29 जून को डीसी ऑफिस के बाहर आमरण अनशन पर बैठूंगा। 
सिवानी झलक 

गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय अध्यापिका मनीषा पिछले साल 11 अगस्त को लापता हुई थी। दो दिन बाद 13 अगस्त को खेतों में उसका श**व मिला था। परिजनों ने ह**त्या की आशंका जताई थी और पुलिस पर समय रहते तलाश ना करने के आरोप लगाए थे। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ा कि परिजनों ने श**व लेने से मना कर दिया। आनन फानन में लोहारू थाना के सभी कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया। एसपी का तबादला किया गया था। पर परिवार ने श**व नहीं लिया। गांव में महापंचायत चलती रही। 

कई दिन बीत जाने पर सरकार ने ये मामला सीबीआई को सौंप दिया तो परिजनों ने मनीषा का 21 अगस्त को अंतिम संस्कार किया था। मामला सीबीआई को जाने के बाद सीबीआई टीम कई बार गांव जाकर परिजनों व केस से जुड़े संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर चुकी है। पर अब 10 महीनों से भी ज्यादा समय बीतने और अब तक ना कोई खुलासा और ना कोई गिरफ्तारी। 

इससे गुस्साए पिता ने 29 जून से भिवानी डीसी ऑफिस पर आमरण अनशन करने का बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को संजय इसी की अनुमति लेने डीसी ऑफिस पहुंचे। डीसी के ऑफिस में ना होने पर उनके पीए को अनुमति पत्र सौंपा। संजय कुमार ने कहा कि वह 29 जून के आमरण अनशन की अनुमति लेने आए थे। डीसी नहीं मिले। फिर कहा कि अनुमति मिले या ना मिले, कोई साथ आए या ना आए, मैं हर हाल में 29 जून को आमरण अनशन पर बैठूंगा। पिता संजय ने कहा कि ये कोई शादी नहीं, मैंने किसी को अनशन पर आने का निमंत्रण नहीं दिया है। मुझे ही नहीं, सभी को पता है कि मनीषा ने सुसाइड नहीं किया। उसकी हत्या हुई है। पर 10 महीने होने के बाद भी ना सीबीआई और ना सरकार ने अभी तक बताया कि जांच कहां तक पहुंची, क्या सबूत या सुराग मिले है। <nis:link nis:type=tag nis:id=indian nis:value=indian nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralchallenge nis:value=viralchallenge nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=manisha nis:value=manisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=justice nis:value=justice nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=justiceformanisha nis:value=JusticeForManisha nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=kbnindianews nis:value=kbnindianews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=folowerseveryone nis:value=folowerseveryone nis:enabled=true nis:link/>
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पूजा घर से बाथरूम तक नोटों का जखीरा, एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के घर से बरामद हुई 100 करोड़ को बेनामी संपत्ति
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"सूर्य पृथ्वी से 13 लाख गुना बड़ा है और पृथ्वी पर पैदा होने वाला एक छोटा सा और मामूली सा बंदा भगवान सूर्य को कैसे निगल सकता है? यह अज्ञानता है और इसी अज्ञानता को खत्म करने के लिए लोग पढ़ाई करते हैं।"

— स्वामी प्रसाद मौर्य (पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार)

स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बहुत गहरी और वैज्ञानिक सोच वाली बात कही है। 

हम इंसान खुद को कितना बड़ा और महत्वपूर्ण समझ बैठते हैं, लेकिन सृष्टि के सामने हम कितने छोटे हैं। सूर्य जैसी अनंत शक्ति के सामने हमारी छोटी-छोटी अहंकारी सोच कितनी बेकार है। 

**मनुवाद** की सोच वाले लोग आज भी जाति-पाति के नाम पर खुद को "विशेष" समझते हैं, लेकिन सृष्टि के नियम के आगे ये सब कुछ छोटा पड़ जाता है। 

शिक्षा का असली मकसद भी यही है — अंधकार और अहंकार को मिटाना, ताकि हम सच्चाई को समझ सकें और विश्वास के साथ जी सकें।

यह बयान हमें सिखाता है कि घमंड छोड़कर विनम्रता से जीना चाहिए। 

आप क्या सोचते हैं?

क्या शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य अहंकार और अंधकार मिटाना है?

Comment में अपनी राय जरूर बताएं 👇

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पटना के बांसघाट में 89 करोड़ रुपये की लागत से बने नए श्मशान घाट को 10 साल के लिए ईशा फाउंडेशन को महज़ 1 रुपये की लीज पर दिए जाने का मामला चर्चा में है। पत्रकार पुष्य मित्र की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां अंतिम संस्कार के लिए न्यूनतम 3,500 रुपये का शुल्क देना पड़ता है, जबकि नज़दीकी सरकारी श्मशान घाट में यही कार्य लगभग 300 रुपये में कराया जा सकता है।
कहते हैं इंसान मरने के बाद सब कुछ यहीं छोड़ जाता है,, और जाते जाते 4 //5 हजार बाबा ने ऐंठ लिए तो कौन सा बुरा है,,, आखिर मुर्दों के व्यापार में भी लागत तो लगती ही है !!
युद्ध शुरू हुआ तो पेट्रोल डीजल और गैस के दाम बढ़ गए थे, खत्म हुआ तो पासपोर्ट के 🤣
      केंद्र सरकार ने पासपोर्ट बनवाने और री-इश्यू (दोबारा जारी) करवाने की फीस में बड़ा इजाफा कर दिया है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी नए नियम 1 जुलाई 2026 से लागू हो गए हैं और 14 साल के लंबे अंतराल के बाद दरों में यह बदलाव
किया गया है。
सामान्य पासपोर्ट शुल्क36 पेज का पासपोर्ट: अब ₹1,500 की जगह ₹2,500 लगेंगे।60 पेज का पासपोर्ट: अब ₹2,000 की जगह ₹3,500 लगेंगे।
तत्काल पासपोर्ट शुल्क36 पेज का तत्काल पासपोर्ट: अब ₹3,500 की जगह ₹5,000 लगेंगे।
60 पेज का तत्काल पासपोर्ट: अब ₹4,000 की जगह ₹6,000 लगेंगे।यदि आपका पासपोर्ट खो गया है या खराब हो गया है, तो उसे दोबारा बनवाने पर भी शुल्क काफी अधिक बढ़ा दिया गया है ...
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🚨"अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी सबसे कड़ी सजा मिले।"😢😢😢

पुणे के लोहागढ़ किले में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या मामले में आरोपी सिया गोयल के माता-पिता का बड़ा बयान सामने आया है।

सिया के पिता प्रवीण गोयल ने कहा कि केतन की मौत के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह उनकी अपनी बेटी ही क्यों न हो। अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी उसी चट्टान से नीचे फेंक दिया जाना चाहिए। वहीं, सिया की मां ने कहा कि परिवार को कभी ऐसा संकेत नहीं मिला कि उनकी बेटी अपनी शादी से खुश नहीं थी।

दूसरी ओर, सह-आरोपी चेतन चौधरी के परिवार का दावा है कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

🗣️ क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में दोषी को बिना किसी पक्षपात के सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताएं।

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फिर बिगड़े जीतन राम मांझी के बोल!

"भरत बहुत अच्छा था तो ढाई लाख का रिवॉल्वर कैसे रखा हुआ था? आदतन अपराधी था भरत तिवारी। पुलिस ने ठीक किया"

— जीतन राम मांझी,
केंद्रीय मंत्री

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पासपोर्ट, आधार और मतदाता पहचान पत्र नागरिकता का सबूत नहीं, जानिए कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं सिटिजनशिप?
पासपोर्ट, आधार कार्ड और वोटर आईडी को लेकर नागरिकता की बहस तेज हो गई है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट नागरिकता का कानूनी प्रमाण नहीं है. जानिए भारत में नागरिकता साबित करने के लिए कौन-से दस्तावेज मान्य हैं, जन्म प्रमाण पत्र की क्या भूमिका है और भारतीय नागरिकता कानून क्या कहता है !

नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज को लेकर चर्चाएं तेज!

देशभर में फिलहाल नागरिकता को लेकर नई बहस छिड़ गई है. इसके पीछे विदेश मंत्रालय द्वारा दिया गया एक ताजा बयान है. पासपोर्ट सेवा दिवस यानी 24 जून को विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, पासपोर्ट एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है और इसे नागरिकता का सबूत नहीं माना जा सकता है. वहीं इसके अलावा कई बार ये भी कहा जा चुका है कि आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र भी नागरिकता का प्रमाण नहीं है. ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर नागरिकता का असली प्रमाण पत्र क्या है? आइए विदेश मंत्रालय का बयान और नागरिकता से जुड़े कानून को विस्तार से समझते हैं !
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, पासपोर्ट एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, जिसका काम यात्रा को आसान बनाना है. सिर्फ पासपोर्ट होना अपने आप में नागरिकता का कानूनी प्रमाण नहीं बन जाता है. इसी के साथ यह बात भी साफ हो गई कि पासपोर्ट किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं होता. यह भारत सरकार की संपत्ति माना जाता है, जिसे जरूरत पड़ने पर सरकार कभी भी वापस ले सकती है.

विदेश मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, साल 2025 में हमने 1.5 करोड़ पासपोर्ट और उससे जुड़ी कई सर्विस दी गई है, जिसमें अकेले पासपोर्टों की संख्या 1.39 करोड़ रही. साथ ही पासपोर्ट जारी करने में, पुलिस वेरिफिकेशन को छोड़कर केवल 6 वर्किंग डे लगते हैं. पासपोर्ट सेवा केंद्र और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र में आवेदकों का औसत समय 45 मिनट से भी कम है !
भारत में नागरिकता को लेकर एक कानून भी है. इस कानून के मुताबिक अगर किसी का जन्म 26 जनवरी 1950 से लेकर 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में हुआ है तो वह भारतीय नागरिक ही माना जाता है. वहीं अगर किसी का जन्म 1 जुलाई 1987 से 3 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है तो भारतीय नागरिकता के लिए आपके माता या पिता किसी एक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है. इसके अलावा अगर किसी का जन्म 3 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है तो इसके लिए नियम अलग और सख्त है. ऐसे स्थिति में नागरिकता तब ही मिलती है जब माता-पिता भारतीय हो या एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा अवैध प्रवासी ना हो !!
अपनी आत्मा को खोजो  : समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया

श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर 
आचार्य डॉ.मिश्रा ने बताया कि समर्थगुरु धाम, मुरथल, हरियाणा के संस्थापक समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी के सान्निध्य में स्पैशल शब्द योग  और स्पैशल सम्मोहन प्रज्ञा  के फीडबैक सेशन में आनंद से भरा एक दिव्य उत्सव मनाया गया। 
110 से ज़्यादा प्रतिभागियों ने कृतज्ञता के साथ दिव्य कृपा का अनुभव किया। 

ध्यान योग और उच्च कार्यक्रमों के ग्रेजुएट्स को समर्थगुरु धाम, मुरथल में 3 दिन के  अजपा सिद्ध योग  कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाता है, ताकि वे 100 साल तक स्वस्थ, समृद्ध और आध्यात्मिक जीवन जी सकें।
शुक्रवार को दोपहर 2:15 बजे समर्थगुरु से मिलने का विशेष अवसर भी मिलता है। 

26 जून से 28 जून 2026 को स्पैशल महाजीवन प्रज्ञा, स्पैशल ऊर्जा योग और अजपा सिद्ध योग कार्यक्रम हो रहा है। 

आज ट्विटर के माध्यम से आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी ने विशेष बताया कि परमात्मा की मर्ज़ी अर्थात् परमात्मा का जो परम नियम है, उससे राजी होकर चलना तथाता है। आत्मभाव आत्मज्ञान के बाद ही होता है। सदगुरु शिल्पकार की भांति होता है। वह तराश-तराश कर तुम्हारे भीतर छुपी आत्मा, असली बुद्ध को बाहर लाता है। अपनी आत्मा को खोजो।
सच्ची श्रद्धा और भक्ति का निर्जला एकादशी में महत्त्व है : डॉ. मिश्रा 

श्री दुर्गा देवी मन्दिर के पिपली (कुरुक्षेत्र) के पीठाधीश ज्योतिष व वास्तु आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा के अनुसार गुरुवार 25 जून 2026, स्वाति नक्षत्र,शिव योग और तुला राशि चन्द्रमा में निर्जला एकादशी मनाई जाएगी I सभी एकादशियों में श्रेष्ठ महत्व ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी का है। इसे निर्जला, पांडव और भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। निर्जला एकादशी को भगवान विष्णु के लिए व्रत रखा जाता है। सच्ची श्रद्धा और भक्ति का निर्जला एकादशी में महत्त्व है । मान्यता है  इस व्रत से सम्पूर्ण वर्ष की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल मिलता है।

 
भीमसेनी एकादशी क्यों कहते हैं ?

महाभारत की एक प्रचलित कथा के अनुसार भीम ने एकादशी व्रत के संबंध में वेदव्यास से कहा था मैं एक दिन तो क्या, एक समय भी खाने के बिना नहीं रह सकता हूं, इस कारण से मैं एकादशी व्रत का पुण्य प्राप्त नहीं कर संकूगा। तब वेदव्यास ने ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी के बारे में बताया। उन्होंने भीम से कहा कि तुम इस एकादशी का व्रत करो। इस एक व्रत से तुम्हें सभी एकादशियों का पुण्य मिल जाएगा। भीम ने इस एकादशी पर व्रत किया था, इसी कारण से इसे भीमसेनी एकादशी कहते हैं।

 निर्जला एकादशी को क्या करें ? 

* भगवान विष्णु का मंत्र "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय " का जाप करना बहुत शुभ होता है। 
*भगवान विष्णु को पीले रंग के कपड़े, फल और अन्न अर्पित करना चाहिए। 
*श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना भी उत्तम होता है। 
* यदि निर्जला एकादशी का व्रत न भी कर पाएं तो भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान अवश्य करें।
* गाय सेवा ,जीव जन्तुओं और असहायों की सेवा  करें।
*गरीबों और ब्राह्मणों को कपड़े, छाता, जूता, फल, मटका, पंखा, शर्बत, पानी, चीनी आदि का दान श्रद्धा पूर्वक करना चाहिए।

निर्जला एकादशी पर क्या नहीं करना चाहिए ?

* क्रोध, झूठ और वाद विवाद से दूर रहें।
*तुलसी के पत्ते एकादशी को नहीं तोड़ें।
*नकारात्मक विचारों और बुरे कर्मों से दूर रहना चाहिए।
*तामसिक भोजन, मांस-मदिरा और लहसुन-प्याज का सेवन मत करें।
*किसी व्यक्ति का अपमान मत करें और कटु वचन बोलने से बचें।
बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। जिस स्थान पर भरत तिवारी को गोली मारी गई थी, वहां कुछ संगठनों ने स्मारक बनाने की घोषणा की है।इस दौरान स्वामी आनंद स्वरूप (शाम्भवी पीठ के पीठाधीश्वर) की मौजूदगी में गांव के दलित समाज के एक व्यक्ति से स्मारक की पहली ईंट रखवाई गई।

आयोजकों का कहना है कि यह स्मारक अन्याय, अत्याचार और कथित फर्जी एनकाउंटर के खिलाफ न्याय की लड़ाई का प्रतीक बनेगा। उनका दावा है कि यह सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में ऐसे मामलों के खिलाफ एक संदेश देगा। 

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करनाल : बड़ी खबर (कुसुम शर्मा की कलम से) करनाल जिले के 483 गांवों की सूची जारी, जिस गांव में जोहड़ (तालाब) पर अवैध कब्जा किया गया है, वहां प्रशासन करेगा कार्रवाई।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार करनाल जिले के 483 गांवों का सर्वे किया जा रहा है। जिन गांवों में जोहड़, पंचायत भूमि या सार्वजनिक जल स्रोतों पर अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गांव की साझा जमीन और जोहड़ों को अतिक्रमण मुक्त रखने में सहयोग करें।
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302 सरकार मे बैठे नेताओं पर लगाओ SP सहाब !
सरकार की चापलुसी मत करो सच का साथ दो !
ये हालात सरकार की नाकामी और तानाशाही के कारण है !
चनौत गाँव पानी मांग रहा है लाल किला व दिल्ली की गद्दी नही मांग रहा !!
करनाल : बड़ी खबर (कुसुम शर्मा की कलम से) करनाल जिले के 483 गांवों की सूची जारी, जिस गांव में जोहड़ (तालाब) पर अवैध कब्जा किया गया है, वहां प्रशासन करेगा कार्रवाई।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार करनाल जिले के 483 गांवों का सर्वे किया जा रहा है। जिन गांवों में जोहड़, पंचायत भूमि या सार्वजनिक जल स्रोतों पर अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गांव की साझा जमीन और जोहड़ों को अतिक्रमण मुक्त रखने में सहयोग करें।
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बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। जिस स्थान पर भरत तिवारी को गोली मारी गई थी, वहां कुछ संगठनों ने स्मारक बनाने की घोषणा की है।इस दौरान स्वामी आनंद स्वरूप (शाम्भवी पीठ के पीठाधीश्वर) की मौजूदगी में गांव के दलित समाज के एक व्यक्ति से स्मारक की पहली ईंट रखवाई गई।

आयोजकों का कहना है कि यह स्मारक अन्याय, अत्याचार और कथित फर्जी एनकाउंटर के खिलाफ न्याय की लड़ाई का प्रतीक बनेगा। उनका दावा है कि यह सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में ऐसे मामलों के खिलाफ एक संदेश देगा। 

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डेराबस्सी हल्के के मोरठिकरी-सुंदरा पुल के निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और जीरकपुर को नगर निगम बनाने की मांग को लेकर स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों द्वारा पंजाब सरकार के खिलाफ कड़ा रोष जताया गया है।
​आपके द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर मुख्य मुद्दे और मांगें निम्नलिखित हैं:
​स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली: इलाके में मानक स्वास्थ्य सुविधाएं न होने के कारण स्थानीय लोग इलाज के लिए पूरी तरह से सेक्टर-6 पंचकूला और चंडीगढ़ PGI पर निर्भर हैं, जिससे इमरजेंसी के समय भारी परेशानी होती है।
​नगर निगम और दोबारा चुनाव की मांग: प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मोरठिकरी और दफरपुर को जीरकपुर के साथ जोड़ा जाए, जीरकपुर को नगर निगम (Municipal Corporation) का दर्जा दिया जाए और यहां दोबारा चुनाव कराए जाएं।
​सरकार की नाकामी: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के नेताओं के मुताबिक, आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा (जैसे कि पुल का निर्माण) मुहैया कराने में पूरी तरह से फेल साबित हुई है।
​आम लोगों की बदहाली: पुल न बनने के कारण सबसे बड़ी मार फैक्ट्री कर्मचारियों, दिहाड़ी मजदूरों और ग्रामीणों पर पड़ रही है, जिन्हें रोजाना आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
​मौजूद नेता: इस रोश प्रदर्शन का नेतृत्व जसविंदर सिंह मोहाली (ASP), प्रमोद कुमार (भीम आर्मी), सुरेश कुमार कटारिया, राजेश कुमार पीर मुछल्ला और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किया गया।
(ब्यूरो चीफ राकेश गांधी की रिपोर्ट)
राम मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर एसआईटी की जांच जारी है, लेकिन इसी बीच एक ऐसी जानकारी सामने आई है जिसने सभी को चौंका दिया है. राम मंदिर में चोरी कैसी होती थी और इसका क्या तरीका था वह सामने आया है. सूत्रों के अनुसार जिस कमरे में दान की गिनती होती थी वहां आने और आखिरी में जाने के दौरान चेकिंग होती थी. इस बीच में अगर कोई निकल रहा है तो उसकी चेकिंग नहीं होती थी. हालांकि, बीच में निकलने की इजाजत नहीं थी लेकिन बाथरुम के नाम पर लोग निकलते थे. इसी समय पर दान चोरी करने वाले वहीं पर पैसा छुपा देते थे और बाद में वहां से जब चेकिंग हो जाती थी तो वापस बाथरुम जाकर पैसा उठा लेते थे. 

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कभी सड़कों पर भीख मांगने वाले भरत जैन आज दुनिया के सबसे अमीर भिखारी के रूप में जाने जाते हैं। अपनी मेहनत और सूझबूझ से उन्होंने न केवल अपनी तकदीर बदली, बल्कि आज कई जरूरतमंदों को सहारा भी दे रहे हैं। यह कहानी साबित करती है कि इंसान की इच्छाशक्ति बड़ी हो तो कुछ भी मुमकिन है। क्या यह वाकई प्रेरणादायक है? अपनी राय दें! 👇
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भगवान से प्रतिदिन प्रार्थना करो कि हमारी साधना चलती रहे : समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया

श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि समर्थगुरु धाम, मुरथल, हरियाणा के संस्थापक समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी के निर्देशन में
सिद्धार्थ ध्यान योग से चरैवेति तक की यात्रा के मुख्य 28 सोपान है। सभी कार्यक्रम वैज्ञानिकता और आध्यात्मिकता पर आधारित है। 
अधिकतर सारे संसार में धर्म के नाम पर बहुत पाखंड चल रहा है। 
समर्थगुरू अधिकतर प्रवचनों में सभी को यही कहते है कि मानो मत, जानो अर्थात् निजी अनुभव मुख्य है। 
परमगुरु ओशो ने भी अपने मुख्य प्रवचनों में यही कहा कि साधना में जीवित सदगुरु की मुख्य भूमिका होती है। 
पुरानी चीनी कहावत है कि 100 चलते हैं, 
तो कोई एक पहुंचता है। 
इसलिए नहीं कि यात्रा कठिन है, 
बल्कि इसलिए कि कोई एक ही चलना जारी रखता है। 
शेष मार्ग में ही कहीं अटक जाते हैं, भटक जाते हैं, 
कथा के शिकार हो जाते हैं, अफवाह के शिकार हो जाते हैं, 
कुसंग में पड़ जाते हैं, 
अथवा अभीप्सा की कमी के कारण राह में ही रूक जाते हैं।
उनकी स्थिति उस कुत्ते की तरह हो जाती है, 
जो 'न घर का होता है, न घाट का।' 
तुम प्रतिदिन उठकर प्रार्थना करो कि हे प्रभु, 
मुझे इस मार्ग पर सतत चलते रहने की प्रेरणा देते रहना, ताकि इसी जीवन में परमपद तक की यात्रा पूरी कर सकूं।

फिर गुरु अर्जुन देव जी की तरह तुम भी गा सकोगे-
' गुर परसाद परमपद पाइआ सूके कासट हरिया।'

आज ट्विटर के माध्यम से आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी ने विशेष बताया कि साक्षी और ध्यान का मूलभेद :
• आंख बंद करके जब निराकार से नाता जोड़ते हो तो वह ध्यान है।
• आंखे खोलकर सतत निराकार का स्मरण करते हुए संसार में अभिमुख होते हो तो यह साक्षी है।