धान उठान कार्य में तेजी लाएं अधिकारी, मंडियों में तिरपाल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें : सी.जी. रजनीकांथन
धान को लोडिंग तक ढककर रखने, पुराने व नए स्टॉक को अलग रखने , किसानों को समय पर भुगतान करने के दिए निर्देश
करनाल, 17 अक्तूबर। वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव सी.जी. रजनीकांथन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में धान उठान के कार्य में तेजी लाई जाए और बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए धान को ढकने के लिए मंडियों में पर्याप्त मात्रा में तिरपाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मंडियों में तिरपाल की उपलब्धता की नियमित जांच की जाए तथा आढ़तियों के पास उपलब्ध तिरपाल का रिकॉर्ड भी चेक किया जाए।
वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव सी.जी. रजनीकांथन शनिवार को लघु सचिवालय के सभागार में खरीफ सीजन के मद्देनजर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिला की सभी मंडियों में धान खरीद व उठान प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि मंडियों में धान को आढ़तियों द्वारा डाले जाने से लेकर लोडिंग होने तक पूरी तरह ढककर रखा जाए, ताकि बारिश के कारण फसल को नुकसान न पहुंचे। उठान के दौरान भी धान को सुरक्षित रखने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। उन्होंने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की फसल की खरीद के बाद उनके खातों में भुगतान समय पर पहुंचे।
बाहरी जिलों में भेजे जाने वाले धान का रिकॉर्ड रखें अपडेट
वित्त आयुक्त सी.जी. रजनीकांथन ने निर्देश दिए कि दूसरे जिलों की राइस मिल में भेजे जाने वाले धान का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखा जाए। दूसरे जिलों में धान भेजते समय संबंधित आरओ की निर्धारित सीमा का पालन किया जाए। बाहर भेजे जाने वाले धान की प्रतिदिन की अपडेट तैयार की जाए, ताकि धान की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके और रिकॉर्ड में पारदर्शिता बनी रहे।
*पुराने और नए स्टॉक को अलग-अलग रखने के निर्देश*
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राइस मिलों में पुराने और नए स्टॉक को अलग-अलग रखा जाए। दोनों प्रकार के स्टॉक की जांच की जाए। स्टॉक को अलग रखने के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने और नए धान का आपस में मिश्रण नहीं होना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन निगरानी की जाए और स्टॉक के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीद, उठान, भंडारण और परिवहन से जुड़े सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और धान की सुरक्षा के साथ-साथ खरीद प्रक्रिया भी सुचारू रूप से संचालित हो सके।
बैठक में डीसी डॉ आनंद कुमार शर्मा,एसीयूटी सोहम शैलेंद्र घरौंडा के एसडीएम अनुभव मेहता, इंद्री के एसडीएम डॉ रमन गुप्ता, असंध के एसडीएम सुमित सिहाग, करनाल के एसडीएम देवेंद्र शर्मा, सीईओ जिला परिषद अमित कुमार, एमडी शुगर मिल अदिति सहित,खरीद एजेंसियों के अधिकारी व मंडी सचिव मौजूद रहे।
#HVN24