पचपेड़ा तिराहा से सुबह 8 बजे निकलेगी बाबा वनखण्डेश्वर धाम रथ यात्रा, नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील
बाबा वनखण्डेश्वर धाम कांवड़ यात्रा 2026 के संयोजक राम मनोज शास्त्री ने लहार नगर की सभी माताओं, बहनों, बेटियों, युवाओं, समाजसेवियों, पत्रकार बंधुओं एवं समस्त नगरवासियों से भव्य बाबा वनखण्डेश्वर धाम रथ यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है।
राम मनोज शास्त्री ने बताया कि आज सुबह 8 बजे पचपेड़ा तिराहा पर सभी श्रद्धालु एकत्रित होंगे। इसके बाद बाबा वनखण्डेश्वर धाम का भव्य रथ पचपेड़ा तिराहा से प्रस्थान करेगा और पूरे नगर के प्रमुख मार्गों एवं बाजारों से होते हुए बाबा वनखण्डेश्वर धाम मंदिर पहुंचेगा।
उन्होंने विशेष रूप से लहार की सभी माताओं, बहनों और बेटियों से आग्रह किया कि वे सुबह 8 बजे पचपेड़ा तिराहा पर पहुंचकर इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें। साथ ही नगर के समाजसेवियों, पत्रकारों, युवाओं और प्रत्येक नागरिक से भी इस यात्रा में सहभागी बनने की अपील की गई है।
23 अगस्त की रात्रि को सांखुआ धाम के लिए रवाना हुई थी कांवड़ यात्रा
गौरतलब है कि 23 अगस्त की रात्रि 9 बजे मां मंगला देवी मंदिर, लहार के सामने से श्रद्धालु सांखुआ धाम, सेंवढ़ा के लिए रवाना हुए, जहां कांवड़ियों द्वारा पवित्र गंगाजल भरा गया। जिन श्रद्धालुओं के पास अपनी कांवड़ थी, वे उसे साथ लेकर पहुंचे, जबकि जिनके पास कांवड़ उपलब्ध नहीं थी, उनके लिए आयोजन समिति द्वारा कांवड़ की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवागमन एवं वाहनों की व्यवस्था भी की गई।
सांखुआ धाम से गंगाजल लेकर कांवड़िए बाबा वनखण्डेश्वर धाम पहुंचेंगे और भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करेंगे।
राम मनोज शास्त्री की नगरवासियों से अपील
संयोजक राम मनोज शास्त्री ने कहा कि बाबा वनखण्डेश्वर धाम कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का पर्व है। उन्होंने कहा कि लहार नगर के प्रत्येक परिवार की सहभागिता इस आयोजन को और भव्य बनाएगी।
उन्होंने सभी नगरवासियों से आह्वान किया कि सुबह 8 बजे पचपेड़ा तिराहा पहुंचें, बाबा वनखण्डेश्वर धाम के रथ के साथ चलें और इस पावन यात्रा को सफल बनाने में अपनी सहभागिता दें।
“आप सभी का साथ ही बाबा वनखण्डेश्वर धाम की इस भव्य यात्रा की शक्ति है। आइए, परिवार सहित पधारें और बाबा के इस पावन आयोजन के साक्षी बनें।”