पेयजल समस्याओं के समाधान हेतु एडीएम (नमामि गंगे) ने किया ग्रामीण क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण; दिए सख्त निर्देश*
सुमेरपुर/हमीरपुर।ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन और नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति तथा निर्माण कार्यों से जुड़ी मिल रही शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) श्री विजय सिंह द्वारा सुमेरपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों का औचक स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एडीएम ने मवई जार, स्वासा खुर्द तथा स्वासा बुजुर्ग गांव का दौरा कर शिकायतकर्ताओं एवं ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और मौके पर ही समस्याओं का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के क्रम में मवई जार गांव पहुंचे अपर जिलाधिकारी के समक्ष स्थानीय निवासी लाला भाई सिंह द्वारा गांव के कुछ हिस्सों में पानी न आने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए एडीएम ने कार्यदायी संस्था (कंपनी) के प्रतिनिधियों से तत्काल बात की और क्षेत्र में सुचारू व निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
इसके पश्चात स्वासा खुर्द गांव में धीरेंद्र सिंह द्वारा की गई शिकायत के परिप्रेक्ष्य में एडीएम ने तोड़ी गई सीसी सड़क का निरीक्षण किया। मौके पर देखा गया कि कुछ ग्रामीणों द्वारा अपने घरों का उपयोग किया गया पानी सीधे रास्ते पर बहाया जा रहा है, जिससे सड़क पर अत्यधिक दलदल व कीचड़ भर गया है और मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य बाधित हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए एडीएम ने ग्राम प्रधान तथा ग्रामीणों से बात कर उन्हें निर्देशित किया कि वे आगामी चार से पांच दिनों तक पानी को रास्ते में न फैलाएं, जिससे सतह सूख सके और रास्ते का पक्का निर्माण कार्य शीघ्र अति शीघ्र कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान यह बात भी सामने आई कि कई शिकायतकर्ता अन्य व्यक्तियों के मोबाइल नंबर से कॉल करते हैं या सही संपर्क विवरण दर्ज नहीं कराते, जिससे विभागीय जांच टीम जब गांव पहुंचती है तो उनसे संपर्क करने में कठिनाई आती है और निस्तारण में देरी होती है। इस पर अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) श्री विजय सिंह ने समस्त ग्रामीणों से अपील की है कि वे पेयजल या निर्माण से जुड़ी किसी भी शिकायत को दर्ज कराते समय अपना खुद का सक्रिय मोबाइल नंबर ही नोट कराएं, ताकि विभागीय टीम सीधे उनसे संपर्क कर समस्या का शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण समाधान करा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।