सरकार ने दिखाया प्रवासियों को अंगूठा : पूर्व विधायक नीरज शर्मा...
एनआईटी फरीदाबाद के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन पर प्रवासी समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद के विकास में प्रवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए उसे केवल चुनावी वोट बैंक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
नीरज शर्मा ने अपने बयान में कहा कि जिस अधिकारी ओमबीर सिंह पर प्रवासियों के लिए कथित रूप से आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगा था, उसे करीब 15 दिन के भीतर दोबारा फरीदाबाद बुला लिया गया। उन्होंने सवाल किया कि यदि अधिकारी निर्दोष था तो छुट्टी के दिन उसका तबादला क्यों किया गया और यदि आरोपों में सच्चाई थी तो इतनी जल्दी उसकी वापसी किस आधार पर हुई।
भाजपा पार्षदों से मांगा जवाब
पूर्व विधायक ने इस मामले में भाजपा पार्षदों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ पार्षदों ने संबंधित ऑडियो को एआई से तैयार अथवा फर्जी बताते हुए आरोपों को खारिज करने का प्रयास किया था। अब उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे नगर निगम सदन में प्रवासी समाज के सम्मान से संबंधित कोई प्रस्ताव लाएंगे और क्या अधिकारियों के वॉइस सैंपल की जांच कराने की मांग करेंगे।
ऑडियो की फॉरेंसिक जांच की मांग
नीरज शर्मा ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस जांच के दौरान शपथ पत्र देकर अपने पास उपलब्ध ऑडियो को सत्य एवं प्रामाणिक बताया है। उनका कहना है कि यदि ऑडियो में किसी प्रकार की छेड़छाड़ साबित होती है तो वह कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने अधिकारी ओमबीर सिंह और पूर्व पार्षद पति रविकांत भड़ाना से अपने वॉइस सैंपल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में जांच के लिए देने की मांग की। शर्मा ने कहा कि निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच से ही ऑडियो की वास्तविकता स्पष्ट हो सकती है।
निष्पक्ष जांच कराए सरकार
पूर्व विधायक ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उसके तथ्य सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रवासी समाज ने फरीदाबाद के औद्योगिक, सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में उसके सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा करना सरकार एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है।