बीआईआई ट्रेड कंपनी के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी, डायरेक्टर समेत चार आरोपी गिरफ्तार
अजमेर पुलिस की कार्रवाई, निवेश पर 8 से 12 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर लोगों को बनाया शिकार; कंपनी के खिलाफ कई राज्यों में दर्ज हैं मामले
अजमेर, 21 अक्टूबर। बीआईआई ट्रेड कंपनी के नाम पर निवेशकों को मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में अजमेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर लोकेश चौधरी और धीरज गटानी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर फर्जी ट्रेडिंग कंपनी बनाकर लोगों से निवेश कराने और उनकी रकम हड़पने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, कंपनी के खिलाफ राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी प्रकरण दर्ज हैं।
अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, आरोपियों ने किशनगढ़ जिले में बीआईआई ट्रेड कंपनी का गठन कर निवेशकों को कम समय में अधिक लाभ कमाने का प्रलोभन दिया। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर सेमिनार आयोजित किए गए और निवेशकों को कंपनी में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
8 से 12 प्रतिशत मुनाफे का दिया लालच
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने निवेशकों को कंपनी से जुड़ने पर 8 से 12 प्रतिशत तक मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। निवेशकों से प्राप्त रकम को ट्रेडिंग और अन्य निवेश गतिविधियों में लगाने का दावा किया गया। आरोप है कि लोगों से करोड़ों रुपये निवेश करवाने के बाद उनकी रकम हड़प ली गई।
जांच में सामने आया कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कंपनी की वेबसाइट पर निवेश की गई राशि को ऑनलाइन रुपये और डॉलर के रूप में प्रदर्शित किया जाता था। आरोपियों पर निवेशकों को अधिक मुनाफे का लालच देकर लगातार रकम जमा करवाने का आरोप है।
कई राज्यों में दर्ज हैं मामले
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, बीआईआई ट्रेड कंपनी के खिलाफ राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी मामले दर्ज हैं। अजमेर के किशनगढ़ और मदनगंज थाना क्षेत्रों में दर्ज प्रकरणों की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई की।
इस मामले में पुलिस ने लोकेश चौधरी, धीरज गटानी, हनुमान छापण और अब्दुल समद को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर निवेशकों से जुटाई गई रकम, कंपनी के नेटवर्क और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
निवेशकों की रकम वापस दिलाने के नाम पर भी ठगी का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर निवेशकों को रकम वापस दिलाने का भरोसा देकर उनसे संपर्क बनाए रखने और अलग-अलग तरीकों से निवेश करवाने का भी आरोप है। मामले में निवेशकों से संबंधित दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई अजमेर जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई। जांच में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, संबंधित वृत्ताधिकारी और किशनगढ़ क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों की भूमिका रही। पुलिस टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण में निवेशकों की संख्या, कुल ठगी की राशि और कंपनी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
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Ajmer, Ajmer | Oct 21, 2026