सड़क के दावे हवा में… प्रसूता आज भी डोली के सहारे!
बागेश्वर के थलीधार क्षेत्र में सड़क सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना हुआ है। जिला अस्पताल में प्रसव के बाद निशा देवी को करीब 4 किलोमीटर तक डोली के सहारे पैदल घर पहुंचाना पड़ा।
सोचिए… जिस दौर में विकास और सड़क कनेक्टिविटी के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, उसी दौर में एक प्रसूता को अस्पताल से घर तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों के कंधों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीण पिछले दो महीने से सड़क की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। बावजूद इसके समस्या जस की तस है।
सवाल सीधा है—आखिर थलीधार तक सड़क कब पहुंचेगी?
क्या किसी गंभीर मरीज के साथ अनहोनी होने के बाद ही शासन-प्रशासन जागेगा?
Dehradun, Dehradun | Sep 13, 2026