‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ अभियान के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला सिद्धपुरा में पुस्तकालय गतिविधियां आयोजित
‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ अभियान के अंतर्गत आज राजकीय प्राथमिक पाठशाला सिद्धपुरा में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न पठन-पाठन एवं पुस्तकालय आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों को विद्यालय के पुस्तकालय से पुस्तकें वितरित की गईं तथा कक्षा के अनुसार पुस्तकों का वर्गीकरण कर विद्यार्थियों को उनकी रुचि एवं स्तर के अनुरूप पुस्तकें उपलब्ध करवाई गईं।
गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों से उनके द्वारा पढ़ी गई पुस्तकों की विषय-वस्तु से संबंधित छोटे-छोटे प्रश्न पूछे गए, जिससे उनकी पठन समझ, अभिव्यक्ति एवं पुस्तक के प्रति रुचि को बढ़ावा मिला। बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पढ़ी गई कहानियों एवं पुस्तकों के बारे में अपने विचार भी साझा किए।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सरू, चम्बा से विद्यालय पहुंची जिला मीडिया एवं कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. कविता बिजलवान ने बताया कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत नेशनल बुक ट्रस्ट के सहयोग से विद्यालयों में पुस्तकालय की पुस्तकों के उपयोग एवं विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से बच्चों को पुस्तकों से जोड़ने, उनमें पठन संस्कृति विकसित करने तथा पढ़ी गई सामग्री को अपने शब्दों में अभिव्यक्त करने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की अध्यापिका अनुजा शर्मा की अध्यक्षता में पुस्तकालय की पुस्तकों पर आधारित विभिन्न गतिविधियां करवाई गईं। डाईट सरू, चंबा से पहुंचे प्रशिक्षुओं प्राची महाजन एवं निलेश कुमार ने भी विद्यार्थियों को पुस्तकालय के उचित एवं प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी दी तथा बच्चों के साथ शब्द-आधारित एवं पठन गतिविधियां करवाईं।
विद्यार्थियों ने सभी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया और उनका खूब आनंद लिया। गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में पुस्तकों के प्रति रुचि, नियमित पठन की आदत, शब्द-भंडार तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति को विकसित करना रहा।
ज्ञात रहे कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सरू, चंबा के प्रशिक्षु इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ पुस्तकालय एवं पठन आधारित गतिविधियां करवा रहे हैं। इसके माध्यम से विद्यालयों में उपलब्ध पुस्तकालय पुस्तकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा बच्चों में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
Chamba, Chamba | Aug 22, 2026