उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न
झाबुआ, थांदला एवं पेटलावद में आयोजित प्रशिक्षण में संकुल समन्वयक, संकुल प्राचार्य एवं जनशिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण
वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु मॉनिटरिंग, कक्षा संचालन एवं सामाजिक चेतना केन्द्रों के संचालन पर दिया गया विशेष बल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अंतर्गत संचालित उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत झाबुआ जिले के झाबुआ, थांदला एवं पेटलावद विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। प्रशिक्षण में संकुल समन्वयकों, संकुल प्राचार्यों एवं जनशिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए साक्षरता अभियान के प्रभावी संचालन, मॉनिटरिंग एवं लक्ष्य प्राप्ति संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के कुशल नेतृत्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत झाबुआ श्री जितेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन तथा राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल के नियंत्रक श्री राकेश दुबे के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण का उद्देश्य वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दक्षता प्रदान करना था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, सर्वेक्षण कार्य, शिक्षार्थियों की पहचान, कक्षा संचालन, नियमित अनुश्रवण तथा कार्यक्रम की प्रगति की मॉनिटरिंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही एनआईएलपी एप के माध्यम से असाक्षरों एवं अक्षर साथियों के पंजीयन, सत्यापन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझाया गया।
प्रशिक्षण में आगामी सितंबर माह में प्रस्तावित साक्षरता परीक्षा की तैयारियों पर विशेष चर्चा की गई। प्रतिभागियों को प्रत्येक विकासखंड एवं संकुल स्तर पर नियमित साक्षरता कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने, अधिक से अधिक शिक्षार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित कराने तथा प्रत्येक संकुल में मॉडल सामाजिक चेतना केन्द्र स्थापित कर उन्हें सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
राज्य स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर श्री प्रकाश पालीवाल झाबुआ, श्री दिलीप प्रजापत थांदला एवं श्री शंकर सिंह मकवाना पेटलावद ने प्रतिभागियों को अक्षर पोथी के पाठों के अध्यापन की प्रभावी विधि, वयस्क शिक्षण की तकनीक, शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग तथा व्यवस्थित एवं सहभागी कक्षा संचालन के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया।
पेटलावद की बीआरसी श्रीमती रेखा गिरी ने संकुल स्तर पर आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण की रूपरेखा, उसकी गंभीरता तथा ग्राम स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं उत्तरदायित्वों के संबंध में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक स्तर पर निर्धारित जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन किया जाए तो जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित समयावधि में प्राप्त किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि जिले में जिला एवं विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल आयोजन तथा लगभग सभी प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति से साक्षरता अभियान को नई गति मिली है। राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा वर्ष 2027 तक झाबुआ जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी प्रतिभागियों ने साक्षरता अभियान को जनभागीदारी के साथ गंभीरता एवं प्रतिबद्धता से संचालित करने का संकल्प व्यक्त किया।
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