रूद्रप्रयाग जिला अस्पताल में विजिलेंस की कार्रवाई से हड़कंप,, डॉक्टर को ले गई विजिलेंस की टीम!!
विकलांगता प्रमाणपत्र के नाम पर पांच हजार की रिश्वत,
करीब छह घंटे पूछताछ के बाद डॉक्टर अंकुर ठाकुर को साथ ले गई टीम,,
रुद्रप्रयाग में विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाने के एवज में पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप ने जिला अस्पताल कोटेश्वर में हड़कंप मचा दिया। शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अंकुर ठाकुर को कथित रिश्वत लेते पकड़ा। कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम ने डॉक्टर से करीब छह घंटे तक पूछताछ की और इसके बाद उन्हें अपने साथ ले गई।
जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए डॉक्टर के संपर्क में आया था। आरोप है कि प्रमाणपत्र बनाने के एवज में डॉक्टर की ओर से उससे पांच हजार रुपये की धनराशि की मांग की गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की सूचना विजिलेंस को दी।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले का सत्यापन कराया। शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टर को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया गया।
कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम ने डॉक्टर से अस्पताल परिसर में करीब छह घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान टीम ने मामले से जुड़े तथ्यों और शिकायत से संबंधित बिंदुओं की जानकारी जुटाई। पूछताछ पूरी होने के बाद टीम डॉक्टर को अपने साथ ले गई।
विजिलेंस की कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई विजिलेंस स्तर से की जा रही है। कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की तस्वीर और स्पष्ट होगी।