किसान हितैषी 15 नई कृषि तकनीकें और फसल किस्में ‘पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज’ में शामिल करने की अनुशंसा
एमपीयूएटी में दो दिवसीय ZREAC बैठक का समापन, 70 वैज्ञानिकों व अधिकारियों ने लिया भाग
उदयपुर, 29 सितम्बर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर में आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय अनुसंधान एवं विस्तार सलाहकार समिति (ZREAC) की बैठक का मंगलवार को समापन हुआ। बैठक में किसानों की समस्याओं, विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई कृषि तकनीकों, फसल किस्मों और कृषि विस्तार गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों, अधिकारियों तथा विभिन्न राजकीय विभागों के अधिकारियों सहित करीब 70 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पिछले एक वर्ष में अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किए गए अनुसंधान कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा भी की गई।
समापन सत्र में निदेशक अनुसंधान डॉ. मनोज कुमार महला ने मेवाड़ क्षेत्र की प्रमुख फसल मक्का के उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सीताफल सहित स्थानीय कृषि उपज के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), उदयपुर डॉ. सुधीर वर्मा ने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किसान हितैषी तकनीकों को प्रभावी रूप से ‘पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज’ में शामिल कर किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कृषि मशीनरी और आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रचार-प्रसार के साथ कृषि में बायोचार के उपयोग और मृदा स्वास्थ्य सुधार में इसकी भूमिका की जानकारी दी।
अतिरिक्त निदेशक कृषि, भीलवाड़ा डॉ. के.सी. मीणा ने विश्वविद्यालय के अनुसंधान कार्यों की सराहना करते हुए नई किस्मों और किसान हितैषी तकनीकों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कृषि उत्पादन के साथ उत्पादों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।
बैठक में वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा अनुसंधान को किसानों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
क्षेत्रीय अनुसंधान अधिकारी डॉ. एस.एस. लखावत ने बताया कि बैठक के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा विकसित 15 नई कृषि तकनीकों एवं फसल किस्मों को क्षेत्रीय फसलों की ‘पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज’ पुस्तिका में शामिल करने के लिए कृषि विभाग को अनुशंसा भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा 10 कृषि तकनीकी केन्द्रों (ATCs) से संबंधित तकनीकों और सिफारिशों को पुनरावलोकन के लिए कृषि तकनीकी केन्द्र, चित्तौड़गढ़ भेजने का निर्णय भी लिया गया।
Badgaon, Udaipur | Sep 29, 2026