"हम तो बस कुछ पलों के मेहमान हैं साहब!"—21 पेड़ों की लाचार चीख
बच्चों की छांव बेचने की अंदरूनी स्क्रिप्ट तैयार: कटकमसांडी प्लस टू स्कूल के 21 विशाल पेड़ों की 'सुपारी' से सनसनी!
गर्मी से तपते झारखंड में पेड़ों की बलि पर भड़का गुस्सा, जनता बोली— "विकास के नाम पर ये कैसा विनाश?"
हजारीबाग: एक तरफ पूरा देश भीषण गर्मी और ग्लोबल वार्मिंग से तप रहा है, बूंद-बूंद पानी और ऑक्सीजन के लिए त्राहि-त्राहि मची है, वहीं दूसरी तरफ हजारीबाग के कटकमसांडी से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पर्यावरण प्रेमियों के कलेजे को झकझोर कर रख दिया है। कटकमसांडी स्थित राजकीयकृत प्लस टू हाई स्कूल परिसर में सालों से शान से खड़े और स्कूल के बच्चों को अपनी ठंडी छांव में पालने वाले 21 विशाल यूकेलिप्टस (सफेदा) के पेड़ों पर मौत का साया मंडरा रहा है। विकास की अंधी दौड़ और प्रशासनिक फाइलों के बीच इन 21 'हरे संतों' को जड़ से काटने की पूरी पटकथा लिखी जा चुकी है, जिसके बाद पूरे इलाके का पारा चढ़ गया