कल मैंने कहा था कि सरकारें
एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रही हैं कि कौन कमजोर वर्गों का कितना ज्यादा उत्पीड़न कर सकता है।
लेकिन अब अधिकारी भी एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हैं कि कौन अपनी सरकार को कितना खुश कर सकता है।
कोई सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहा है, कोई संविधान की मूल भावना का उल्लंघन कर रहा है और कोई न्याय की पूरी संरचना को ही कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
चारों तरफ जिस तरह का वातावरण उत्तर प्रदेश, बंगाल, असम और उत्तराखंड में देखने को मिल रहा है, वह बेहद चिंताजनक है।
और जो लोग आज सत्ता में हैं, उन्हें पता नहीं क्यों लगता है कि वे हमेशा सत्ता में रहेंगे। उन्हें याद रखना चाहिए-कल भी न्यायपालिका रहेगी, कल भी मीडिया रहेगा, कल भी यही अधिकारी रहेंगे और कल भी ये फाइलें सामने आएंगी।
जब न्याय होगा, तब उन फाइलों को भी देखा जाएगा और उन फैसलों को भी देखा जाएगा।
नगीना सांसद, भाई चंद्र शेखर आजाद जी, सहारनपुर